पंजाब के किसान सबसे अमीर, 6500 रुपए/महीने भी नहीं है देश के किसान की औसत कमाई

बिहार में किसान की हर महीने की कमाई 3,557 रुपये है जबकि वहीं पंजाब के किसान की महीने भर में कमाई 18,059 रुपये है यानी पंजाब के किसान औसतन बिहार के किसान से 6 गुना अधिक कमाते हैं।

farm billsतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (पीटीआई)

‘बिजनेस टुडे’ के मुताबिक देश के किसान की सालाना औसतन आय 77,124 रुपये है यानी तकरीबन 6,427 रुपये प्रति माह। 6223 रुपये का खर्च अगर वह कर देता तो उसके पास बचत करने को कुछ नहीं रह जाता है। ये आंकड़े साल 2013 के कृषि सर्वेक्षण पर आधारित हैं। वहीं, देश में सबसे अधिक आय पंजाब के किसानों की है तो वहीं सबसे कम आय बिहार के किसानों की है। बिहार में किसान की हर महीने की कमाई 3,557 रुपये है जबकि वहीं पंजाब के किसान की महीने भर में कमाई 18,059 रुपये है यानी पंजाब के किसान औसतन बिहार के किसान से 6 गुना अधिक कमाते हैं।

राष्ट्रीय औसत से कमतर कमाने वाले किसानों की बात की जाए तो इसमें बिहार, पश्चिम बंगाल,झारखंड,उत्तर प्रदेश,ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के किसान हैं। वहीं राष्ट्रीय औसत से ऊपर पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर,केरल, कर्नाटक, गुजरात,महाराष्ट्र,राजस्थान,तमिलनाडु और असम के किसानों की आय है।

गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली कूच किए हुए हैं। दिल्ली की सीमाओं पर किसान डटे हुए हैं और कानूनों को वापिस लेने की मांग कर रहे हैं। किसानों का तर्क है कि इन कानूनों की मदद से सरकार खेती को कॉरपोरेट के हाथों में सौंपना चाहती है यही नहीं इससे किसान भूमिहीन हो जाएगा।

किसानों का कहना है कि उनके राज्य में पहले से जो मंडी की व्यवस्था है सरकार उसमें सुधार करने की जगह नई मंडी बनाना चाहती है जहां किसानों को एमएसपी मिलेगी भी या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। सरकार और किसानों के बीच कई दौर की बातचीत चली है जिसका कोई खास नतीजा नहीं निकल सका है। सरकार जहां लिखित रूप में एमएसपी का वादा कर रही है तो वहीं किसान तीन कानूनों की वापसी से कम में राजी नहीं हैं।

बुधवार को जहां सरकार ने किसानों को प्रस्ताव दिया था कि सरकार कानूनों में संशोधन करने को राजी है तो वहीं किसानों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। किसान अब 14 दिसंबर को देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने आपस में बैठक कर इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। हालांकि किसान सरकार से बातचीत जारी रखेंगे। किसानों ने बीजेपी नेताओं के बहिष्कार की भी योजना बनाई है।

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