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सालों तक एमएसपी पर किया छल, यह घोषित होता था लेकिन एमएसपी पर खरीद बहुत कम की जाती थी, बोले पीएम मोदी

योगेंद्र यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 32 साल बाद चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने लाखों किसानों को एक साथ लाने का काम किया है। हम एक बार फिर एक बड़े आंदोलन का गवाह बन रहे हैं।

Farmers Protestप्रदर्शन के लिए सिंघु बॉर्डर पर जुटे किसान संगठन। (एक्सप्रेस फोटो- प्रवीण खन्ना)

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वाराणसी में कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों पर प्रहार करते हुए कहा, ”एमएसपी तो घोषित होता था लेकिन एमएसपी पर खरीद बहुत कम की जाती थी। सालों तक एमएसपी को लेकर छल किया गया है। किसानों के नाम पर बड़े-बड़े कर्ज माफी के पैकेज घोषित किए जाते थे लेकिन वे छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचते ही नहीं थे। किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाएं घोषित होती थीं लेकिन वह खुद मानते थे कि एक रुपये में से सिर्फ 15 पैसे ही किसान तक पहुंचते हैं।”

किसानों के प्रदर्शन के बीच सिंघु बॉर्डर के पास योगेंद्र यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ’32 साल बाद चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने लाखों किसानों को एक साथ लाने का काम किया है। हम एक बार फिर एक बड़े आंदोलन का गवाह बन रहे हैं। वो कहते हैं कि यह आंदोलन बिचौलियों का है। मैं कहता हूं कि वो खुद इसकी जांच करें कि यह किसान हैं या बिचौलिये? वो कहते हैं कि इस आंदोलन में सिर्फ पंजाब के किसान शामिल हैं। आज यहां मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कई अन्य जगहों से भी लोग आए हैं। पंजाब ने इसका नेतृत्व किया था और अब यह एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है।’

 

Live Blog

Highlights

    02:56 (IST)01 Dec 2020
    किसानों की समस्‍या दूर की जाएगी: पुुुुरी

    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि हमारे वरिष्ठ नेताओं ने किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है और वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने को तैयार हैं। वार्ता हमेशा बिना पूर्व शर्त या पूर्व धारणा के होती हैैै। मुझे पूरी उम्मीद है कि उनकी सभी वास्तविक मांगों पर विचार किया जाएगा और मुद्दों को हल किया जाएगा।

    02:52 (IST)01 Dec 2020
    वामपंथी पार्टियोंं ने दिया किसान आंदोलन को समर्थन

    वामपंथी पार्टियों ने किसान आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने लेफ्ट संगठनों को एकजुट होने और किसान आंदोलन को सपोर्ट करने का आह्वान किया। सीताराम येचुरी ने कहा कि वामपंथी दल देशभर में सक्रिय अपने संगठनों को एकजुट करें और किसान आंदोलन को समर्थन दें। 

    01:59 (IST)01 Dec 2020
    कृषि मंत्री ने किसान यूनियन की बैठक बुलाई

    कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने 1 दिसंबर को दोपहर 3 बजे विज्ञान भवन में किसान यूनियन की बैठक बुलाई हैैै। जिन यूनियनों ने पहले दौर की वार्ता में भाग लिया था, उन्हें मंगलवार को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया है।

    01:57 (IST)01 Dec 2020
    दंगा फैलाने का मामल दर्ज

    किसान आंदोलन के दौरान सिंधु बॉर्डर पर हुए बवाल पर दिल्ली पुलिस ने दंगा करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। अलीपुर पुलिस स्टेशन में ये एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है।

    22:24 (IST)30 Nov 2020
    पीएम मोदी बोले-किसानों के सवालों के निरंतर जवाब दे रही है सरकार

    पीएम मोदी ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा, ''जिन किसान परिवारों की अब भी कुछ चिंता है, कुछ सवाल हैं तो उनका जवाब भी सरकार निरंतर दे रही है, समाधान करने का भरपूर प्रयास कर रही है। आज जिन किसानों को कृषि सुधारों को लेकर कुछ शंकाएं हैं, वो भी भविष्य में इन सुधारों का लाभ पाकर अपनी आय बढ़ाएंगे, यह मेरा पक्का विश्वास है।''

