ताज़ा खबर
 

भारत को US सांसदों की सलाह- लोकतंत्र के मानक बनाए रखें, इंटरनेट बंद किए बिना शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने दें

वैसे, किसान प्रदर्शन स्थलों पर इंटरनेट कटौती के मसले पर चार फरवरी को अमेरिकी प्रशासन ने टिप्पणी की थी। कहा था, सूचना की निर्लिप्त पहुंच (इंटरनेट शामिल) अभिव्यक्ति की आजादी का मूल अधिकार है और संपन्न लोकतंत्र की बानगी है।

Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली | Updated: February 8, 2021 9:53 AM
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के बॉर्डर्स (सिंघु, गाजीपुर और टिकरी) पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। रविवार को चरखी दादरी में महापंचायत हुई, जिसे BKU और खाप पंचायत द्वारा आयोजित किया गया था। (फोटोः पीटीआई)

किसान आंदोलन के बीच अमेरिका के सांसदों ने भारत को सलाह दी है कि वह लोकतंत्र के मानकों को बनाए रखे। केंद्र सरकार इंटरनेट बंद किए बगैर आंदोलनकारियों को शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने दे।

यूएस डेमोक्रेटिक कांग्रेसी नेता और कांग्रेशनल इंडिया कॉकस में उपाध्यक्ष ब्रैड शेरमैन ने कहा, “मैंने भारत सरकार से अपील की है कि वह लोकतंत्र के मानकों को बरकरार रखे और प्रदर्शनकारियों को शांति के साथ प्रदर्शन करने दिया जाए। उन्हें और पत्रकारों को इंटरनेट की सुविधा मिले। भारत के सभी दोस्त उम्मीद करते हैं कि सभी पक्ष (आंदोलन के) जल्द ही किसी सहमति पर पहुंचेंगे।”

अमेरिका में भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने ट्वीट किया, “हाउस कॉकस ऑन इंडिया और इंडियंस अमेरिकंस फॉर दि 117 कांग्रेस नेतृत्व के साथ विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। भारत-यूएस के बीच रिश्तों को मजबूत करने के मकसद से काम करने के लिए हम आगे बढ़ेंगे।” हमारे सहयोगी अखबार ‘The India Express’ को सूत्रों ने बताया- अमेरिकी कांग्रेस सदस्य ने विभिन्न मसलों पर चर्चा की थी, जिसमें किसानों का मुद्दा भी शामिल था।

Uttarakhand Glacier Burst LIVE Updates

वैसे, किसान प्रदर्शन स्थलों पर इंटरनेट कटौती के मसले पर चार फरवरी को अमेरिकी प्रशासन ने टिप्पणी की थी। कहा था, सूचना की निर्लिप्त पहुंच (इंटरनेट शामिल) अभिव्यक्ति की आजादी का मूल अधिकार है और संपन्न लोकतंत्र की बानगी है। बता दें कि अमेरिकी सांसदों की यह टिप्पणी 2019 के आखिर के महीनों में कृषि कानूनों के खिलाफ शुरू हुए इस आंदोलन के बाद पहली बार आई है।

क्या है पूरा मामला?: दरअसल, गृह मंत्रालय ने दिल्ली की सिंघू, गाजीपुर और टीकरी सीमाओं पर इंटरनेट सेवाओं को किसानों के ‘चक्का जाम’ आह्वान के मद्देनजर शनिवार की रात 12 बजे तक निलंबित करने का आदेश दिया था। मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, दूरसंचार सेवाओं के अस्थायी निलंबन (सार्वजनिक आपातकालीन या सार्वजनिक सुरक्षा) नियम, 2017 के तहत सार्वजनिक सुरक्षा को बनाये रखने के लिए यह निर्णय लिया गया।

इससे पहले सिंघू, गाजीपुर और टीकरी सीमाओं और इनके आसपास के इलाकों में 29 जनवरी की रात 11 बजे से 31 जनवरी की रात 11 बजे तक इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने के आदेश दिये गये थे।

बाद में इंटरनेट सेवाओं के निलंबन की अवधि को दो फरवरी तक बढ़ा दिया गया था। बता दें कि कि किसानों की ‘‘ट्रैक्टर परेड’’ के दौरान व्यापक पैमाने पर हुई हिंसा के कारण 26 जनवरी को दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। केन्द्र के तीन नये कृषि कानूनों को निरस्त किये जाने की मांग को लेकर किसान दिल्ली के सिंघू, गाजीपुर और टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। (भाषा-पीटीआई इनपुट्स के साथ)

Next Stories
1 Uttarakhand Glacier Burst: तपोवन टनल के अंदर जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन, 35 लोगों के फंसे होने की आशंका
2 BJP की उमा ने मंत्री रहते किया था आगाह, ग्लेशियर हादसे पर कहा- गंगा, सहायक नदियों पर पनबिजली प्रोजेक्ट के थी खिलाफ
3 पुरस्कार वापसी का चौतरफा दबाव
ये पढ़ा क्या?
X