कर्नाटक से भी मिला किसान आंदोलन को समर्थन, खट्टर बोले- राजनीति के लिए हो रहे प्रदर्शन, कांग्रेस का हाथ

हरियाणा के सीएम ने कहा कि किसानों को बरगलाने का जो काम कांग्रेस करती है, मेरी उनसे अपील है कि वह इसे छोड़ दे। किसी को उकसाकर व्यवस्था ना बिगाड़े।

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते किसान। फाइल फोटो।

कर्नाटक किसान संगठन संघ और राज्य गन्ना उत्पादक संघ के सदस्यों ने किसानों के भारत बंद का समर्थन करने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार के विवादास्पद कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 27 सितंबर को राष्ट्रव्यापी बंद का ऐलान किया गया है। उधर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि किसानों के तरफ से किया जा रहा प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित है। साथ ही उन्होंने इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया है।

हरियाणा के सीएम ने कहा कि किसानों को बरगलाने का जो काम कांग्रेस करती है, मेरी उनसे अपील है कि वह इसे छोड़ दे। किसी को उकसाकर व्यवस्था ना बिगाड़े। एक आंदोलन चल रहा है उसमें एक विशेष वर्ग के लोग बैठे हैं, सभी किसान उसमें शामिल नहीं है। गन्ने की रेट बढ़ने से किसान खुश है। उन्होंने कहा कि हम लगातार किसानों के हित में काम कर रहे हैं। फसल की बुआई से पहले उसकी कीमत तय करना यह हमारे ही समय में हुआ है।इस बार हमने गन्ने का रेट 12 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया है। सर्वाधिक रेट देश में इस वक़्त हमारा है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि देश में किसानों की आय नहीं, बल्कि कर्ज बढ़ा है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ किसान की आय नहीं क़र्ज़ बढ़ा! देश का पेट भरने वाला जब अपने परिवार का पेट ना भर सके तो क्या करे?’’राहुल गांधी ने जिस खबर का हवाला दिया उसमें कहा गया है कि 2013 से 2018 के दौरान किसान परिवारों पर औसतन कर्ज 57 प्रतिशत बढ़ गया।

बताते चलें कि हरियाणा सरकार ने पिछले महीने किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प में शनिवार को जांच के आदेश दिए और दोनों पक्षों के बीच विवाद के केंद्र में रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी को अवकाश पर भेज दिया। इसके बाद, किसानों ने कहा कि वह करनाल जिला मुख्यालय के बाहर जारी अपने प्रदर्शन को वापस ले लेंगे। हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने करनाल में मीडिया को बताया कि जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। उन्होंने बताया कि जांच एक महीने के भीतर पूरी होगी और पूर्व उपसंभागीय जिलाधिकारी (एसडीएम) आयुष सिन्हा इस दौरान अवकाश पर रहेंगे। संवाददाता सम्मेलन का हिस्सा रहे किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि वे अब करनाल जिला मुख्यालय के बाहर अपने धरने को समाप्त कर देंगे।

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