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किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को किया खारिज, कहा पूरी तरह रद्द हो कानून; बोले- व्यर्थ नहीं जाएगा किसानों का बलिदान

किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्रहण ने बताया कि शुक्रवार को वे सरकार से मिलेंगे और उन्हें स्पष्ट तौर पर बता देंगे कि जब तक पूरी तरह से तीनों कानूनों को खत्म नहीं किए जाता है, तब तक हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

demandअपनी मांगों को लेकर धरना पर बैठे किसान।फाइल फोटो।

संयुक्त किसान मोर्चा की आम सभा में सरकार द्वारा बुधवार को रखे गए प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह रद्द करने और सभी किसानों के लिए सभी फसलों पर लाभदायक एमएसपी के लिए एक कानून बनाने की मांग करते हुए किसानों ने आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई। संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन के 58वें दिन गुरुवार को एक प्रेस नोट जारी कर अपने फैसले से सरकार को आगाह किया। आंदोलन में अब तक शहीद हुए 147 किसानों को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि इनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. दर्शन पाल की ओर से जारी प्रेस नोट में किसान नेताओं ने बताया कि 26 जनवरी को रिंग रोड पर हर हाल में अपनी परेड करेंगे। पुलिस-प्रशासन की मनाही के बावजूद किसान अपनी बात पर दृढ हैं। किसानों ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण चल रहा है और अब यह देशव्यापी हो चुका है। कर्नाटक में अनेक स्थानों पर वाहन रैलियों के माध्यम से किसान गणतंत्र दिवस के लिए एकजुट हो रहे है। केरल में भी कई जगह किसान ट्रैक्टर मार्च निकाल रहे है।

उत्तराखंड के बिलासपुर और रामपुर समेत अन्य जगहों पर किसान ट्रैक्टर मार्च कर दिल्ली की किसान परेड की तैयारी में जुटे हुए हैं। छत्तीसगढ़ में किसान 23 जनवरी को राजभवन का घेराव करेंगे और एक जत्था दिल्ली की तरफ भी रवाना होगा।

किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्रहण ने मीडिया से कहा कि सरकार के प्रस्ताव अस्वीकार्य हैं। शुक्रवार को किसान यूनियन के सभी नेता सरकार से मिलेंगे और उन्हें स्पष्ट तौर पर बता देंगे कि जब तक पूरी तरह से तीनों कृषि कानून खत्म नहीं किए जाते हैं तब तक हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

इससे पहले किसानों ने बताया कि कई जगह किसानों को पुलिस परेशान कर रही है। बताया कि नवनिर्माण किसान संगठन की ओडिसा से चली ‘किसान दिल्ली चलो यात्रा’ में शामिल किसानों को उत्तर प्रदेश पुलिस बार बार परेशान कर रही है। उनको रूट बदलने से लेकर बैठकें न करने तक के निर्देश दिए जा रहे है। कहा कि हम प्रशासन के इस बर्ताव का विरोध करते है। मजदूर किसान शक्ति संगठन के नेतृत्व में किसान, मजदूर और आम लोग शाहजहांपुर बॉर्डर पहुंच रहे है। कठपुतली और गीतों के माध्यम से नव उदारवादी नीतियों का विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

कहा कि कोलकाता में तीन दिन का विशाल महापड़ाव 20 जनवरी से 22 जनवरी तक होगा। इस विशाल कार्यक्रम में हज़ारों लोग भाग ले रहे हैं। बताया कि आगे इसे और भी तेज होने की संभावना है।

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