ऐंकर से आंदोलन का आइ़डिया पूछने लगे राकेश टिकैत, बोले- आप बाहर घूमकर आईं, बता दीजिए तरीका

अंजना ने कहा कि जो भी मोदी सरकार के खिलाफ है वह आपके साथ है। ऐसे में वीडियो में कुछ लोग बस वाले को मारते दिख रहे हैं। वहीं कुछ के हाथ में आरजेडी का झंडा है। तो क्या ऐसा होना चाहिए। इसपर टिकैत ने कहा, “समझाते हैं इनको। ये सब बीजेपी ही सिखाता है। इनके फोटो देखते हैं ये कौन लोग हैं।”

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भारतीय किसान संघ (BKU) के नेता राकेश टिकैत। (express file)

मोदी सरकार के तीन कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन पिछले 10 महीने से जारी है। इसी बीच न्यूज़ चैनल “आज तक” से बात करते हुए भारतीय किसान संघ (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि लड़ाई झगड़े की बातें बीजेपी वाले ही सीखते हैं। हमने मुजफ्फरनगर में इतनी बड़ी पंचायत की वहां कुछ नहीं हुआ।

दरअसल चैनल की एंकर अंजना ओम कश्यप ने एक वीडियो दिखाते हुए किसान आंदोलन पर सवाल खड़े किए। अंजना ने कहा कि जो भी मोदी सरकार के खिलाफ है वह आपके साथ है। ऐसे में वीडियो में कुछ लोग बस वाले को मारते दिख रहे हैं। वहीं कुछ के हाथ में आरजेडी का झंडा है। तो क्या ऐसा होना चाहिए। इसपर टिकैत ने कहा, “समझाते हैं इनको। ये सब बीजेपी ही सिखाता है। इनके फोटो देखते हैं ये कौन लोग हैं।”

इसपर एंकर ने कहा, “आप लंबे समय से बैठे है, आपकी कोई सुन नहीं रहा। इसीलिए ऐसे तरीके आप बीच मैं अपनाते रहते हैं। इसपर टिकैत ने कहा, “आपको तो बहुत तजुरबा है। एक ज्ञान आप भी दे दो, कैसे करें आंदोलन। आप बाहर गए हो, घूम कर आ गए। एक आइडिया दे दो हमें। कैसे हमारी सरकार बात सुनेगी।”

केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते टिकैत ने कहा कि ये देश की सारी जमीने बेच खाएंगे। मंडियां बेच दी हैं। किसान नेता ने कहा, “देश की पूरी संपत्ति को बिक्री के लिए रख दिया गया है और आने वाले दिनों में देश में ‘कंपनी राज’ देखने को मिलेगा।”

वहीं छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के राजिम कस्बे में मंगलवार को टिकैत ने किसान महापंचायत को संबोधित किया और युवाओं से भूमि, फसल और आने वाली पीढ़ी को बचाने के लिए किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के तत्वावधान में सैकड़ों किसानों ने इस महापंचायत में भाग लिया।

टिकैत ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब किसानों को अपना ​हसिया (कृषि उपकरण) छोड़कर क्रांति की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि हमें केंद्र की तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ना है। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 10 महीनों से विरोध कर रहे हैं और अगर हमारी मांगें पूरी नहीं की गईं तब सभी राज्यों की राजधानी में यह आंदोलन होगा।

उन्होंने कहा कि किसानों को सब्जियों और दूध सहित उनकी हर उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए। टिकैत ने कहा कि जब तक केंद्र कानून वापस नहीं लेता है तब तक किसानों को पीछे नहीं हटना है। उन्होंने कहा कि आपको इस आंदोलन का समर्थन करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली विरोध विफल रहता है, तब भविष्य में ऐसा कोई आंदोलन नहीं हो पाएगा।

केंद्र की नीतियों पर निशाना साधते हुए किसान नेता ने कहा कि रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह और एलआईसी (निजी हाथों को) बेचे जा रहे हैं और देश की पूरी संपत्ति को बिक्री के लिए रखा गया है। टिकैत ने आरोप लगाया कि वह देश को लूटने आए हैं और वह चाहते हैं कि सब कुछ निजी क्षेत्रों के हाथों में चला जाए। उन्होंने दावा किया कि इससे देश जल्द ही ‘कंपनी राज’ को देखेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसानों को निशाना बनाया जा रहा है तथा अगला निशाना मीडिया होगा।

टिकैत ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि वह देश को जाति और धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आपको उनकी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए और केवल एक ही बात जाननी चाहिए कि हम सभी एक ही समुदाय के हैं वह समुदाय किसान है।

उन्होंने युवाओं से विरोध में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन को जन-जन तक ले जाना होगा। देश को युवाओं द्वारा क्रांति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को युवाओं को ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब

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