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कृषि बिल के खिलाफ दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ता का प्रदर्शन

भारतीय किसान यूनियन, हरियाणा ने प्रदेश भर में सड़क जाम आंदोलन का आह्वान किया है। विरोध प्रदर्शन कर रहे भाकियू नेताओं का दावा है कि उन्हें 17 किसान यूनियनों का समर्थन हासिल है।

farmer protest, farmer protest in haryana, farmer protest todayतीन किसान बिलों को लेकर पंजाब के पटियाला में विभिन्न कृषि संगठनों से जुड़े अन्नदाता केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए। (फाइल फोटोः PTI)

सदन से पास हुए कृषि विधेयक का पंजाब और हरियाणा में सबसे ज्यादा विरोध किया जा रहा है। दरअसल इसकी वजह इस विधेयक का वो प्रावधान है, जिसमें किसानों को अपनी फसल कहीं पर भी बेचने की छूट दी गई है। इसका असर क्या होगा कि अभी तक जिस तरह से किसान मंडियों में अपनी फसल बेचते थे, वैसे अब वो देश के किसी भी हिस्से में अपनी फसल बेच सकेंगे। हालांकि इससे मंडियों की अहमियत घटेगी।

पंजाब और हरियाणा में चूंकि मंडियों का बड़ा नेटवर्क है और काफी व्यवस्थित भी है। जिसकी वजह से किसान मंडियों में अपनी फसल को बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं लेकिन नए विधेयक में मंडियों के अहमियत कम होने की आशंका से किसान सड़कों पर उतर आए हैं। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। दरअसल सरकार ने किसानों से फसल खरीद की बात नहीं की है, जिससे किसानों में एमएसपी को लेकर अनिश्चितता है।

बता दें कि हरियाणा में कृषि विधेयक के विरोध में किसान खुलकर सामने आ गए हैं। भारतीय किसान यूनियन, हरियाणा ने प्रदेश भर में सड़क जाम आंदोलन का आह्वान किया है। विरोध प्रदर्शन कर रहे भाकियू नेताओं का दावा है कि उन्हें 17 किसान यूनियनों का समर्थन हासिल है। वहीं हरियाणा सरकार ने बातचीत की पेशकश की है लेकिन किसान विरोध प्रदर्शन पर अड़े हैं। बहरहाल हालात देखते हुए राज्य में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। विरोध प्रदर्शन में आढ़तिया या कमीशन एजेंट भी शामिल हुए हैं।

इस बीच, पंजाब युवा कांग्रेस भी इन विधेयकों के खिलाफ पंजाब से दिल्ली तक ”ट्रैक्टर रैली” निकाल रही है। रैली मोहाली जिले से शुरू हुई और राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंबाला से होते हुए दिल्ली आ रही है। हरियाणा-पंजाब सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस विभाग के सूत्रों ने यह जानकारी दी।

Live Blog

Highlights

    15:53 (IST)21 Sep 2020
    तीसरी किसान रेल आज पहुंचेगी दिल्ली

    रेलवे की ओर से चलाई गई तीसरी किसान रेल दो दिनों में बंगलुरू से दिल्ली पहुंचेगी। इस तीसरी किसान रेल को बंगलुरू सिटी के KSR रेलवे स्टेशन से चलाया गया। ये ट्रेन बंगलुरू से 30 टन सब्जियां, फल सहित अन्य एग्रीकल्चर प्रोडक्ट लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई। ट्रेन संख्या 00625, 21 सितम्बर को निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी।

    15:25 (IST)21 Sep 2020
    बिल से जुड़ी जरुरी बातें..

    केंद्र सरकार ने साफ किया है कि राज्यों की कृषि उत्पादन विपरण समिति यानि एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (APMC) के अधिकार बरकरार रहेंगे। इसलिए किसानों के पास सरकारी एजेंसियों का विकल्प खुला रहेगा। नए बिल किसानों को इंटरस्टेट ट्रेड (अंतरराज्यीय व्यापार) को प्रोत्साहित करते हैं, किसान अपने उत्पादों को दूसरे राज्य में स्वतंत्र रूप से बेच सकेंगे।

    15:03 (IST)21 Sep 2020
    "MSP पर किसानों को गुमराह करने में जुटे कुछ लोग"