    21:48 (IST)30 Nov 2020
    किसानों को लागत का डेढ़ गुना एमएसपी देंगे, बोले पीएम मोदी

    प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमने वादा किया था कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुरूप किसानों को लागत का डेढ़ गुना एमएसपी देंगे। यह वादा सिर्फ कागज पर नहीं, बल्कि हमने पूरा किया और इतना ही नहीं किसान के बैंक खाते तक पैसे पहुंचाने का प्रबंध किया।’’ मोदी ने कहा, ''सफल प्रकल्प ही काफी नहीं होता। किसानों को बड़े और व्यापक बाजार का लाभ भी मिलना चाहिए। हमारा देश दुनिया के बड़े बाजार हमारे किसानों को उपलब्ध कराता है, इसलिए विकल्प के माध्यम से किसानों को सशक्त करने का रास्ता अपनाया गया है किसान हित में किए गए कृषि सुधार ऐसे ही विकल्प किसानों को देते हैं।''

    21:29 (IST)30 Nov 2020
    किसानों को विकल्प और कानूनी संरक्षण देता है नया बिलः मोदी

    वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि बिल पर चर्चा करते हुए कहा कि नया कृषि कानून किसानों के नए विकल्प और कानूनी रूप से संरक्षण देने के लिए है। उन्होंने कहा कि किसानों को बड़ा बाजार देकर उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है। यह बदलाव किसानों के हित में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्या किसान को यह आजादी नहीं होनी चाहि कि जो भी उन्हें बेहतर कीमत दें उन्हें वो अपना सामान सीधे बेच सकें।

    20:48 (IST)30 Nov 2020
    वाम दलों ने अपनी प्रदेश इकाइयों से किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करने के लिए कहा

    वाम दलों ने सोमवार को अपनी राज्य इकाइयों से कहा कि वे तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में प्रदर्शन का आयोजन करें। माकपा, भाकपा, आरएसपी, फॉरवर्ड ब्लॉक और भाकपा (माले) ने एक संयुक्त बयान जारी कर प्रदर्शनकारी किसानों के प्रति पूर्ण समर्थन एवं एकजुटता प्रकट की। उन्होंने कहा, ‘‘कृषि विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे लाखों किसान दिल्ली के आसपास जमा हुए हैं। उन्हें दिल्ली में संसद तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जा रही है।’’

    20:20 (IST)30 Nov 2020
    विशेषज्ञों ने किसानों के प्रदर्शन स्थल से कोरोना के प्रसार की आशंका जताई

    विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान जिन स्थानों पर एकत्र हैं, वहां से कोविड-19 के गंभीर प्रसार की आशंका है, यहां अनेक किसानों ने मास्क नहीं पहन रखे हैं। वहीं, प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि उनके लिए नए कृषि कानून कोरोना वायरस से अधिक बड़ा खतरा हैं। किसान सोमवार को पांचवें दिन भी राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं और दिल्ली के बुराड़ी मैदान में डटे रहे। इनमें से ज्यादातर किसान पंजाब और हरियाणा से हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान से भी किसान उनका साथ देने पहुंचे हैं।

    19:56 (IST)30 Nov 2020
    किसान आंदोलन का समर्थन में उतरी टैक्सी यूनियनें

    टैक्सी यूनियन ने किसान आंदोलन का समर्थन किया है। यूनियन के सदस्यों ने केद्र सरकार को 2 दिनों की मोहलत देते हुए कहा है कि अगर किसानों की मांग पूरी नहीं होती हैं तो दिल्ली-एनसीआर में निजी कैब, टैक्सी, ऑटो और ट्रक ड्राइवर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

    19:29 (IST)30 Nov 2020
    'अपने मन की बात मोदी को सुनाएंगे'

    किसान नेता जगमोहन सिंह ने सिंधु बॉर्डर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मोदी अपने ही मन की बात बोल रहे हैं। यहां पर सुरक्षाबल के जवानों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पंजाब के किसान नहीं हैं, यह मजदूर हैं, गरीब हैं। वहीं योगेंद्र यादव ने कहा कि हम जहां-जहां हैं वहीं डटे रहेंगे। आज हम अपने मन की बात मोदी को सुनाएंगे।

