तोमर के पास कृषि क़ानूनों पर समर्थन देने गए “किसानों” में से कई बीजेपी समर्थक

उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल पुष्पेंद्र चौहान ने 'The Indian Express' से बातचीत में कहा कि वो दिल्ली कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं और साल 1985 से दिल्ली में रहते हैं। उन्होंने कहा कि 'मैं मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का रहने वाला हूं

Author Edited By Nishant Nandan Updated: December 9, 2020 8:25 AM
BJP, KISAN, FARMERSकृषि मंत्री से मुलाकात करने वालों में कई बीजेपी के समर्थक भी थे। फाइल फोटो

सड़क पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच बीते सोमवार को लगभग 20 किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात की थी। इस प्रतिनिधि मंडल में दिल्ली के एक वकील के अलावा कई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थक शामिल थे। इनमें से ज्यादातर Farmers Producer Organizations (FPOs) चलाते हैं। कृषि मंत्री से मुलाकात के दौरान जो ज्ञापन इन सभी ने सौंपा था उसमें इन्होंने कृषि कानूनों का समर्थन किया था, हालांकि इसमें एमएसपी और मंडी सिस्टम में कुछ बदलाव किये जाने के सुझाव भी दिये गये थे। जिन लोगों ने इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे उसमें एक पुष्पेंद्र चौहान भी थे।

चौहान ने ‘The Indian Express’ से बातचीत में कहा कि वो दिल्ली कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं और साल 1985 से दिल्ली में रहते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मैं मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का रहने वाला हूं…मेरे पास 3.5 एकड़ जमीन है…मैं किसी संगठन का सदस्य नहीं हूं…हमने नए कृषि कानूनों को सशर्त समर्थन किया है..मंडी सिस्टम जारी रहना चाहिए और मंडी के अंदर और बाहर Fee Structure में समानता होनी चाहिए।’

इस प्रतिनिधिमंडल में कंवल सिंह चौहान भी शामिल थे। कंवल सिंह चौहान सोनीपत के एक गांव अटेरना के रहने वाले हैं। कृषि के क्षेत्र में योगदान के लिए साल 2019 में उन्हें पद्म श्री भी मिला था। चौहान ने कहा कि उनके Progressive Farmer Club, Sonipat में 50 सदस्य हैं। लॉ ग्रेजुएट चौहान ने साल 1996 में जनता दल के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ा था और उन्हें 3100 वोट मिले थे। साल 1999 में उन्होंने सोनीपत से एनसीपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा था और उन्हें 1948 वोट मिले थे।

प्रतिनिधि मंडल में शामिल विनोद गुलिया हरियाणा के भडसा गांव के रहने वाले हैं। यह गांव हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ के विधानसभा क्षेत्र, बादली में आता है। विनोद गुलिया का कहना है कि उनके FPOs में 550 शेयरहोल़्डर्स हैं। उनका फर्म किसानों को कई अलग-अलग तरह के मशीन, बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने का काम करता है।

विनोद गुलिया ने एमएसपी पर चर्चा करते हुए कहा कि ‘अगर मोदी कह रहे हैं तो हमें उनपर विश्वास करना होगा।’ उनकी सलाह है कि किसानों की शिकायतों को सुनने के लिए स्पेशल कोर्ट होना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक गुलिया सत्तारुढ़ बीजेपी के साथ सक्रिय तौर से जुड़े हुए हैं।

इस प्रतिनिधि मंडल में झज्जर जिले के धौर गांव के रहने वाले दीपक राजैन भी शामिल थे। लॉ ग्रेजुएट दीपक ने खुद कहा कि वो भाजपा से जुड़े हुए हैं और लंब समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फॉलोअर रहे हैं। उनके एफपीओ में 74 सदस्य हैं। उनका कहना है कि ‘ मैंने झज्जर कोर्ट में कुछ समय तक वकील के तौर पर प्रैक्टिस किया है। लेकिन अब मैं प्रैक्टिस नहीं करता है। मेरे पास 4 एकड़ जमीन है और मैं अपनी तथा मेरे चाचा की 4 एकड़ जमीन पर खेती करता हूं। मैं इस कानून के समर्थन में हूं..कमीशन एजेंट मेरे उत्पादन को कम पैसे में खरीदते हैं।’

बहादुरगढ़ के रहने वाले सतपाल सिंह Nuna Majra Farmer Producer Company चलाते हैं और इसके 94 सदस्य हैं। उनका कहना है कि ‘मैं खुले बाजार का समर्थन करता हूं लेकिन एमएसपी का सिस्टम बना रहना चाहिए…अगर कोई किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य से काम दाम पर खरीदता हैं तो उसे सजा होनी चाहिए।’ आर्थिक स्थिति के आधार पर सरकारी नौकरियों में किसानों के बच्चों के लिए आरक्षण होना चाहिए।

Next Stories
1 हरदिल अजीज कलाम
2 हिंदुओं को गद्दार बता गरजे थे, हुआ सवाल तो पड़े नरम; लाइव शो में बोले योगराज- माफी मांग ली है और मांगनी भी चाहिए
3 तख्त हाल और मिसाल
ये पढ़ा क्या?
X