    विपक्ष पर हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "कृषि क्षेत्र में इन ऐतिहासिक बदलावों के बाद, इतने बड़े व्यवस्था परिवर्तन के बाद कुछ लोगों को अपने हाथ से नियंत्रण जाता हुआ दिखाई दे रहा है. इसलिए अब ये लोग MSP पर किसानों को गुमराह करने में जुटे हैं. ये कानून, ये बदलाव कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं हैं।"

    14:22 (IST)21 Sep 2020
    'MSP की व्यवस्था जैसे पहले चली आ रही थी, वैसे ही चलती रहेगी'- पीएम

    बिहार के सभी गांवों को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवाओं से जोड़ने के प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं देश के प्रत्येक किसान को इस बात का भरोसा देता हूं कि MSP की व्यवस्था जैसे पहले चली आ रही थी, वैसे ही चलती रहेगी...इसी तरह हर सीजन में सरकारी खरीद के लिए जिस तरह अभियान चलाया जाता है, वो भी पहले की तरह चलते रहेंगे."

    13:35 (IST)21 Sep 2020
    25 सितंबर को बंद का ऐलान

    भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कृषि विधेयकों के विरोध में 25 सितंबर को बंद का आह्वान किया है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य, किसान कर्जा मुक्ति को लेकर पूरे देश में किसान आंदोलन कर रहे हैं।

    13:00 (IST)21 Sep 2020
    राष्ट्रपति से मिलेगा अकाली दल का प्रतिनिधि मंडल

    कृषि बिल को राज्यसभा में पास कराए जाने को लेकर शिरोमणि अकाली दल का एक प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से आज मुलाकात करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुखबीर सिंह बादल करेंगे।

    12:37 (IST)21 Sep 2020
    कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन

    कृषि बिल के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता ने दिल्ली में प्रदर्शन किया है। इससे पहले राज्यसभा में रविवार को यह विधेयक ध्वनि मत से पास हो गया था।

    12:06 (IST)21 Sep 2020
    जेजेपी के 2 विधायक प्रदर्शन में हुए शामिल..

    हरियाणा की जननायक पार्टी में कृषि बिल को लेकर फूट पड़ गई है। रविवार को जेजेपी के दो विधायकों ने कृषि बिल के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। जेजेपी हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सरकार में शामिल है। इसके बावजूद दोनों विधायकों ने पार्टी स्टैंड के खिलाफ जाते हुए कृषि बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। बरवाला विधानसभा सीट से जेजेपी विधायक जोगी राम सिहाग और शाबाबाद के विधायक राम करन काला ने कृषि विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

    11:27 (IST)21 Sep 2020
    किसान ट्रेन चालू...

    भारतीय रेलवे ने अनंतपुर और नई दिल्ली के बीच किसान ट्रेन चलाई है। यह देश की तीसरी और दक्षिण भारत की दूसरी किसान ट्रेन है। पहली किसान रेल की शुरुआत सात अगस्त को महाराष्ट्र स्थित नासिक के देवलाली से बिहार के दानापुर के लिए की गई थी। 11 सितंबर को आजादपुर मंडी का दौरा करने वालों का कहना है कि 'किसान रेल' से बड़े किसानों के साथ ही छोटे किसानों को भी फायदा होगा। क्योंकि किसानों का माल अगर थोड़ा है तो भी वे ट्रेन के जरिये उसे दिल्ली ला सकेंगे।

    10:58 (IST)21 Sep 2020
    एमएसपी को लेकर किसानों को क्या आशंकाएं हैं? पढ़ें

    कृषि से जुड़े बिलों को लेकर किसानों के विरोध की एक मुख्य वजह एमएसपी ही है। किसानों को आशंका है कि नया क़ानून बनने के बाद सरकार एमएसपी को ख़त्म कर देना चाहती है। हालांकि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर संसद में और संसद के बाहर कई बार ये बात साफ़ कर चुके हैं कि एमएसपी पहले की तरह जारी रहेगा और किसानों की आशंका निर्मूल है।

    10:28 (IST)21 Sep 2020
    कृषि विधेयक पर राज्यसभा में हंगामा को लेकर सभापति ने क्या कहा? पढ़ें

    कृषि विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में रविवार को हुए हंगामे पर राज्यसभा अध्यक्ष वैंकेया नायडू की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि 'कल राज्यसभा के लिए एक बुरा दिन था जब कुछ सदस्य हाउस के वेल में घुस आए। उपसभापति को शारीरिक रुप से क्षति पहुंची। उन्हें उनका काम करने से रोका गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।' आपको बता दें कि कृषि विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ था। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन उपसभापति के बिल्कुल सामने पहुंच गए थे और उन्होंने रुल बुक भी फाड़ दिया था। इसके अलावा कुछ अन्य सांसदों ने उपसभापति का माइक भी तोड़ दिया था।

