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कांग्रेस नेता से बोले शहनवाज़ हुसैन, हम फलदार, आपकी सिर्फ झाड़ी बची है, इतना क्यों तने हैं

बहस के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा "किसानों ने बहुत पीढ़ा और वेदना साधी है। अब समाधान निकलना चाहिए, प्रचंड बहुमत की सरकार को झुकना चाहिए। हमारे यहां कहा जाता है कि फलदार वृक्ष हमेशा झुका हुआ होता है, लेकिन मोदी सरकार खजूर का वृक्ष है जिसकी न पंथी को छाया है और फल सिर्फ़ चंद पूँजीपतियों के लिए है।"

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: January 21, 2021 9:35 AM
shahnawaz hussain, farmers Protest, congress, BJP, farm bill, TV debate, news 18 india, aar-paar, jansattaकांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे और BJP के नेता शाहनवाज़ हुसैन के बीच तीखी बहस देखने को मिली। (file)

केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली से सटी सीमाओं पर किसानों का आंदोलन करीब दो महीने से जारी है। सरकार और किसान नेताओं ने बीच कई दौर की वार्ता के बाद भी अबतक कोई समाधान नहीं निकला है। बुधवार को केंद्र सरकार ने आंदोलनकारी किसान संगठनों इन कानूनों को एक से डेढ़ साल तक निलंबित रखने और समाधान का रास्ता निकालने के लिए एक समिति के गठन का प्रस्ताव रखा। इसको लेकर कई न्यूज़ चैनलों में डिबेट देखने को मिली।

ऐसी ही एक डिबेट ‘न्यूज़ 18 इंडिया’ चैनल के ‘आर-पार’ शो में हो रही थी। इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता शाहनवाज़ हुसैन के बीच तीखी बहस देखने को मिली। बहस के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा “किसानों ने बहुत पीढ़ा और वेदना साधी है। अब समाधान निकलना चाहिए, प्रचंड बहुमत की सरकार को झुकना चाहिए। हमारे यहां कहा जाता है कि फलदार वृक्ष हमेशा झुका हुआ होता है, लेकिन मोदी सरकार खजूर का वृक्ष है जिसकी न पंथी को छाया है और फल सिर्फ़ चंद पूँजीपतियों के लिए है।”

इसपर बीजेपी नेता शाहनवाज़ हुसैन ने पलटवार करते हुए कहा “दुबे जी ने बहुत अच्छा कहा, हम आपकी बात का स्वागत करते हैं कि हम फलदार वृक्ष हैं। चलिये शुक्रिया आपका आपने माना तो कि हम फलदार हैं। पर आप की तो अब बस झाड़ी बची है, उसमें फल भी नहीं हैं फिर भी आप इतने तने हुए क्यों हैं? प्रचंड बहुमत हमें जनता ने दिया है, उन्होने फलदार वृक्ष बनाया है। थोड़ा आप लोग भी समझा करो। आपके पास फल नहीं है लेकिन कांटे ही कांटे हैं। जो देश को चुभ रहे हैं। किसानों को चुंभ रहे हैं। आप सिर्फ कोंफ्यूजन पैदा करते हैं।”

बीजेपी नेता ने कहा “चीन हो, पाकिस्तान हो, किसान का मुद्दा हो आप सिर्फ कांटे चुभते हैं। कभी देश के लिए फल भी लाये।” बता दें भूधवार को लगभग साढ़े पांच घंटे चली 10वें दौर की वार्ता के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ने एक से डेढ़ साल तक इन कृषि कानूनों को निलंबित करने का प्रस्ताव किसानों समक्ष रखा ताकि इस दौरान सरकार और किसान संगठनों के प्रतिनिध आपस में चर्चा जारी रख सकें। दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान इस कड़ाके की ठंड में अपने घरों को लौट सकें।

तोमर ने कहा, ‘‘जिस दिन किसानों का आंदोलन समाप्त होगा, वह भारतीय लोकतंत्र के लिये जीत होगी।’’ तोमर ने 22 जनवरी को होने वाली अगली बैठक में किसानों का विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की सहमति तैयार होने को लेकर उम्मीद जताई है।

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