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गणतंत्र दिवस: हिंसक हुए किसान, लाल किले पर कब्जा, लहराया अपना झंडा

पुलिस ने लालकिले से प्रदर्शनकारी किसानों को हटाने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। करीब 45 मिनट तक किसानों का जमावड़ा लाल किले पर लगा रहा। इसके बाद धीरे-धीरे किसान समूहों में जाने लगे।

Farmers violent movementदिल्ली में आंदोलन के दौरान लाल किले के प्राचीर पर चढ़े आंदोलनकारी किसान (ऊपर), किले के ध्वज स्तंभ पर अपना झंडा लगाता युवक (बाएं) और पुलिस को तलवार दिखाता बुजुर्ग किसान(दाएं)। (एक्सप्रेस फोटो)

गणतंत्र दिवस के दिन राष्ट्रीय ध्वज और किसान यूनियनों के झंडों के साथ ही लाठी-डंडे लिए ट्रैक्टरों पर सवार हजारों किसान मंगलवार को पुलिस के अवरोधक तोड़कर दिल्ली में दाखिल हुए। ट्रैक्टर सवार कई प्रदर्शकारियों ने पुलिस से भिड़ते हुए लालकिले तक पहुंच कर परिसर पर कब्जा कर लिया। वहां ध्वज-स्तंभ पर चढ़ एक युवक ने निशान साहिब फहरा दिया।

इस ध्वज स्तंभ पर देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान झंडा फहराया जाता है। गणतंत्र दिवस परेड के आयोजन के बाद तय मार्ग पर किसानों ट्रैक्टर परेड की अनुमति दी गई थी, लेकिन कई स्थानों पर प्रदर्शनकारी बेकाबू हो गए। पुलिसकर्मियों से झड़प हुई और लाठीचार्ज किया गया, कई जगह पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। आइटीओ पर सैकड़ों किसान पुलिसकर्मियों को लाठियां लेकर दौड़ाते और खड़ी बसों को अपने ट्रैक्टरों से टक्कर मारते दिखे। वहां एक ट्रैक्टर के पलट जाने से एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई।

आइटीओ पर हुए बवाल में व्यक्ति की मौत के बाद नाराज किसानों ने वहां शव रखकर प्रदर्शन किया और हालात तनावपूर्ण बने रहे। जिस व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, उनकी पहचान उत्तराखंड के बाजपुर के नवनीत सिंह के रूप में हुई है। किसानों ने दावा किया कि उन्हें गोली लगी और उनके शरीर पर गोली लगने जैसा कोई निशान है। जबकि पुलिस का कहना है कि ट्रैक्टर के पलटने से व्यक्ति की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

गणतंत्र दिवस परेड के आयोजन के बाद तय मार्ग पर ट्रैक्टर परेड की अनुमति दी गई थी, लेकिन दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर किसान कई अन्य जगहों पर घुस गए। आइटीओ एक संघर्ष क्षेत्र की तरह रहा जहां गुस्साए प्रदर्शनकारी एक कार को क्षतिग्रस्त करते दिखे। सड़कों पर ईंट और पत्थर बिखरे पड़े थे।

Farmers’ Tractor Rally Live Updates: नहीं मान रहे किसान! लाल किला की प्राचीर से फहराए अपने झंडे; मचा रहे बवाल

दिन चढ़ने के साथ ही हजारों किसान इधर उधर घूमते दिखे। हजारों अन्य किसान आइटीओ से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित लाल किले पर एकत्रित हो गए। इनमें से कुछ पैदल, कुछ ट्रैक्टर और यहां तक कि कुछ घोड़ों पर सवार होकर वहां पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी मुगल कालीन लालकिले के परिसर में घुस गए और गुंबदों व प्राचीर पर चढ़ने का प्रयास किया। इनमें से कुछ उस ध्वज-स्तंभ पर झंडा फहराने के लिए चढ़ गए जिस पर प्रधानमंत्री प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराते हैं। भीड़ बढ़ने के साथ ही तनाव भी बढ़ने लगा। आइटीओ पर पुलिस द्वारा पीछे धकेले जाने पर कुछ प्रदर्शनकारी किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ लालकिला परिसर की ओर चल दिए।

पुलिस ने लालकिले से प्रदर्शनकारी किसानों को हटाने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। करीब 45 मिनट तक किसानों का जमावड़ा लाल किले पर लगा रहा। इसके बाद धीरे-धीरे किसान समूहों में जाने लगे। उनसे अलग एक समूह आइटीओ पहुंचा। यहां काफी हंगामा हुआ। किसान बेकाबू हो गए। पुलिस बल ने कड़ी मशक्कत के साथ उन्हें काबू किया। इस दौरान झड़पें भी हुईं और एक किसान को जान गंवानी पड़ी। उस समय प्रदर्शनकारी वीवीआइपी इलाके ‘लुटियंस दिल्ली’ से केवल एक किलोमीटर की दूरी पर थे।

