ताज़ा खबर
 

मधुर भंडारकर का खुलासा-मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोकना चाहता था बॉलीवुड का एक गुट

जाने-माने फिल्म निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर ने खुलासा किया है कि बॉलीवुड का एक तबका नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पचा नहीं पा रहा। इसमें कई अभिनेता, फिल्म निर्माता और निर्देशक शामिल हैं।

Author नई दिल्ली | June 18, 2018 4:35 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर की मुलाकात की तस्वीर।

जाने-माने फिल्म निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर ने खुलासा किया है कि बॉलीवुड का एक तबका नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पचा नहीं पा रहा। इसमें कई अभिनेता, फिल्म निर्माता और निर्देशक शामिल हैं। वे मोदी को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना ही नहीं चाहते। छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक कार्यक्रम में मधुर भंडारकर ने कहा कि जब 2014 का लोकसभा चुनाव हो रहा था, उस वक्त फिल्म इंडस्ट्री दो गुटों में बंट गई थी। करीब 40 से 50 हस्तियां नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकजुट हो गईं थीं। सभी की कोशिश थी कि वे प्रधानमंत्री न बन सकें।

मधुर भंडारकर ने कहा कि मोदी विरोधी हस्तियों ने मंच बनाकर विरोध शुरू किया, जिसके जवाब में एक और गुट बना, जिसमें मैं और अनुपम खेर जैसे लोग जुड़े। मधुर भंडारकर ने दावा किया कि फिल्म इंडस्ट्री के ज्यादातर दिग्गज गहरी राजनीति करते हैं। भिलाई में अभिनय कार्यशाला का उद्घाटन करने आए मधुर भंडारकर ने आपातकाल पर आधारित फिल्म इंदू सरकार को लेकर भी सफाई दी। उन्होने कहा कि सिर्फ छह करोड़ रुपये में यह फिल्म बनकर तैयार हुई, ऐसे में फिल्म को बीजेपी की स्पॉन्सरशिप मिलने की बात बकवास है।इतने छोटे बजट की फिल्म के लिए बीजेपी से आर्थिक सहयोग लेने का आरोप लगाना हास्यास्पद है।

देश में कथित असहिष्णुता को लेकर पुरस्कार लौटाने के विरोध में अनुपम खेर, मालिनी अवस्थी के साथ 2015 में सड़क पर उतर चुके हैं मधुर भंडारकर(फाइल फोटो)

इस दौरान भंडारकर ने चुटकी लेते हुए कहा कि कभी बड़े बजट की फिल्म की जरूरत पड़ी तो बीजेपी से जरूर मांगूंगा। मधुर भंडारकर ने कहा कि दूरदर्शन ने इमरजेंसी को लेकर डॉक्यूमेंट्री बनाई और कई किताबें भी लिखी गईं, मगर इंदू सरकार का ही विरोध समझ से परे है। मधुर भंडारकर ने इस दौरान छत्तीसगढ़ सरकार को फिल्म इंडस्ट्री की बेहतरी के लिए कमेटी बनाने का सुझाव दिया। कहा कि छत्तीसगढ़ बहुत खूबसूरत है, यहां फिल्मों की शूटिंग हो सकती है।छत्तीसगढ़ में मराठी, तेलगू, तमिल सिनेमा की तरह लोकर इंडस्ट्री खड़ी हो सकती है।

बता  दें कि मधुर भंडारकर बीजेपी और नरेंद्र मोदी से अच्छे रिश्तों के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 2015 में जब देश में कथित असहिष्णुता को लेकर पुरस्कार वापसी का दौर चला था, तब मधुर भंडारकर अनुपम खेर, मालिनी अवस्थी आदि हस्तियों ने दिल्ली में राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी।तब सभी ने देश में असहिष्णुता को खारिज करते  हुए कहा था कि कुछ लोग देश को बदनाम करना चाहते हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App