ताज़ा खबर
 

किसान आंदोलन का जिक्र किये बगैर बोले PM- पॉलिसी में अंतर हो सकता है, वाद-संवाद संसद के भीतर हों या संसद के बाहर, राष्ट्रसेवा का संकल्प है जरुरी

आपको बता दें कि पिछले दो हफ्तों से किसानों का आंदोलन जारी है। किसान यूपी, हरियाणा के बॉर्डर पर जमे हुए हैं और कानून वापस लिये जाने पर ही आंदोलन खत्म करने की बात कह रहे हैं।

PM MODI, FARMERS PROTESTपीएम मोदी ने गुरु नानक देव की सीख याद दिलाई। फोटो सोर्स – ANI

नये कृषि कानून को रद्द करने की मांग को लेकर सड़क पर किसानों का आंदोलन जारी है। किसान कानून को पूरी तरह से हटाए जाने के पक्ष में हैं जबकि सरकार बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में। इस बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन की आधारशिला भी रखी। पीएम ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ‘देश में अब भारतीयता के विचारों के साथ नई संसद बनने जा रही है, हम देशवासी मिलकर संसद के नए भवन को बनाएंगे। जब भारत अपनी आजादी के 75वें साल का जश्न मनाएगा, तब संसद की इमारत उसकी प्रेरणा होगी।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहीं भी किसान आंदोलन का जिक्र नहीं किया। बगैर किसानों के आंदोलन का जिक्र किये पीएम ने गुरु नानक देव की कही बातें याद दिलाई। उन्होंने कहा कि ‘सिख गुरु नानक देव ने कहा है जबतक दुनिया रहे, तबतक संवाद चलते रहना चाहिए..लोकतंत्र में आशावाद को जगाए रखना, हमारा दायित्व है। देश में पॉलिसी में अंतर हो सकता है, लेकिन हमारा अंतिम लक्ष्य पब्लिक सर्विस ही है। ऐसे में वाद-संवाद संसद के भीतर हों या संसद के बाहर, राष्ट्रसेवा का संकल्प, राष्ट्रहित के प्रति समर्पण लगातार झलकना चाहिए।’

आपको बता दें कि पिछले दो हफ्तों से किसानों का आंदोलन जारी है। किसान यूपी, हरियाणा के बॉर्डर पर जमे हुए हैं और कानून वापस लिये जाने पर ही आंदोलन खत्म करने की बात कह रहे हैं। इधर गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ‘हम ठंड के इस मौसम और कोविड- 19 महामारी के बीच किसानों के प्रदर्शन को लेकर चिंतित हैं।

सरकार किसानों के जो भी मुद्दे हैं उनके बारे में कोई भी प्रावधान करने पर खुले मन से विचार करने के लिए तैयार है, ताकि किसानों की शंका को दूर किया जा सके।’ कृषि मंत्री ने आगे कहा कि ‘हमने बहुत योजना पूर्वक, बहुत ध्यान रखते हुए कि किसान की माली हालत कैसे सुधर सकती है? बहुत अच्छा करने के लिए ही यह कानून लाया।’

किसानों से बातचीत के सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि ‘कुल मिलाकर आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस का मतलब यही है कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं। जब भी बातचीत की बात होगी हम तैयार हैं।’

Next Stories
1 नए संसद भवन का शिलान्यास कर बोले मोदी- राष्ट्र हित सबसे ऊपर, यह इमारत आत्मनिर्भर भारत का नमूना होगी
2 टीआरपी फ़्रॉड केस में रिपब्लिक टीवी, अर्नब गोस्वामी की कोर्ट से गुहार- बंद कराइए मुंबई पुलिस की जांच, हमारे अफ़सर की हो रही पिटाई
यह पढ़ा क्या?
X