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‘गुपकार घोषणा’ का अध्यक्ष बनते ही बोले फारुख अब्दुल्ला- धर्म के आधार पर बांटा, 1 महीने के अंदर कागजात लाकर करेंगे झूठ का पर्दाफाश, BJP का विरोध राष्ट्र विरोध नहीं

नेकां अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उन्होंने देश के संविधान को नष्ट करने की कोशिश की है, उन्होंने राष्ट्र को विभाजित करने की कोशिश की है, हमने देखा कि संघीय ढांचे को तोड़ने के लिए उन्होंने पिछले साल पांच अगस्त को क्या किया था।’’

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर का पूर्ववर्ती विशेष दर्जा बहाल कराने के वास्ते संघर्ष करने के लिए पीएजीडी को बनाया गया है। (फोटो एएनआई)

श्रीनगर में ‘पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर घोषणा’ के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यह एक राष्ट्र-विरोधी जमात नहीं है, हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के अधिकारों को बहाल किया जाए। हमें धर्म के नाम पर विभाजित करने के प्रयास विफल होंगे। यह धार्मिक लड़ाई नहीं है। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि हाल ही में गठित ‘‘पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकर डिक्लेयरेशन’’ (पीएजीडी) एक भाजपा विरोधी मंच है न कि देश विरोधी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको बताना चाहता हूं कि भाजपा द्वारा यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि पीएजीडी एक देश विरोधी मंच है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि यह सच नहीं है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह भाजपा विरोधी है लेकिन यह देश विरोधी नहीं है।’’

बैठक के बाद सज्जाद लोन ने संवाददाताओं से कहा कि यह गठबंधन अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए के बाद, पिछले एक साल में जम्मू कश्मीर में चल रहे शासन पर एक महीने में श्वेत पत्र लाएगा। उन्होंने कहा कि, यह श्वेत पत्र शब्दों की बुनावट नहीं होगा। यह जम्मू कश्मीर और देश के लोगों के सामने असलियत पेश करने के लिए तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित होगा। एक धारणा बनाई जा रही है कि केवल जम्मू कश्मीर में भ्रष्टाचार हुआ था। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) का शनिवार को सर्वसम्मति से अध्यक्ष एवं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को उपाध्यक्ष चुन लिया गया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता युसूफ तारिगामी इस गठबंधन के संयोजक हैं जबकि पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद लोन उसका प्रवक्ता नामित किया गया है।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर का पूर्ववर्ती विशेष दर्जा बहाल कराने के वास्ते संघर्ष करने के लिए पीएजीडी को बनाया गया है। इसके अध्यक्ष श्रीनगर से लोकसभा सांसद अब्दुल्ला चुने गये हैं। उन्हें पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के आवास पर हुई पीएजीडी की पहली बैठक के बाद अध्यक्ष चुना गया। अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने जैसे कृत्यों के माध्यम से संघीय ढांचे को तोड़ने की कोशिश की है।

नेकां अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उन्होंने देश के संविधान को नष्ट करने की कोशिश की है, उन्होंने राष्ट्र को विभाजित करने की कोशिश की है, हमने देखा कि संघीय ढांचे को तोड़ने के लिए उन्होंने पिछले साल पांच अगस्त को क्या किया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह (पीएजीडी) एक देश विरोधी जमात नहीं है। हमारा लक्ष्य है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों के अधिकार सुनिश्चित हों। यही हमारी लड़ाई है, हमारी लड़ाई इससे ज्यादा के लिए नहीं है।’’

अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा जम्मू और देश के अन्य हिस्सों में पीएजीडी में शामिल घटकों के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘वे धर्म के नाम पर हमें (जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों को) बांटने की कोशिश कर रहे हैं। यह प्रयास सफल नहीं होगा। यह धार्मिक लड़ाई नहीं है, यह हमारी पहचान की लड़ाई है और उस पहचान के लिए हम एक साथ खड़े हैं।’’

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