    18:58 (IST)30 Nov 2020
    यह राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है- योगेंद्र यादव

    सोमवार को किसानों के प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगेंद्र यादव ने कहा कि आज तीर्थ करने वाले किसान, बांट कर खाने वाले किसान इस देश में अपनी छाप छोड़ने के लिए खड़े हैं। यह ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि पहले महेंद्र सिंह टिकैत लाखों किसानों को लेकर आए थे। पहले कहा गया था कि नए कानूनों का विरोध किसान नहीं कर रहे, बिचौलिए कर रहे हैं। लेकिन अब इस झूठ का पर्दाफाश हो गया है। बेचारे किसानों को तो पता ही नहीं है कि इनको बरगलाया जा रहा है। योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों का यह आंदोलन राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है।

    18:31 (IST)30 Nov 2020
    'शर्त के साथ निमंत्रण स्वीकार नहीं'

    भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा) के नेता जगमोहन सिंह ने कहा कि 'हम सभी राज्यों के किसान संगठनों के साथ बैठक नहीं कर सकते। हम केवल पंजाब के 30 संगठनों के साथ ही ऐसा कर सकते थे। हमने मोदीजी के सशर्त निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया।'

    18:10 (IST)30 Nov 2020
    NDA के गठबंधन दल ने किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार को चेताया

    किसानों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच एनडीए में शामिल दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने केंद्र सरकार को चेताया है कि वो नए कृषि कानून को वापस ले लें। पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल ने कहा कि 'मैंने केद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानून का विरोध किया है। आज मैंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कहा है कि अगर सरकार इस काले कानून को वापस नहीं लेती है तब हम गठबंधन में बने रहने को लेकर विचार करेंगे।'

    17:41 (IST)30 Nov 2020
    बुराड़ी में किसानों ने निकाला मार्च

    एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, बुराड़ी के निरंकारी मैदान में किसानों ने नये कृषि कानून को लेकर रोष मार्च निकाला है। किसानों का कहना है जब तक कानून वापस नही होता आंदोलन जारी रहेगा। सरकार गलत कह रही है कि यह कानून किसान के हित में है। किसान को उचित मूल्य नही मिल रहा है। सरकार हमारे नेताओं से बात करे और अपने काला कानून वापस ले।

    17:17 (IST)30 Nov 2020
    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयान:- MSP को खत्म नहीं किया जाएगा

    केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी किसान आंदोलन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने इस मुद्दे पर बताया है कि केंद्र सरकार किसान संगठनों के नेताओं से बिना शर्त बातचीत करने के लिए तैयार है। केंद्र सरकार के इस प्रयास को किसानों की शिकायतों को दूर करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने किसानों के मन में एमएसपी को लेकर व्याप्त भय को दूर करते हुए कहा कि इसे खत्म नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान संगठनों के नेताओं से एक से दो दिन में बातचीत शुरू हो सकती है।

    16:40 (IST)30 Nov 2020
    जो हुआ नहीं उसे लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है: पीएम मोदी

    पीएम मोदी ने वाराणसी में कहा कि 'बीते कुछ समय से हम देख रहे हैं कि अब विरोध का आधार फैसला नहीं बल्कि भ्रम फैलाकर आशंकाओं को बनाया जा रहा है। अपप्रचार किया जाता है कि फैसला तो ठीक है लेकिन इससे आगे चलकर ऐसा हो सकता है। जो अभी हुआ ही नहीं, जो कभी होगा ही नहीं, उसको लेकर समाज में भ्रम फैलाया जाता है। ये वही लोग हैं जिन्होंने दशकों तक किसानों के साथ लगातार छल किया है।

    16:11 (IST)30 Nov 2020
    किसान को मिलेगा बड़ा बाजार: PM

    पीएम नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में कहा कि नए कृषि कानून, किसानों के नए विकल्प और कानूनी रूप से संरक्षण देने के लिए है। उन्होंने कहा कि किसानों को बड़ा बाजार देकर उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है। यह बदलाव किसानों के हित में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्या किसान को यह आजादी नहीं होनी चाहि कि जो भी उन्हें बेहतर कीमत दें उन्हें वो अपना सामान सीधे बेच सकें।

