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बजाज गांगनौली चीनी मिल बंदी घोषणा से किसानों में आक्रोश

बजाज ग्रुप की देवबंद तहसील की गांगनौली चीनी मिल बंदी की घोषणा से गन्ना किसानों में जबरदस्त रोष है। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता इस मिल की एथेनोल बनाने..

Author August 5, 2015 8:05 PM

बजाज ग्रुप की देवबंद तहसील की गांगनौली चीनी मिल बंदी की घोषणा से गन्ना किसानों में जबरदस्त रोष है। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता इस मिल की एथेनोल बनाने वाली फैक्टरी के गेट पर धरना दिए हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहारनपुर के भाजपा सांसद राघव लखनपाल शर्मा सरकार से मांग की है कि हजारों गन्ना किसानों के हितों को देखते हुए ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे गांगनौली चीनी मिल बंद न की जा सके।

बजाज ग्रुप की गांगनौली चीनी मिल इकाई के प्रबंधक तेज सिंह ढाका की ओर से 25 जुलाई को जिलाधिकारी पवन कुमार को पत्र भेज कर सूचित किया गया था कि पेराई क्षमता के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में गन्ना आपूर्ति नहीं होने और मिल के लगातार घाटे में जाने के कारण इस बार चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू नहीं किया जाएगा।

सहारनपुर के उप गन्ना आयुक्त वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि अपर गन्ना आयुक्त लखनऊ और खुद उनकी ओर से भी गांगनौली चीनी मिल के प्रबंधकों को नोटिस भेजा गया है। जिसमें कहा गया कि इस यूनिट के पावर को जनरेशन प्लांट एवं एथेनोल इकाइयां निरंतर लाभ में चल रही है और 90 हजार कुंतल प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली इस चीनी मिल ने अपने पहले पेराई सत्र के दौरान 93 लाख चार हजार कुंतल और दूसरे पेराई सत्र में 64 लाख कुंतल के करीब गन्ने की पेराई की थी।

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पिछले सत्र में उसने 46.03 लाख कुंतल गन्ना पेराई कर चार लाख 14 हजार कुंतल चीनी उत्पादन किया था। मिल को गन्ने की आपूर्ति के पीछे मिल प्रबंधन का इलाके के गन्ना किसानों के साथ समन्वय का अभाव रहा है। प्रबंधन ने इस सत्र के शुरू होने से पूर्व की गई गन्ने की बुआई के दौरान किसानों को पूरी तरह से प्रेरित किया और गन्ना विभाग के साथ-साथ किसानों को गन्ना बुआई में भरपूर सहयोग दिया। इस कारण अब मिल का पेराई सत्र शुरू न किए जाने का कोई नैतिक और कानूनी औचित्य नहीं बनता है।

भाजपा सांसद बताया कि गांगनौली चीनी मिल की एथेनोल इकाई ने अबकी एक लाख 60 हजार कुंतल एथेनोल का उत्पादन किया। केंद्र सरकार ने पेट्रोल में 10 फीसद तक एथेनोल मिलाने की अनुमति मिल मालिकों दे दी। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि चीनी मिल और उससे जुड़ी इकाइयां घाटे में चल रही है। गांगनौली चीनी मिल के बंद होने से नागल क्षेत्र के 40 से 50 हजार किसान बर्बादी और भुखमरी के कगार पर पहुंच सकते है। ऐसे में केंद्र सरकार वो सभी कदम उठाए जिसे चीनी मिल बंद न किया जा सके।

उप गन्ना आयुक्त सहारनपुर वीबी सिंह ने आज यह भी बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर गांगनौली चीनी मिल समेत सहारनपुर जिले की अन्य दूसरी निजी चीनी मिलों के प्रबंधन निदेशकों और मिल प्रबंधकों के खिलाफ गन्ना बकाए का भुगतान न करने की रिपोर्ट संबंधित थानों में दर्ज कराई गई है। जिलाधिकारी ने पुलिस-प्रशासन से उनकी गिरफ्तारी किए जाने को भी कहा है।

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