ताज़ा खबर
 

कोरोना के बीच कृषि कानून पर रारः हिसार में CM खट्टर के प्रोग्राम का विरोध को पहुंचे थे किसान, लाठीचार्ज के बाद पुलिस ने छोड़ी टियर गैस

सीएम मनोहर लाल एक कोविड अस्पताल का उद्घाटन करने हिसार पहुंचे थे। उनका विरोध करने भारी संख्या में किसान जुटने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बेरीकेडिंग लगाई। लेकिन किसानों ने पुलिस की चेतावनी को अनसुना करते हुए सीएम के प्रोग्राम की तरफ जाने का फैसला लिया।

हांसी में विरोध कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज करने के बाद आंसू गैस छोड़ी। (फोटोः स्क्रीनशॉट@mandeeppunia1)

कोरोना के बीच भी कृषि कानूनों पर रार थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को हिसार में CM मनोहर लाल खट्टर के प्रोग्राम का विरोध करने पहुंचे किसानों पर लाठीचार्ज के बाद पुलिस ने टियर गैस भी छोड़ी। इसमें कई किसान गंभीर रूप से भी घायल हुए। घटना हिसार के हांसी में हुई।

जानकारी के अनुसार सीएम मनोहर लाल एक कोविड अस्पताल का उद्घाटन करने हिसार पहुंचे थे। उनका विरोध करने भारी संख्या में किसान जुटने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बेरीकेडिंग लगाई। लेकिन किसानों ने पुलिस की चेतावनी को अनसुना करते हुए सीएम के प्रोग्राम की तरफ जाने का फैसला लिया। पुलिस पहले उन्हें रोकने की कोशिश करती रही, लेकिन किसान नहीं माने। पुलिस की कार्वाई के विरोध में उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी और वापस जाने से साफ तौर पर इनकार कर दिया।

गुस्साए किसानों ने बेरिकेडिंग तोड़कर हिसार की तरफ जाने की कोशिश की। पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। किसान भी कहां मानने वाले थे। वो पुलिस के बल प्रयोग के बावजूद हिसार की तरफ जाने लगे। तब पुलिस ने टियरगैस का उपयोग किया। उसके बाद प्रदर्शनस्थल पर भगदड़ मच गई। बताया जाता है कि इस दौरान पुलिस की कार्रवाई में कई किसान जख्मी भी हुए।

पुलिस का कहना है कि किसानों से कहा गया था कि वो सीएम के कार्यक्रम की तरफ न जाए। लेकिन वो नहीं माने। इस वजह से बल प्रयोग करना पड़ा। उधर, किसानों का कहना है कि जब तक काले कानून वापस नहीं हो जाते वो विरोध करना नहीं छोड़ेंगे। बीजेपी सरकार को किसानों की बात सुननी ही होगी। इस तरह की कार्रवाई से किसान डरने वाले नहीं हैं।

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में केंद्र सरकार ने खेती से जुड़े तीन कानून लागू किए थे। इन कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। किसान और सरकार के बीच 11 बार बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन कोई सहमति नहीं बनी। किसान चाहते हैं कि सरकार तीनों कानूनों को रद्द करे और एमएसपी पर गारंटी का कानून लेकर आए। उधर, सरकार का कहना है कि वो कानूनों को वापस नहीं ले सकती। इसमें संशोधन किए जा सकते हैं।

Next Stories
1 कोरोनाः PM मोदी के 15 फोटो शेयर कर AAP नेता ने बता दिया- बहरूपिया; केजरीवाल की तस्वीरें शेयर लोग देने लगे जवाब
2 COVID-19 Vaccines के दाम पर सरकार का नियंत्रण नहीं, जानें- क्यों?
3 Radhe Leak पर सलमान खान ने चेताया- पाइरेसी का न बनें हिस्सा, वरना मुसीबत में फंस जाओगे
यह पढ़ा क्या?
X