    09:55 (IST)21 Sep 2020
    गेहूं का एमएसपी बढाने की सिफ़ारिश

    एमएसपी की सिफारिश करने वाली सरकारी संस्था केंद्रीय कृषि मूल्य आयोग ( CACP ) ने सरकार को अपनी सिफ़ारिश भेज दी है। 'एबीपी न्यूज़' ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि आयोग ने गेहूं की एमएसपी में 85 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की सिफ़ारिश की है। गेहूं की एमएसपी 2019-20 के लिए 1840 रुपए प्रति क्विंटल थी, जिसे बढ़ाकर 1925 रुपए प्रति क्विंटल करने की सिफ़ारिश की गई है।

    09:30 (IST)21 Sep 2020
    रबी सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का ऐलान जल्द

    मोदी सरकार जल्द 2020 - 21 के रबी सीज़न के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य ( एमएसपी ) का ऐलान कर सकती है। रबी फसलों में गेहूं और कुछ अन्य फ़सलें शामिल हैं। एमएसपी पर जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में फ़ैसला होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक़ इसी महीने इस बात का ऐलान हो जाने की उम्मीद है।

    08:57 (IST)21 Sep 2020
    राज्यसभा में कैसे पास हुआ बिल? पढ़ें

    विपक्ष के भारी हंगामे के बीच कृषि विधेयक रविवार को राज्य सभा में पास हो गया। सदन में बिल पर चर्चा के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष के सांसदों ने आसन के सामने लगे माइक को तोड़ दिया। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने उपसभापति के सामने रूल बुक फाड़ दी। दरअसल, सदन की कार्यवाही 1 बजे पूरी होनी थी। उपसभापति ने कार्यवाही को विधेयक के पारित होने तक बढ़ाने का फैसला लिया। इस पर विपक्ष के सांसदों ने हंगामा किया। विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित भी करनी पड़ी। बाद में राज्यसभा ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दी।

    08:31 (IST)21 Sep 2020
    कृषि बिल पर बोले रक्षामंत्री- मैं भी किसान हूं

    कृषि बिलों को लेकर संसद से उच्च सदन राज्यसभा में रविवार को विपक्ष के जोरदार हंगामे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि यह सिर्फ ‘किसानों को भ्रमित करने की कोशिश’ थी। उनके मुताबिक, “मैं भी किसान हूं। ऐसे में मैं ऐसा बिल्कुल भी सोच सकते हैं कि सरकार किसी भी सूरत में अन्नदाताओं का अहित करेगी।” उन्होंने ये बातें कैबिनेट के पांच साथियों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले कहीं, जिसमें राज्यसभा में हंगामे को लेकर सरकार की ओर से कृषि बिल पर चीजें स्पष्ट की गईं और विपक्ष पर निशाना साधा गया। - क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर

    08:01 (IST)21 Sep 2020
    कृषि बिल पर मत विभाजन क्यों नहीं? जानिए सरकार का जवाब

    लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी दो कृषि विधेयकों को पास करवाया जा चुका है। राज्यसभा में ध्वनि मत से विधेयकों को पारित किया गया। हालांकि इस दौरान विपक्ष ने भी जमकर हंगामा और नारेबाजी की। कृषि बिल पर मत विभाजन क्यों नहीं कराया गया, इसका ठीकरा भी सरकार ने विपक्ष पर फोड़ा है।दरअसल, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत केंद्र सरकार के 6 मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इनमें राजनाथ सिंह, प्रकाश जावड़ेकर, प्रहलाद जोशी, पीयूष गोयल, थावर चंद गहलोत और मुख्तार अब्बास नकवी शामिल रहे। ध्वनि मत से बिल को पास करवाए जाने के मुद्दे पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जब राज्यसभा के उपसभापति के जरिए विभाजन के लिए कहा गया तो वे सभी विपक्षी सांसद वेल में थे, वे हिंसक हो रहे थे।

    07:21 (IST)21 Sep 2020
    कानपुर में किसानों ने कृषि बिल का समर्थन किया

    उत्तर प्रदेश के कानपुर में किसानों ने नए कृषि विधेयक का स्वगत किया है। यहां किसानों ने कहा कि 'हम इस बिल का स्वागत करते हैं लेकिन केंद्र सरकार को किसानों के बारे में अभी और भी ज्यादा सोचने की जरुरत है। उन्हें 'मीडिल मैन' की भूमिका को खत्म करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए और यह कोशिश करना चाहिए कि कोई भी किसान सुसाइड ना करे।'

