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किसानों ने दी सरकार को चेतावनी, चार को नतीजा न निकला तो उठाएंगे कड़े कदम

सिंघू सीमा पर किसान नेताओं ने मुख्य मांगों के पूरा नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। दिल्ली के घेराव के लिए और किसान पहुंचेंगे। हरियाणा में सभी मॉल और पेट्रोल पंप बंद कराए जाएंगे और छह को विरोध स्वरूप ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा।

Author नई दिल्ली | Updated: January 2, 2021 6:49 AM
farmers protestअपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते किसान। (फाइल फोटो।)

तीन नए कृषि कानूनों को रद्द करने और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी दिए जाने की अपनी मांगों पर अड़े किसान संगठनों ने शुक्रवार को कहा कि अगर सरकार चार जनवरी को हमारे पक्ष में फैसला नहीं लेती है तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। सिंघू सीमा पर किसान नेताओं ने अपनी मुख्य मांगों के पूरा नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। दिल्ली के घेराव के लिए और किसान पहुंचेंगे। हरियाणा में सभी मॉल और पेट्रोल पंप बंद कराए जाएंगे और छह जनवरी को विरोध स्वरूप ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा।

किसान नेताओं ने कहा कि सरकार के साथ अब तक हुई बैठकों में किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों में से केवल पांच फीसद पर चर्चा हुई है। किसान नेता विकास ने कहा, ‘अगर सरकार के साथ चार जनवरी की बैठक में गतिरोध दूर नहीं होता है तो हम हरियाणा में सभी मॉल, पेट्रोल पंपों को बंद करने की तारीखों की घोषणा करेंगे।’ स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि हरियाणा-राजस्थान सीमा पर शाहजहांपुर में प्रदर्शन कर रहे किसान भी राष्ट्रीय राजधानी की ओर आगे बढ़ेंगे। एक अन्य नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि अगर अगले दौर की बातचीत में कोई ठोस फैसला नहीं हुआ तो छह जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा।

बुधवार को छठे दौर की औपचारिक वार्ता में सरकार और किसान संगठनों के बीच बिजली की दरों में वृद्धि और पराली जलाने पर जुर्माना को लेकर किसानों की चिंताओं के हल के लिए कुछ सहमति बनी। लेकिन तीन कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी के मुद्दों पर गतिरोध कायम रहा।

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हजारों किसानों के 41 सदस्यीय प्रतिनिधि समूह और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच वार्ता के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चार विषयों में से दो मुद्दों पर पारस्परिक सहमति के बाद 50 फीसद समाधान हो गया है और शेष दो मुद्दों पर चार जनवरी को दोपहर दो बजे चर्चा होगी।

अगले दौर की वार्ता से उम्मीद : तोमर
प्रदर्शनकारी किसानों के साथ अगले दौर की बातचीत को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बेहतर नतीजा निकलने की उम्मीद जताई है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि सरकार चार जनवरी को किसान संगठनों के साथ होने वाली बैठक में सकारात्मक नतीजे की उम्मीद कर रही है। हालांकि, वे यह कहने से बचते नजर आए कि चार को वार्ता अंतिम होगी। उन्होंने कहा कि वह ज्योतिषी नहीं हैं। आगे भी बातचीत जारी रह सकती है।

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