“मोदी-योगी को हराओ, वहां तो किसान की बात ही न हुई”, मुजफ्फरनगर में हुई महापचांयत पर बोले HKMS सदस्य; 26 को फिर होगी पर BKU के राकेश टिकैत को पता नहीं

मुजफ्फरनगर खाप का नेतृत्व वाले राजेंद्र सिंह मलिक के मुताबिक, राकेश टिकैत हों या नरेश टिकैत, इन्होंने सिर्फ अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ी। यह दिखाया कि मुजफ्फरनगर में उनका क्या अस्तित्व है।

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उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर बीकेयू प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत का गृह जिला है। (फाइल फोटो)

कृषि कानूनों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में फिर से एक महापंचायत होने वाली है। 26 सितंबर, 2021 को यह पंचायत हिंद किसान मजदूर समिति (एचकेएमएस) के आह्वान पर होगी। समिति के सदस्यों का कहना है कि इससे पहले पांच सितंबर को जो महापंचायत हुई थी, उसमें तो सिर्फ मोदी और योगी को हराने पर चर्चा हुई थी। उसमें पूरी तरह से राजनीति हुई थी। वहां किसानों के असल मुद्दों पर तो बात ही नहीं हुई।

समिति के अध्यक्ष राजपाल सिंह ने इस बारे में हिंदी समाचार चैनल आज तक को बताया कि हम इस महापंचायत के जरिए किसानों के स्थानीय मुद्दों पर बात करेंगे। हमारा मकसद किसी को चुनौती नहीं देना है। चूंकि, किसानों के आंदोलन में गन्ने के चार साल से रेट न बढ़ने, बिजली के भारी बिल, आवारा पशुओं द्वारा फसल नष्ट करने जैसे प्रमुख मुद्दे नहीं उठाए जा रहे हैं, इसलिए वे महापंचायत करने पर मजबूर हो रहे हैं।

समिति से जुड़े एक अन्य बुजुर्ग सदस्य ने बताया कि उस पंचायत में किसान के मुद्दे नहीं उठाए गए। हम तो लगता है कि वह तो राजनीतिक ताकत दिखाने का मुद्दा था। किसान की बात तो वहां हुई ही नहीं। वहां तो सियासत की बात…मोदी-योगी को हराओ…ऐसी बात हुई। किसान की बात ही नहीं हुई। परेशान किसान को उसी मैदान पर इसी वजह से फिर से महापंचायत करनी पड़ रही है।

मुजफ्फरनगर खाप का नेतृत्व वाले राजेंद्र सिंह मलिक ने भी कहा- जब वहां किसानों की कोई मांग नहीं मानी गई, तब इस समिति के साथ बैठकर बात हुई। विचार-विमर्श के बाद कई संगठनों से बातचीत हुई और उसके बाद इस महापंचायत का फैसला लिया गया। जो पंचायत हुई, वह सियासी थी। हर राजनीतिक दल में उसमें लगा था। राकेश टिकैत हों या नरेश टिकैत, इन्होंने सिर्फ अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ी। यह दिखाया कि मुजफ्फरनगर में उनका क्या अस्तित्व है।

आप लोग क्या दिखाएंगे? यह पूछे जाने पर वह बोले, “सिर्फ किसान की बात।” बता दें कि मुजफ्फरनगर राकेश टिकैत का गृह जिला है। इस महापंचायत के बारे में जब राकेश टिकैत से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। बोले, “हो रही होगी। हम क्या मना कर रहे हैं। होनी चाहिए। कम से कम चुनाव का समय है। पंचायत होगी, तो सरकार सुनेगी।”

यह पूछे जाने पर कि ऐसा क्या हुआ कि आप भी वहीं रहते हो, फिर किसान बंटता हुआ क्यों दिख रहा है? टिकैत ने जवाब के रूप में रिपोर्टर से पूछ दिया, “आप कितने भाई हो? आप सारे इकट्ठा रहते हो। आपकी कभी लड़ाई न हुई? आपने बंटवारा थाने में तो किया नहीं, घर में बैठकर ही किया न। होगा किसी बात को लेकर…पंचायत हो रही है, किसान के मुद्दे पर। हो रही है, तो होने दो। सरकार ऐसे नहीं मानेगी। वह चारों तरफ से घिरने पर ही मानेगी।”

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