    06:22 (IST)21 Sep 2020
    हरियाणा में घुसने से रोकने के लिये पुलिस ने की पंजाब युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार

    हरियाणा पुलिस ने केंद्र के कृषि विधेयकों के खिलाफ रविवार को ट्रैक्टर रैली के दौरान पंजाब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को अंबाला के रास्ते राज्य में प्रवेश करने से रोकने के लिये उन पर पानी की बौछार की। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता चंडीगढ़-दिल्ली राजमार्ग के जरिये राष्ट्रीय राजधानी कूच कर रहे थे, लेकिन उन्हें हरियाणा पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने अंतरराज्यीय सीमा पर काफी संख्या में अवरोध लगा रखे थे।

    06:04 (IST)21 Sep 2020
    दो महत्वपूर्ण कृषि विधेयकों पर संसद ने लगाई मुहर

    कृषि क्षेत्र से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयकों को राज्यसभा ने विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के बीच रविवार को ध्वनि मत से अपनी मंजूरी दे दी। सरकार द्वारा इन दोनों विधेयकों को देश में कृषि क्षेत्र से जुड़े अब तक के सबसे बड़े सुधार की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। राज्यसभा में, विधेयकों की गहन जांच पड़ताल के लिए उन्हें सदन की एक समिति को भेजे जाने की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों ने भारी हंगामा किया।

    05:33 (IST)21 Sep 2020
    सुखबीर सिंह बादल ने राष्ट्रपति से कृषि विधेयकों पर हस्ताक्षर नहीं करने का आग्रह किया

    शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने संसद द्वारा पारित कृषि विधेयकों पर राष्ट्रपति से अपनी सहमति नहीं देने और इन्हें पुर्निवचार के लिए संसद को लौटाने का रविवार को अनुरोध किया। बादल ने कहा कि विधेयकों का पारित होना देश में लोकतंत्र और करोड़ों लोगों के लिए "दुखद दिन" है। राज्यसभा द्वारा तीन में से दो विधेयकों को पारित किये जाने के शीघ्र बाद शिअद नेता ने एक बयान में कहा, ‘‘लोकतंत्र का अर्थ है आम सहमति, बहुमत में मौजूद लोगों द्वारा दमन नहीं।’’ गौरतलब है कि संविधान राष्ट्रपति को संसद द्वारा पारित कुछ खास श्रेणी के विधेयकों को सहमति के लिये अपने पास भेजे जाने पर उन्हें रोक रखने की शक्ति भी प्रदान करता है।

    04:29 (IST)21 Sep 2020
    31 किसान संगठन 25 की बंदी में होंगे शामिल

    कृषि विधेयकों के विरोध में 25 सितंबर को होने वाले पंजाब बंद के लिए 31 किसान संगठन एक साथ आने के लिए तैयार हुए हैं। इस संबंध में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को मोगा में एक बैठक की। किसान मजदूर संघर्ष समिति ने पहले ही 24 से 26 सितंबर के बीच रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया हुआ है। क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने बताया कि पंजाब बंद को समर्थन देने वालों में मुख्य तौर पर भारती किसान यूनियन (क्रांतिकारी), कीर्ति किसान यूनियन, भारती किसान यूनियन (एकता उगराहां), भाकियू (दोआबा), भाकियू (लाखोवाल) और भाकियू (कादियां) आदि संगठन शामिल हैं।

    03:15 (IST)21 Sep 2020
    किसानों से कृषि फसल की एमएसपी आधारित खरीद जारी रहेगी: कृषि मंत्री

    कृषि संबंधित विधेयकों को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा से पारित होने के बाद रविवार को राज्यसभा में पेश किया। तोमर ने कहा कि किसानों से कृषि फसल की एमएसपी आधारित खरीद जारी रहेगी और इसका इन विधेयकों से कोई संबंध नहीं है जिनमें कृषकों को अपनी उपज बेचने की आजादी देने की कोशिश की गयी है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार व्हिप के जरिए राज्यसभा से ‘तीन काले विधेयक’ पारित करवाएगी।

    02:29 (IST)21 Sep 2020
    पंजाब में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ लगाए नारे

    तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ पंजाब युवा कांग्रेस ने भी पंजाब से दिल्ली तक " ट्रैक्टर रैली" की शुरुआत की। लुधियाना, फिरोजपुर, संगरूर और बरनाला समेत कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तलवंडी साबो में एक किसान ने बताया, "ये कृषि विधेयक किसानों और कृषक मजदूरों को बर्बाद कर देंगे और हम इनकी कड़ी निंदा करते हैं। "

    01:33 (IST)21 Sep 2020
    न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को खत्म करने का प्रयास है कृषि विधेयक: किसान

    किसानों ने आशंका जताई कि तीन विधेयकों के जरिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को खत्म करने का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा और किसानों को बड़े कॉरपोरेट घरानों के "रहम " पर छोड़ दिया जाएगा। कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को लोकसभा और राज्यसभा ने पारित कर दिया है।

    00:09 (IST)21 Sep 2020
    सरकार पंजाब के किसानों को कमजोर न समझे: नरेश

    शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल ने दोनों विधेयकों को पंजाब के किसानों के खिलाफ बताते हुए उन्हें प्रवर समिति में भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को पंजाब के किसानों को कमजोर नहीं समझना चाहिए। सरकार को पंजाब और हरियाणा के किसानों के असंतोष पर गौर करना चाहिए तथा वहां जो चिंगारी बन रही है, उसे आग में नहीं बदलने देना चाहिए। शिअद के ही एसएस ढींढसा ने भी सरकार से इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा करने और दोनों विधेयकों को प्रवर समिति में भेजने की मांग की। राकांपा के प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सरकार को इन विधेयकों को लाने के पहले विभिन्न पक्षों से बातचीत करनी चाहिए थी।

    21:11 (IST)20 Sep 2020
    नए विधेयक के किसानों को मीडिल मैन से मिलेगा छुटकारा

    सरकार का दावा है कि नए कृषि विधेयक से किसानों को मिडिलमैन से छुटकारा मिलेगा और किसान अपनी फसल को अपने आप देश के किसी भी कोने में बेच सकेगा। यही वजह है कि आढ़ती भी सरकार के इस नए विधेयक का विरोध कर रहे हैं। 

    20:31 (IST)20 Sep 2020
    एमएसपी को लेकर कृषि विधेयक में स्पष्टता नहीं

    कृषि विधेयक में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। दरअसल सरकार ने किसानों से फसल खरीद की बात नहीं की है, जिससे किसानों में एमएसपी को लेकर अनिश्चितता है।

    19:52 (IST)20 Sep 2020
    हरियाणा में किसानों ने आज कई जगह सड़क जाम की

    किसान भारी संख्या में रोहतक-पानीपत राजमार्ग जाम कर दिया था। पुलिस द्वारा किसानों को समझाने का प्रयास किया गया। जिसके बाद किसी तरह राजमार्ग से यातायात शुरू हो सका। झज्जर जिले में भी किसानों की बैठक हुई।

    19:50 (IST)20 Sep 2020
    कुछ किसान संगठनों ने कृषि विधेयक के पास होने पर जतायी खुशी

    राज्यसभा में कृषि विधेयक पास होने के बाद आज विभिन्न किसान संगठनों ने विजय चौक पर केन्द्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात की। इस दौरान कृषि मंत्री ने बिल पास होने की खुशी में कुछ किसानों का मुंह भी मीठा कराया।

    18:36 (IST)20 Sep 2020
    राजस्थान में कृषि विधेयक का पीसीसी करेगी विरोध

    कृषि विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पीसीसी प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन करेगी। राज्य के 11 जिलों में धारा 144 लगने के चलते पार्टी ने यह कदम उठाया है।

    18:04 (IST)20 Sep 2020
    पंजाब कांग्रेस प्रमुख ने शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को घेरा

    पंजाब युवा कांग्रेस के प्रमुख बरिंदर सिंह ढिल्लों ने मोहाली के डेरा बस्सी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह किसानों के अधिकारों के लिए लड़ाई की शुरुआत है। पंजाब कांग्रेस प्रमुख सुनील जाखड़ ने कहा कि अकाली दल और भाजपा को छोड़कर सभी पार्टियां किसानों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को निशाने पर लेते हुए उनपर पर पहले इन "काले कानूनों" का समर्थन करने का आरोप लगाया। जाखड़ ने कहा, "किसानों का गुस्सा देखकर बादल को कृषि विधेयकों के मुद्दे पर अपना रुख बदलना पड़ा।

    18:03 (IST)20 Sep 2020
    लोगों को डर 'कॉरपोरेट के रहम पर छोड़ दिए जाएंगे किसान'