दिल्ली में अन्य जगहों पर भी हंगामा हुआ। पुलिस ने शाहदरा के चिंतामणि चौक पर किसानों पर तब लाठीचार्ज किया, जब उन्होंने अवरोधकों को तोड़ने के साथ ही कारों की खिड़की के शीशे तोड़ दिए। ‘निहंगों’ का एक समूह अक्षरधाम मंदिर के पास सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गया। पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई चौक और मुकरबा चौक पर किसानों ने सीमेंट के बेरीकेड तोड़ दिए और पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। जब हिंसा भड़की तो दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे किसानों से अपील की कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और शांति बनाए रखें। पुलिस ने किसानों को ट्रैक्टर परेड के लिए उनके पूर्व-निर्धारित मार्गों पर वापस जाने के लिए कहा।

आईटीओ पर लाठीचार्ज
जो किसान दिल्ली के अंदर लाल किले और आइटीओ तक पहुंचे, वे सिंघू बार्डर व तिगड़ी बार्डर पर प्रदर्शनरत थे। पुलिस के अवरोधकों को तोड़कर वे दिल्ली में दाखिल हो गए। पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज भी किया।

आइटीओ पर भी अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई, जहां प्रदर्शनकारी हाथ में डंडे लेकर पुलिस को दौड़ाते और अपने ट्रैक्टरों से वहां खड़ी बसों को टक्कर मारते दिखे। आइटीओ पर गुस्साए किसानों ने एक बस में तोड़फोड़ भी की। ट्रैक्टर परेड निकालने के लिए निर्धारित मार्ग का अनुसरण ना करने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।

गाजीपुर और चिल्ला में झड़प
गाजीपुर सीमा से बड़ी संख्या में किसान नियमों को ताक पर रखकर ट्रैक्टर-टॉली लेकर अक्षरधाम फ्लाईओवर के पास पहुंचे। यहां पुलिस ने सड़क पर बैरिकेड लगा रखे थे, जहां किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग कर स्थिति पर काबू पाया।

चिल्ला सीमा से मयूर विहार फेस वन और डीएनडी से गाजीपुर की ओर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। इस दौरान किसान एक लेन में केवल ट्रैक्टर के साथ रैली करते नजर आए। मयूर विहार मेट्रो स्टेशन के पास किसानों ने हंगामा करने की कोशिश की। यहां वे डेढ़ घंटे तक सड़क पर बैठे रहे। लेकिन पुलिस की सख्ती से वे दोबारा चिल्ला सीमा पर लौट आए।

आनंद विहार, लोनी में जमावड़ा
आनंद विहार में सुबह से ही ट्रैक्टर ट्रॉली में बड़ी संख्या में किसान पहुंच रहे थे। इस वजह से इस मार्ग को आंनद विहार और आइएसबीटी कश्मीरी गेट की तरफ जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया था। जबकि इस फ्लाइओवर पुलिस ने पहले ही बंद किया हुआ था।

यहां जब जाम के हालात बने तो किसानों ने दिलशाद गार्डन फ्लाइओवर से गाड़ियां छोड़कर पैदल भी बढ़ने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग कर किसानों को लौटने पर मजबूर कर दिया। लोनी रोड गोल चक्कर के नजदीक पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी किसानों ने घुसने की कोशिश की थी। इस मार्ग पर भी पुलिस ने आवाजाही पूर्णत: बंद कर दी थी। इस मार्ग का प्रयोग कर किसान पुश्ता रोड होते हुए दिल्ली में घुसने की कोशिश कर रहे थे।

नांगलोई में हंगामा
सिंघु बॉर्डर, टिकरी, गाजीपुर, आइटीओ के बाद उग्र किसानों ने बाहरी दिल्ली के नांगलोई चौक पर भी जमकर हंगामा किया। किसानों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़ने के बाद हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने भी भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

यहां हजारों की संख्या में किसान इकट्ठे हुए। किसानों ने ट्रैक्टर से सीमेंट के ब्लॉक को टक्कर मारकर रास्ता बनाया। एक-एक ट्रैक्टर पर करीब 10 से 15 किसान मौजूद थे।

गृह सचिव ने हालात की जानकारी गृहमंत्री को दी
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने मंगलवार को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड से जुड़ी स्थिति की जानकारी गृह मंत्री अमित शाह को दी। ट्रैक्टर परेड में हिंसा के बाद यह बैठक हुई।

अधिकारी ने बताया कि गृह सचिव ने केंद्रीय गृह मंत्री से मिलकर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के हालात और शांति बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में कुछ अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवा पर अस्थाई रोक लगा दी है।

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