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झड़प के बाद राकेश टिकैत ने भाजपा को दी धमकी, मंच पर आए तो बक्कल उधेड़ दूंगा

टिकैत ने कहा कि वो वहां पर आ गए और अपने किसी नेता का स्वागत करना चाह रहे थे, ये कैसे हो सकता है। ये मंच संयुक्त मोर्चे का है, अगर मंच पर जाना है तो इसमें शामिल हो जाओ।

गाज़ीपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं व कृषि कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प। (Express Photo by Praveen Khanna)

मोदी सरकार के तीन नए कृषि क़ानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। किसान दिल्ली से सटी सीमाओं पर 7 महीने से भी ज्यादा समय से बैठे हैं। इसी बीच दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित गाज़ीपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारी किसानों के बीच बुधवार को झड़प हो गई, जिससे दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हो गए।

इस झड़प के बाद भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत नाराज़ हो गए और उन्होंने भाजपा को चेतावनी दी कि अगर मंच पर आए तो बक्कल उधेड़ दूंगा। टिकैत ने कहा कि वो वहां पर आ गए और अपने किसी नेता का स्वागत करना चाह रहे थे, ये कैसे हो सकता है। ये मंच संयुक्त मोर्चे का है, अगर मंच पर जाना है तो इसमें शामिल हो जाओ। किसान नेता ने कहा “सड़क पर मंच होने का मतलब ये नहीं है कि कोई भी मंच पर आ जाएगा. अगर आना ही है तो बीजेपी छोड़कर आ जाएं, जो कब्जा करने की कोशिश करेगा उनके बक्कल उधाड़ दिए जाएंगे।”

टिकैत ने कहा “हां, मैं धमकी दे रहा हूं। मंच पर कब्जा करने नहीं दिया जाएगा, पूरे प्रदेश में उन्हें कहीं आने नहीं दिया जाएगा। ये सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ है, उनकी  कोशिश थी कि वो मंच पर झंडा लगाएं और अपने नेता का स्वागत करें।”

टिकैत ने भाजपा पर जाति आधारित दंगे भड़काने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। बीकेयू की ओर से जारी बयान के अनुसार टिकैत ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने किसान नेताओं को काले झंडे दिखाये और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। बयान में कहा गया है कि बाल्मीकि समाज के सदस्यों ने कृषि कानूनों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हंगामा उस समय हुआ जब भाजपा कार्यकर्ता उस फ्लाईओवर से अपना जुलूस निकाल रहे थे जहां केन्द्र के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे आंदोलनकारी किसान नवंबर 2020 से धरने पर बैठे हुए हैं, जिनमें अधिकतर भारतीय किसान यूनियन के समर्थक हैं। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले, जिस वजह से कुछ लोग जख्मी हो गए।

सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें कथित रूप से कुछ गाड़ियां क्षतिग्रस्त हालत में दिख रही हैं। ये गाड़ियां भाजपा नेता अमित वाल्मिकी के काफिले का हिस्सा थीं और वाल्मिकी के स्वागत के लिए ही जुलूस निकाला जा रहा था।

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि यह प्रकरण तीन विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन को कुचलने और इसे बदनाम करने की भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की साजिश है। दूसरी तरफ, भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अमित वाल्मिकी के स्वागत कार्यक्रम के दौरान उनके खिलाफ जातिगत टिप्पणी की गई और अपशब्द कहे गए, जिसके चलते झगड़ा हुआ।

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