    किसानों ने आशंका जताई कि तीन विधेयकों के जरिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को खत्म करने का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा और किसानों को बड़े कॉरपोरेट घरानों के "रहम " पर छोड़ दिया जाएगा। कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को लोकसभा और राज्यसभा ने पारित कर दिया है।

    17:17 (IST)20 Sep 2020
    पंजाब युवा कांग्रेस ने दिल्ली तक शुरू की ट्रैक्टर रैली

    तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ पंजाब युवा कांग्रेस ने भी पंजाब से दिल्ली तक " ट्रैक्टर रैली" की शुरुआत की। लुधियाना, फिरोजपुर, संगरूर और बरनाला समेत कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तलवंडी साबो में एक किसान ने बताया, "ये कृषि विधेयक किसानों और कृषक मजदूरों को बर्बाद कर देंगे और हम इनकी कड़ी निंदा करते हैं। "

    16:48 (IST)20 Sep 2020
    पंजाब में किसानों ने कृषि विधेयकों की प्रतियां जलाईं

    पंजाब के कई हिस्सों में किसानों ने कृषि विधेयकों की प्रतियां तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया और आरोप लगाया कि कृषि क्षेत्र से संबंधित विधेयक उनकी जीविका को खत्म कर देंगे।

    16:24 (IST)20 Sep 2020
    कृषि विधेयक राज्यसभा में पास होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने जतायी खुशी

    आज राज्यसभा में कृषि विधेयकों के पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए लिखा कि भारत के कृषि इतिहास में आज एक बड़ा दिन है। संसद में अहम विधेयक के पारित होने पर मैं अपने परिश्रमी अन्नदाताओं को बधाई देता हूं। यह न केवल कृषि क्षेत्र में आमूल चूल बदलाव लाएगा बल्कि करोड़ों किसानों भी इससे सशक्त होंगे।

    14:31 (IST)20 Sep 2020
    दोनों विधेयक देश के संघीय ढांचे के साथ भी खिलवाड़ हैं: प्रताप सिंह बाजवा

    राज्यसभा में कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि दोनों विधेयक किसानों की आत्मा पर चोट हैं, यह गलत तरीके से तैयार किए गए हैं तथा गलत समय पर पेश किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी हर दिन कोरोना वायरस के हजारों मामले सामने आ रहे हैं और सीमा पर चीन के साथ तनाव है। बाजवा ने आरोप लगाया कि सरकार का इरादा एमएसपी को खत्म करने का और कार्पोरेट जगत को बढ़ावा देने का है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार ने नए कदम उठाने के पहले किसान संगठनों से बातचीत की थी ?

    उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों विधेयक देश के संघीय ढांचे के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि जिन्हें आप फायदा देना चाहते हैं, वे इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में नए कानूनों की जरूरत क्या है। उन्होंने कहा कि देश के किसान अब अनपढ़ नहीं हैं और वह सरकार के कदम को समझते हैं। बाजवा कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 तथा कृषक (सक्तिशकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 पर सदन में एक साथ हुयी चर्चा की शुरूआत कर रहे थे।

    14:22 (IST)20 Sep 2020
    किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस बल तैनात

    दिल्ली पुलिस ने रविवार को कहा कि उसने पड़ोसी राज्यों में किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर ऐहतियाती तौर पर सीमावर्ती इलाकों में पुलिकर्मी तैनात किए हैं। पुलिस के अनुसार गाजियाबाद की ओर अशोक नगर के निकट बल की दो कंपनियां तैनात की गई हैं। फिलहाल सीमा पर कोई प्रदर्शनकारी नहीं है। पुलिस ने दिल्ली-हरियाणा सीमा पर भी सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) जसमीत सिंह ने कहा, ''हमने दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर ऐहतियाती तौर पर पुलिसकर्मी तैनात किए हैं।'' गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन की हरियाणा इकाई ने घोषणा की थी कि वह केन्द्र सरकार के कृषि अध्यादेशों के खिलाफ रविवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन करेगी। इस दौरान उसके सदस्य तीन घंटे के लिए चक्का जाम करेंगे।

    13:37 (IST)20 Sep 2020
    एमएसपी को कानूनी जिम्मेदारी देने से क्यों भाग रही है सरकार: कांग्रेस