    15:26 (IST)30 Nov 2020
    आया गृहमंत्री का फोन, बगैर शर्त बात को केंद्र तैयार- किसान नेता बूटा सिंह का बड़ा दावा

    केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन पांचवें दिन सोमवार को भी जारी है। किसान इन बिलों को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष बूटा सिंह ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने आज दोपहर उनसे बात की। शाह ने बातचीत का भरोसा दिया है और लेटर देने की बात कही है। आज दोपहर टिकरी बॉर्डर पर पहुंचे बूटा सिंह ने ऐसा दावा किया है। उनका कहना है कि आज शाम तक सरकार की ओर से बातचीत का आधिकारिक न्योता मिल सकता है। सरकार बगैर शर्त बातचीत के लिए तैयार है। बता दें कि इससे पहले आज शाह ने किसान प्रदर्शन के मुद्दे पर अपने आवास पर अहम बैठक बुलाई। बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक करीब 45 मिनट चली।

    14:36 (IST)30 Nov 2020
    अमित शाह ने अपने आवास पर बुलाई अहम बैठक

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसान प्रदर्शन के मुद्दे पर अपने आवास पर अहम बैठक बुलाई। बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 45 मिनट चली बैठक खत्म हो चुकी है। सूत्रों ने बताया कि किसानों की मांग पर अहम फैसला लिया जा सकता है। दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों ने आज राष्ट्रीय राजधानी को जाने वाले पांच मार्गो को जाम करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारी पहले ही उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी स्थित मैदान में जाने के बाद बातचीत शुरू करने के केन्द्र के प्रस्ताव को अस्वीकार कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि वे कोई सशर्त बातचीत स्वीकार नहीं करेंगे।

    13:35 (IST)30 Nov 2020
    केंद्रीय गृह सचिव भी कर चुके हैं किसानों से अपील

    केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने शनिवार को 32 किसान संगठनों को भेजे गए पत्र में ठंड के मौसम और कोविड-19 की परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा था कि किसानों को बुराड़ी मैदान जाना चाहिए, जहां उनके लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। भल्ला ने पत्र में कहा था, ‘‘आपके बुराड़ी मैदान पहुंचते ही, अगले दिन ही केन्द्रीय मंत्रियों का एक उच्च स्तरीय दल विज्ञान भवन में किसानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगा।’’

    12:35 (IST)30 Nov 2020
    किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने चलाया सोशल मीडिया अभियान, लोगों से की खास अपील

    कांग्रेस ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए सोमवार को सोशल मीडिया अभियान चलाया और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने लोगों से ‘स्पीकअप फॉर फारमर्स’ नामक सोशल मीडिया अभियान से लोगों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, 'मोदी सरकार ने किसान पर अत्याचार किए- पहले काले कानून फिर चलाए डंडे, लेकिन वो भूल गए कि जब किसान आवाज उठाता है तो उसकी आवाज पूरे देश में गूंजती है। किसान भाई-बहनों के साथ हो रहे शोषण के ख़लिाफ आप भी ‘स्पीकअप फॉर फारमर्स’ के माध्यम से जुड़िए।' प्रियंका ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'नाम किसान कानून लेकिन सारा फायदा अरबपति मित्रों का। किसान कानून बिना किसानों से बात किए कैसे बन सकते हैं? उनमें किसानों के हितों की अनदेखी कैसे की जा सकती है? सरकार को किसानों की बात सुननी होगी। आइए मिलकर किसानों के समर्थन में आवाज उठाएं।'

    12:34 (IST)30 Nov 2020
    प्रदर्शन स्थल बदलने की शर्त स्वीकार नहीं- बोले किसान

    केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसान संगठनों से बुराड़ी मैदान पहुंचने की अपील की थी और कहा था कि वहां पहुंचते ही केन्द्रीय मंत्रियों का एक उच्चस्तरीय दल उनसे बातचीत करेगा। किसानों के 30 से अधिक संगठनों की रविवार को हुई बैठक में किसानों के बुराड़ी मैदान पहुंचने पर तीन दिसम्बर की तय तारीख से पहले वार्ता की केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पेशकश पर बातचीत की गयी, लेकिन हजारों प्रदर्शनकारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकारने से मना कर दिया और सर्दी में एक और रात सिंघु तथा टीकरी बार्डरों पर डटे रहने की बात कही। उनके प्रतिनिधियों ने कहा था कि उन्हें शाह की यह शर्त स्वीकार नहीं है कि वे प्रदर्शन स्थल बदल दें। उन्होंने दावा किया कि बुराड़ी मैदान एक ‘खुली जेल’ है।

