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15 देशों ने दिया 6 vaccine को Approval, जानिए कौन सी है सबसे ज्यादा प्रभावी

एक्पर्ट ये भी मानते है अगर आपके पास विदेश में वैक्सीन लेने का विकल्प है तो आपके लिए फाइज़र की वैक्सीन सबसे बेहतर रहेगी, क्योंकि इसका तीन हफ्तों से ज्यादा समय से इस्तेमाल हो रहा है औऱ हमारे पास रियल वर्ल्ड डाटा मौजूद है। अब सवाल है कि आपके लिए वैक्सीन लेना कितना जरूरी है?

Covid Vaccinesकोरोना वायरस के टीके और उनकी प्रतिरक्षा क्षमता। (फोेटो- इंडियन एक्सप्रेस)

दुनिया में अभी तक करीब 15 देशों ने वैक्सीन को हरी झंडी दे दी है। इनमें से सिर्फ 6 वैक्सीन को मंजूरी मिली है। भारत ने एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड (Covishield) और भारत बायोटेक की स्वदेश में विकसित वैक्सीन कोवैक्सीन (Covaxine) को मंजूरी दी है। अब सवाल यह है भारतीयों के लिए कौन सी वैक्सीन बेहतर है। इंडियन एक्सप्रेस समूह के एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत गोयनका ने जब यही सवाल बॉम्बे हॉस्पिटल के फिजिशियन और क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ. संजय सी. वागले से किया तो जवाब में उन्होंने कहा, “भारत में हमारे पास सिर्फ दो ही विकल्प हैं, ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन। फाइज़र और मॉडर्ना की वैक्सीन फिलहाल भारत में उपलब्ध नहीं हैं।

उन्होंने कहा, जहां तक अभी तक की स्थिति है सिर्फ एक ही वैक्सीन है जिसने फेस थ्री ट्रायल पूरा किया है। फेस वन और फेस टू सेफ्टी को लेकर होता है, फेस थ्री यह तय करता है कि वैक्सीन कितनी प्रभावशाली है। अभी तक सिर्फ ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन ने फेस थ्री स्टडी पूरी की है, भारत बायोटेक ने नवंबर में फेस थ्री स्टडी शुरू की, जिसका डाटा मार्च तक आने की उम्मीद है। तो फिलहाल भले ही कहने के लिए हमारे पास दो वैक्सीन है, मगर असलियत में सिर्फ एक वैक्सीन है, जिसके प्रभावशाली होने का डाटा हमारे पास मौजूद है। हालांकि सैद्धांतिक तौर पर मुझे भारत बायोटेक की वैक्सीन ज्यादा रुचिकर लगती है। स्टैडर्ड अप्रोच है, साथ ही बी-सेल और टी-सेल इम्युनिटी दोनों बढ़ाने में मददगार है, मगर अभी तक इसके प्रभाव का पूरा डाटा हमारे पास नहीं है। ऐसे में अगर जनवरी के पहले हफ्ते में मुझसे पूछेंगे तो मैं कहूंगा कि फिलहाल हमारे पास एक ही वैक्सीन है ऑक्सफोर्ड की।

एक्पर्ट ये भी मानते है अगर आपके पास विदेश में वैक्सीन लेने का विकल्प है तो आपके लिए फाइज़र की वैक्सीन सबसे बेहतर रहेगी, क्योंकि इसका तीन हफ्तों से ज्यादा समय से इस्तेमाल हो रहा है औऱ हमारे पास रियल वर्ल्ड डाटा मौजूद है। अब सवाल है की आपके लिए वैक्सीन लेना कितना जरूरी है?

इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत गोयनका ने कहा, मैं आपका मरीज़ हूं, मेरी उम्र 34 साल है, मैं अगर आपके पास आकर पूछता हूं कि डॉक्टर साहब मैं ये वैक्सीन लूं या नहीं? तो उन्होंने कहा, अगर आपकी उम्र ज्यादा है या आपको बीमारी है तो मैं समझता हूं कि वैक्सीन लेना ही सुरक्षित है, क्योंकि ऐसे में आपके संक्रमित होने का खतरा कहीं ज्यादा होता है। लेकिन उम्र कम है और आप खुद पर नियंत्रण के साथ रह सकते हैं तो मेरी सलाह होगी कि आपको कुछ महीने इंतजार कर लेना चाहिए, क्योंकि तब तक आपको वैक्सीन के असर और उसके साइड इफेक्ट दोनों का पता चल जाएगा।

वैक्सीन लेने या नहीं लेने का निर्णय पूरी तरह आप पर होगा, लेकिन एक्पर्ट मानते हैं महामारी की चैन तोड़ने के लिए आपको वैक्सीन लेनी चाहिए। फाइजर और मॉडर्ना के मुकाबले कोवीशील्ड भले ही कम प्रभावी है, लेकिन भारत के वातावरण और स्थिति के हिसाब कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों बिल्कुल अनूकूल हैं।

ये है दुनिया की 6 वैक्सीन का Success rate ?

वैक्सीन———————————————-कितने फीसदी प्रभावी

Pfizer-BioNTech———————————–95 फीसदी प्रभावी
मॉडर्ना———————————————95 फीसदी
Sputnik V vaccine———————————91 फीसदी
ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका———————————70 फीसदी
सिनोफार्म——————————————-79 फीसदी
भारत बायोटेक—————————————70 फीसदी

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