    कृषि संबंधित विधेयकों को राज्यसभा में पेश किए जाने के बीच कांग्रेस ने रविवार को इस मुद्दे को लेकर केंद्र पर हमला तेज कर दिया और उसपर न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी जिम्मेदारी देने से दूर भागने का आरोप लगाया। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा से पारित इन विधेयकों को आज राज्यसभा में पेश किया। तोमर ने कहा कि किसानों से कृषि फसल की एमएसपी आधारित खरीद जारी रहेगी और इसका इन विधेयकों से कोई संबंध नहीं है जिनमें कृषकों को अपनी उपज बेचने की आजादी देने की कोशिश की गयी है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार व्हिप के जरिए राज्यसभा से ‘तीन काले विधेयक’ पारित करवाएगी।

    12:56 (IST)20 Sep 2020
    नरेश गुजराल ने दोनों विधेयकों को पंजाब के किसानों के खिलाफ बताया

    शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल ने दोनों विधेयकों को पंजाब के किसानों के खिलाफ बताते हुए उन्हें प्रवर समिति में भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को पंजाब के किसानों को कमजोर नहीं समझना चाहिए। सरकार को पंजाब और हरियाणा के किसानों के असंतोष पर गौर करना चाहिए तथा वहां जो चिंगारी बन रही है, उसे आग में नहीं बदलने देना चाहिए। शिअद के ही एसएस ढींढसा ने भी सरकार से इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा करने और दोनों विधेयकों को प्रवर समिति में भेजने की मांग की। राकांपा के प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सरकार को इन विधेयकों को लाने के पहले विभिन्न पक्षों से बातचीत करनी चाहिए थी।

    12:25 (IST)20 Sep 2020
    कृषि विधेयक: बीजद ने अपने राज्यसभा सदस्यों को व्हिप जारी कर सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया

    बीजू जनता दल (बीजद) ने अपने राज्यसभा सदस्यों को व्हिप जारी कर विवादित कृषि विधेयकों पर रविवार को चर्चा के दौरान सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर रविवार को राज्यसभा में कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 तथा कृषक (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 पेश करेंगे। इन विधेयकों का किसान संगठनों के अलावा केन्द्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में भी विरोध हो रहा है। शिरोमणि अकाली दल से खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इन विधेयकों के विरोध में पिछले सप्ताह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

    12:24 (IST)20 Sep 2020
    केजरीवाल ने गैर भाजपा दलों से राज्यसभा में कृषि विधेयकों के खिलाफ वोट देने की अपील की

    आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को गैर भाजपा पार्टियों से अपील की है कि वे राज्यसभा में कृषि विधेयकों के विरोध में अपना वोट दें क्योंकि यह देश के किसानों की इच्छा है। इससे पहले केजरीवाल ने कहा था कि उनकी पार्टी इन तीन विधेयकों के विरोध में वोट डालेगी। उन्होंने इन विधयेकों को ‘‘किसान विरोधी’’ करार दिया। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘आज पूरे देश के किसानों की नजर राज्यसभा पर है। राज्यसभा में भाजपा अल्पमत में है। मेरी सभी ग़ैर भाजपा पार्टियों से अपील है कि सब मिलकर इन तीनों विधेयकों को पारित न होने दें, यही देश का किसान चाहता है।''

    12:06 (IST)20 Sep 2020
    कृषि विधेयक: बीजद ने अपने राज्यसभा सदस्यों को व्हिप जारी कर सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया

    बीजू जनता दल (बीजद) ने अपने राज्यसभा सदस्यों को व्हिप जारी कर विवादित कृषि विधेयकों पर रविवार को चर्चा के दौरान सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर रविवार को राज्यसभा में कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 तथा कृषक (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 पेश करेंगे। इन विधेयकों का किसान संगठनों के अलावा केन्द्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में भी विरोध हो रहा है। शिरोमणि अकाली दल से खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इन विधेयकों के विरोध में पिछले सप्ताह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। राज्यसभा में बीजद से मुख्य सचेतक सस्मित पात्रा ने कहा कि पार्टी सांसदों को तीन पंक्ति का व्हिप जारी कर पूरे दिन सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।

    11:30 (IST)20 Sep 2020
    अन्नदाताओं के प्रदर्शन के मद्देनजर अंबाला में पुलिस बल तैनात, IG बोले- नहीं चाहते इनकी आपस में भिड़ंत हो

    हरियाणा में अंबाला के सैदोपुर सीमा पर कृषि विधेयकों के विरोध में होने वाले किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर रविवार को पुलिस बल तैनात है। अंबाला के SP ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "यहां बैरिकेडिंग की हुई है क्योंकि भारतीय किसान यूनियन ने यहां भी प्रदर्शन करने का आवाहन किया है। यहां पर्याप्त मात्रा में बल तैनात है।"