    12:33 (IST)30 Nov 2020
    दिल्ली यातायात पुलिस की अपील, इन रास्तों से बचें

    किसान प्रदर्शन के कारण दिल्ली में यातायात प्रभावित हो रहा है। दिल्ली यातायात पुलिस ने सोमवार सुबह ही लोगों को सिंघु और टिकरी बॉर्डर के बंद रहने की जानकारी देते हुए अन्य मार्ग से जाने को कहा। उसने ट्वीट किया, ‘‘सिंघु बॉर्डर दोनों ओर से बंद है। कृपया दूसरे मार्ग से जाएं। मुकरबा चौक और जीटीके रोड पर यातायात परिवर्तित किया गया है। भयंकर जाम लगा है। कृपया सिग्नेचर ब्रिज से रोहिणी और रोहिणी से सिग्नेचर ब्रिज, जीटीके रोड, एनएच-44 और सिंघु बॉर्डर तक बाहरी रिंग रोड मार्ग पर जाने से बचें।’’ उसने अन्य एक ट्वीट में कहा, ‘‘टीकरी बॉर्डर पर भी यातायात बंद है। हरियाणा के लिए सीमावर्ती झाड़ौदा, ढांसा, दौराला झटीकरा, बडूसरी, कापसहेड़ा, राजोकड़ी एनएच-8, बिजवासन / बजघेरा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं।’’

    12:21 (IST)30 Nov 2020
    किसानों का प्रदर्शन जारी

    केन्द्र के तीन नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन पांचवें दिन सोमवार को भी जारी है। प्रदर्शनकारियों ने आज राष्ट्रीय राजधानी को जाने वाले पांच मार्गो को जाम करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों के उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी स्थित मैदान में जाने के बाद बातचीत शुरू करने के केन्द्र के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए रविवार को कहा था कि वे कोई सशर्त बातचीत स्वीकार नहीं करेंगे। इसके बाद उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए एक बैठक बुलाई थी। वहीं शनिवार को बुराड़ी के निरंकारी समागम मैदान पहुंचे किसानों का वहां प्रदर्शन जारी है।

    11:36 (IST)30 Nov 2020
    हरियाणा में सभी खाप ने किसानों के समर्थन का किया ऐलान, आज करेंगे दिल्ली कूच

    कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के धरने का सोमवार यानी आज पांचवा दिन है। किसान दिल्ली की सीमा पर 26 नवंबर से प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान दिल्ली-हरियाणा की सीमा सिंधु बॉर्डर पर डटे हैं। कुछ किसान दिल्ली के निरंकारी समागम मैदान में मौजूद हैं। इधऱ हरियाणा में सभी खाप ने निर्णय लिया है कि वो किसान आंदोलन का समर्थन करेंगे। खाप आज दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। दादरी से विधायक और हरियाणा के खाप प्रधान सोमबीर सांगवान ने केंद्र सरकार से अपील की है कि कृषि कानून की फिर से समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सभी को अधिकार है कि वो अपनी बात रखें।

    11:09 (IST)30 Nov 2020
    किसान बोले कानून वापस नहीं लिए जाने तक पीछे नहीं हटेंगे

    पंजाब के 30 संगठनों सहित कई समूहों के किसानों का संकल्प स्पष्ट है और उनमें से कुछ का कहना है कि जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता है तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे और कुछ किसानों का कहना है कि वे सुनिश्चित करेंगे कि उनकी आवाज सुनी जाए। ये मुख्यत: पंजाब और हरियाणा के किसान हैं लेकिन मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के किसान भी यहां आए हुए हैं।

