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सिंघु बॉर्डर पर पुलिस पर टूट पड़े किसान? राकेश टिकैत बोले- सरकार चाहती है कि हम करें पंगेबाजी, FIR के लिए खींचते हैं फोटो

दिल्ली पुलिस के दो सहायक उप-निरीक्षकों पर सिंघु बॉर्डर पर लोगों के एक समूह द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया।

राकेश टिकैत ने सरकार से कृषि कानून वापस लेने को कहा (Photo- Indian Express)

किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन स्थल पर सिविल ड्रेस में रहकर तस्वीरें खींचने का काम कर रही है। टिकैत के मुताबिक पुलिस इस तरह से तस्वीरें खींच रही है जिससे आंदोलन को लेकर गलत तस्वीर पेश की जा सके। पुलिस एक तरह से किसानों से पंगे लेने का काम कर रही है। टिकैत ने कहा कि पुलिस चाहती है कि किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो। पुलिस किसानों की तस्वीरें खींच कर पहचान कर रही है और इसके बाद किसानों के घर पर नोटिस देने का काम कर रही है।

मालूम हो कि दिल्ली पुलिस के दो सहायक उप-निरीक्षकों पर सिंघु बॉर्डर पर लोगों के एक समूह द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। केन्द्र के तीन कृषि कानूनों को निरस्त किये जाने की मांग को लेकर किसान लगभग छह महीनों से सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले किसान थे तो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्हें (एएसआई को) विरोध स्थल पर मौजूद लोगों ने पीटा था। उनकी पहचान का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।’’ उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और वे दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा में तैनात हैं।

पुलिस ने बताया कि यह घटना 10 जून को हुई थी। दोनों पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों में से एक ने बताया कि दो पुलिसकर्मियों को विरोध स्थल पर कथित तौर पर तस्वीरें क्लिक करते हुए पाया गया और इसके बाद उन पर समूह द्वारा हमला किया गया था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के दौरान एक पुलिसकर्मी की कलाई में फ्रैक्चर हुआ जबकि दूसरे एएसआई के पैर में गंभीर चोटें आईं। दोनों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उन्होंने कहा, ‘‘मौके पर मौजूद लोगों ने उनकी पिटाई कर दी। घटना में शामिल कुछ लोगों की पहचान कर ली गई है लेकिन हमें अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि वे कौन थे।’’

पुलिस ने कहा कि विशेष शाखा में तैनात पुलिसकर्मियों की नौकरी की प्रकृति अलग है। अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्हें स्थिति पर नजर रखने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को देखने और स्थानीय पुलिस द्वारा की गई उचित कार्रवाई पर रिपोर्ट करने के लिए नियमित रूप से तैनात किया जाता है।’’

पुलिस ने बताया कि ड्यूटी के दौरान एक लोक सेवक पर हमला करने, स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने समेत आईपीसी की धाराओं और दिल्ली आपदा प्रबंधन अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत नरेला पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त किये जाने की मांग को लेकर किसान दिल्ली की सीमाओं पर छह महीने से अधिक समय से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार ने हालांकि कहा है कि नए कानून किसान हितैषी हैं।

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