    IG अंबाला रेंज हरियाणा के मुताबिक, पंजाब किसानों ने इस रास्ते से आगे जाने का आह्वान किया है। हम इसलिए उनको रोक रहे हैं क्योंकि हरियाणा में आज की तारीख में 16/17 किसान एसोसिएशन ने चक्का जाम का आह्वान किया हुआ है। हम नहीं चाहते कि इनकी आपस में भिड़ंत हो इसलिए उन्हें यहां रोका जा रहा है।

    11:29 (IST)20 Sep 2020
    पंजाब के किसान दिल्ली तक जाने वाली रैली में हिस्सा लेने पहुंचे
    10:58 (IST)20 Sep 2020
    कांग्रेस का एमएसपी खत्म करने के लिए दोनों कृषि विधेयक लाने का आरोप, सरकार ने किया खंडन

    राज्यसभा में रविवार को कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समाप्त करने और कार्पोरेट जगत को फायदा पहुंचाने के लिए दोनों नए कृषि विधेयक लेकर आयी है। हालांकि सरकार ने इसका खंडन करते हुए कहा कि किसानों को बाजार का विकल्प और उनकी फसलों को बेहतर कीमत दिलाने के उद्देश्य से ये विधेयक लाए गए हैं।

    राज्यसभा में कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि दोनों विधेयक किसानों की आत्मा पर चोट हैं, यह गलत तरीके से तैयार किए गए हैं तथा गलत समय पर पेश किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी हर दिन कोरोना वायरस के हजारों मामले सामने आ रहे हैं और सीमा पर चीन के साथ तनाव है। बाजवा ने आरोप लगाया कि सरकार का इरादा एमएसपी को खत्म करने का और कार्पोरेट जगत को बढ़ावा देने का है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार ने नए कदम उठाने के पहले किसान संगठनों से बातचीत की थी ? उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों विधेयक देश के संघीय ढांचे के साथ भी खिलवाड़ है। 

    10:39 (IST)20 Sep 2020
    किसानों की आय डबल करने के केंद्र के दावे पर यूं TMC सांसद ने घेरा

    राज्यसभा में कृषि विधेयकों पर TMC सांसद डेरेक ओ' ब्रायन ने कहा- आपने कहा था कि किसानों की आय 2022 तक डबल हो जाएगी। पर अभी वर्तमान में जो रेट चल रहा है उसके हिसाब से किसान की आय 2028 तक डबल नहीं हो सकती। मैं भी बड़ी बातें कर सकता हूं।

    10:33 (IST)20 Sep 2020
    कृषि विधेयकों के विरोध में 25 सितंबर को होने वाले पंजाब बंद के लिए 31 किसान संगठन एकजुट हुए

    कृषि विधेयकों के विरोध में 25 सितंबर को होने वाले पंजाब बंद के लिए 31 किसान संगठन एक साथ आने के लिए तैयार हुए हैं। इस संबंध में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को मोगा में एक बैठक की। किसान मजदूर संघर्ष समिति ने पहले ही 24 से 26 सितंबर के बीच रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया हुआ है। क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने बताया कि पंजाब बंद को समर्थन देने वालों में मुख्य तौर पर भारती किसान यूनियन (क्रांतिकारी), कीर्ति किसान यूनियन, भारती किसान यूनियन (एकता उगराहां), भाकियू (दोआबा), भाकियू (लाखोवाल) और भाकियू (कादियां) आदि संगठन शामिल हैं।

    10:21 (IST)20 Sep 2020
    हम किसानों के इन डेथ वारंटों पर साइन करने के लिए किसी भी हाल में तैयार नहीं- सदन में बोले कांग्रेसी सांसद

    राज्यसभा में कृषि विधेयकों पर कांग्रेस MP ने कहा- ये जो बिल हैं उन्हें कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से रिजेक्ट करती है। ये बिल हिंदुस्तान और विशेष तौर से पंजाब, हरियाणा और वेस्टर्न यूपी के जमींदारों के खिलाफ है। हम किसानों के इन डेथ वारंटों पर साइन करने के लिए किसी भी हाल में तैयार नहीं। 

    10:08 (IST)20 Sep 2020
    6 साल में किसान हो गए बर्बाद- केंद्र पर हार्दिक पटेल का आरोप
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