    10:19 (IST)30 Nov 2020
    टिकरी और सिंघु बॉर्डर सील

    दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में किसान आंदोलन के चलते टिकरी और सिंघु बॉर्डर सील किया गया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि यात्री आज यहां से यात्रा ना करें और वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।

    10:11 (IST)30 Nov 2020
    किसानों ने गृहमंत्री की मांग की नकारा

    किसानों ने गृह मंत्री अमित शाह के उस प्रस्ताव को नकार दिया है, जिसमें कहा गया था कि किसानों को दिल्ली सीमाओं से हटकर प्रदर्शन की प्रस्तावित जगह पर जुटना चाहिए। शाह ने कहा कि सरकार उनसे जल्द बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उसके लिए उन्हें बुराड़ी पहुंचना होगा। बताया गया है कि किसान संगठनों ने दिल्ली की सीमाओं पर ही जुटे रहने का फैसला किया है।

    22:10 (IST)29 Nov 2020
    किसान संगठनों का सवाल - तीन नए कृषि कानून को क्यों लाया?

    नाराज किसानों ने आज सवाल किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को तीन नए कृषि कानूनों को क्यों लाना पड़ा? जिनके बारे में केंद्र सरकार कहती है कि ये कृषि सुधार से जुड़े हैं और ये दीर्घकालिक मांगों को पूरा करते हैं। तीन महीने से जारी बड़े आंदोलन के बीच दिल्ली के लिए मार्च करने वाले किसान समूह के प्रतिनिधियों ने आज कहा कि सरकार केवल कॉरपोरेट्स के कल्याण में रुचि रखती है, यही कारण है कि इस तरह के "काले कानून" लाए जा रहे हैं।

    21:46 (IST)29 Nov 2020
    किसान आंदोलन: जेपी नड्डा के घर बैठक शुरू, अमित शाह, नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल

    इधर खबर यह है कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर किसान आंदोलन पर बड़ी बैठक चल रही है। गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बैठक में मौजूद हैं। बता दें कि हजारों किसान दिल्ली के सीमा पर इस वक्त डटे हुए हैं। केंद्र सरकार ने 3 दिसंबर को किसान संगठनों को बातचीत का न्यौता दिया है।

    21:14 (IST)29 Nov 2020
    रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कही यह बात

    किसानों के आंदोलन पर कांग्रेस के नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बीजेपी और अमित शाह पर हमला करते हुए कहा कि 'अमित शाह, अगर आप रैलियों को संबोधित करने के लिए 1200 किलोमीटर दूर हैदराबाद की यात्रा कर सकते हैं तो आप किसानों के साथ बातचीत की पहल के लिए 12 किमी की यात्रा क्यों नहीं कर सकते?'

    20:42 (IST)29 Nov 2020
    किसान आंदोलन: CM गहलोत ने PM को लिखा पत्र

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसान आंदोलन को लेकर PM नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में पीएम मोदी से आग्रह किया है कि वे किसानों की सुनें और कृषि कानूनों पर फिर से विचार करें।

    20:14 (IST)29 Nov 2020
    1 दिसंबर से राज्यों में भी होगा प्रदर्शन- किसान संगठन

    किसानों ने प्रदर्शन तेज करने का आह्वान करते हुए कहा कि 1 दिसंबर से राज्यों में भी प्रदर्शन शुरू होगा। किसान संगठनों ने सरकार को किसानों पर बातचीत के लिए शर्त न लगाने की नसीहत दी है। इस बीच, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (DSGMC) ने सिंघु बॉर्डर पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों को लंगर कराया। उधर, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने किसानों का समर्थन किया है और केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।

    19:49 (IST)29 Nov 2020
    'आंदोलन अभी और बड़ा होगा'

    किसानों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि 'अगर किसानों की समस्या का हल नहीं होता तो यह आंदोलन और बड़ा हो जाएगा। कांग्रेस नेता ने हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर के उस बयान की भी निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा था कि इस आंदोलन में हरियाणा के किसान शामिल नहीं हैं।

    18:55 (IST)29 Nov 2020
    किसानों को 'सीटू' का मिला समर्थन

    नई दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में मजदूर संगठन Centre of Indian Trade Unions (सीटू) ने हिमाचल प्रदेश में एक दिसंबर को प्रदेश भर में प्रदर्शन करने का एलान किया है। मजदूर संगठन ने तीन किसान विरोधी कानूनों को लेकर किसानों के दिल्ली मार्च का समर्थन किया है। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि 'भाजपा सरकारें किसानों को कुचलने पर आमादा हैं। किसान आंदोलन को दबाने से जाहिर हो चुका है कि दोनों सरकारें पूंजीपति घरानों के साथ हैं। उनकी मुनाफाखोरी सुनिश्चित करने के लिए किसानों की आवाज को दबाना चाहती हैं।'

    18:25 (IST)29 Nov 2020
    हरियाणा: खाप ने किसानों के समर्थन का किया ऐलान

    हरियाणा में सभी खाप ने निर्णय लिया है कि वो किसान आंदोलन का समर्थन करेंगे। खाप कल यानी सोमवार को दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। दादरी से विधायक और हरियाणा के खाप प्रधान सोमबीर सांगवान ने केंद्र सरकार से अपील की है कि कृषि कानून की फिर से समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सभी को अधिकार है कि वो अपनी बात रखें।

    18:01 (IST)29 Nov 2020
    दिल्ली में हमारे लिए ओपन जेल है- बोले किसान नेता

    प्रदर्शन कर रहे किसान संगठन के एक नेता ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि 'सरकार द्वारा बातचीत के लिए जो कंडीशन थी हम उसे किसान संगठनों का अपमान मानते हैं। अब हम बुराड़ी पार्क में बिलकुल नहीं जाएंगे। हमें पता चला है कि वो पार्क नहीं ओपन ज़ेल है। हम ओपन ज़ेल में जाने की बजाय 5 मेन मार्ग जाम कर दिल्ली की घेराबंदी करेंगे'

    17:28 (IST)29 Nov 2020
    बोले केंद्रीय कृषि मंत्री - सरकार, किसानों से बातचीत के लिए है तैयार

    केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 'चौथी बार सरकार कह रही है कि हम किसानों से 3 दिसंबर को मिलने के लिए तैयार हैं। इसलिए बातचीत तो जारी है, किसी को भी यह नहीं सोचना चाहिए की सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। सरकार उनके खुलकर बातचीत करने के लिए तैयार है। इसलिए किसान संगठनों को भी इसके लिए माहौल तैयार करना चाहिए। उन्हें आंदोलन छोड़कर बातचीत का रास्ता चुनना चाहिए।

    16:53 (IST)29 Nov 2020
    दिल्ली के CM ने ट्वीट कर कही यह बात

    किसानों के प्रदर्शन के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट किया है। दिल्ली के सीएम ने ट्वीट करते हुए कहा कि 'केंद्र सरकार किसानों से तुरंत बिना शर्त बात करे।'

    16:29 (IST)29 Nov 2020
    हम बुराड़ी नहीं जाएंगेः किसान नेता

    अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा है कि हम बुराड़ी नहीं जाएंगे। किसान नेता बालदेव सिंह सिरसा ने न्यूज एजेंसी 'ANI' से बातचीत के दौरान कहा कि 'हमारे 30 किसान संगठों ने निर्णय लिया है कि हम बुराड़ी नहीं जाएंगे। हम जल्द ही मीडिया से बातचीत करेंगे।

    16:03 (IST)29 Nov 2020
    किसान आंदोलन पर क्या बोले अमित शाह? पढ़ें

    किसानों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 'मैंने कभी भी नहीं कहा है कि किसानों का आंदोलन राजनीति से प्रेरित है और मैं ऐसा अभी भी नहीं कह रहा हूं।'

    15:22 (IST)29 Nov 2020
    बुराड़ी ग्राउंड पहुंच चुके किसान बोले- जो संगठन कहेंगा वही करेंगे

    एक दिन पहले ही दिल्ली पुलिस से इजाजत मिलने के बाद बुराड़ी ग्राउंड पहुंचे किसानों में अब उलझन की स्थिति पैदा हो गई है। दरअसल, सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन के दौरान कई किसानों को दिल्ली के निरंकारी ग्राउंड जाने की इजाजत मिल गई थी। हालांकि, किसान संगठनों ने जामा मस्जिद के पास ही प्रदर्शन करने की बात कही है। ऐसे में बुराड़ी ग्राउंड पहुंच चुके किसानों का कहना है कि अब संगठन जो भी फैसला लेगा, वे उसी का पालन करेंगे।

    14:58 (IST)29 Nov 2020
    Farmers Protest LIVE: शाम 4 बजे किसानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस, योगेंद्र यादव रहेंगे मौजूद

    किसान संगठनों ने अमित शाह के बुराड़ी के ग्राउंड पर प्रदर्शन के बाद बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। बताया गया है कि किसान नेता अब शाम 4 बजे दिल्ली के सिंघु बॉर्डर से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें वे अपने आगे की योजना बताएंगे। बताया गया है कि योगेंद्र यादव भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का हिस्सा बनेंगे।

    14:37 (IST)29 Nov 2020
    प्रदर्शन के बाद पंजाबी युवाओं ने साफ की सड़कें

    भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने दिल्ली बॉर्डर पर हुए किसान प्रदर्शनों के दौरान पंजाबी युवाओं द्वारा सड़कों को साफ करने की तस्वीरें पोस्ट किया है। इसमें देखा जा सकता है कि कुछ युवा लड़के झाड़ू से कचरा किनारे कर रहे हैं। हरभजन के इस पोस्ट को काफी पंसद किया जा रहा है।

    14:16 (IST)29 Nov 2020
    दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन बोले- किसानों से तुरंत होनी चाहिए बात

    दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने रविवार को कहा कि किसानों से बातचीत की कोई शर्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठनों से बातचीत तुरंत होनी चाहिए। वे भारत के ही किसान हैं और उन्हें कहीं भी प्रदर्शन करने का अधिकार है। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रस्ताव दिया है कि किसान बुराड़ी के ग्राउंड में इकट्ठा होंगे तो सरकार उनसे जल्द से जल्द बात करेगी।

    13:46 (IST)29 Nov 2020
    दिल्ली सिख कमेटी ने किसानों को मुहैया कराया भोजन

    दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के लोगों ने सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को खाना मुहैया कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में ट्रकों में भरकर खाना लाया गया और सड़कों पर ही किसानों को खाना पहुंचाया गया।

    13:40 (IST)29 Nov 2020
    दिल्ली पुलिस का प्रस्ताव- बुराड़ी जाना चाहें किसान तो देंगे इजाजत

    पूर्वी दिल्ली के एडिशनल डीसीपी मंजीत श्योराण ने गाजियाबाद में जुटे लगभग 200 किसानों से बात की। डीसीपी ने बताया कि किसानों के साथ बातचीत चल रही है। किसानों से कहा गया है कि हम उन्हें बुराड़ी भेजने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अब तक इस पर फैसला नहीं लिया है। अगर वे तैयार हैं तो हम उन्हें बुराड़ी मैदान तक ले जाएंगे।

    13:01 (IST)29 Nov 2020
    जंतर-मंतर जाने पर अड़े हैं किसान संगठन

    पंजाब के सबसे बड़े किसान संगठनों में एक भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) भी बुराड़ी नहीं जाने पर सहमत हो गया। धड़े के नेताओं ने दावा किया कि एक लाख से अधिक किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, बसों और अन्य वाहनों में राष्ट्रीय राजधानी की तरफ मार्च कर रहे हैं। किसान नेताओं ने मांग में कहा, ‘‘हम जंतर-मंतर पर जाना चाहते हैं और वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं। बैठकें हो रही हैं और अगला निर्णय होने तक हम यहां बॉर्डर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रशर्दन करना जारी रखेंगे।’’

    12:31 (IST)29 Nov 2020
    दिल्ली बॉर्डर पर जुटे हैं किसान, पर पुलिस बोली शांति बनी है

    दिल्ली बॉर्डर पर जमे किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने भारी संख्याबल तैनात कर रखा है। बताया गया है कि किसान नेताओं ने अमित शाह के प्रस्ताव पर विचार शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर फैसला हो सकता है कि किसान बुराड़ी जाएंगे या फिर दिल्ली सीमा पर ही तब तक प्रदर्शन करेंगे, जब तक उन्हें जामा मस्जिद तक जाने की इजाजत नहीं मिलती।

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