अंबाला में प्रदर्शन के दौरान वाहन की टक्कर से घायल हुआ शख्स, किसानों का आरोप, भाजपा सांसद ने चढ़ाई गाड़ी

सांसद नायब सिंह सैनी ने किसानों के आरोपों को गलत बताया और कहा कि उनके काफिले की गाड़ी से कोई भी किसान घायल नहीं हुआ है। उनका कहना है कि घटना की वीडियो किसी के पास हो तो दिखाए।

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किसान अंबाला के नारायणगढ़ में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए सांसद को काले झंडे दिखा रहे थे। (फाइल फोटो- एपी)

लखीमपुर खीरी में गाड़ी से कुचलकर चार किसानों और चार अन्य लोगों की मौत का मामला अभी शांत नहीं हो सका है, इस बीच गुरुवार को हरिणाया के अंबाला में ऐसी ही एक और घटना हो गई। अंबाला के नारायणगढ़ में एक कार्यक्रम था। इसमें कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद नायब सिंह सैनी भी शामिल हुए। उनका विरोध करने और काले झंडे दिखाने के लिए बड़ी संख्या में किसान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। कार्यक्रम खत्म होते ही सांसद नायब सिंह सैनी वहां से जाने लगे तभी उनका विरोध कर रहे भवनप्रीत नाम के एक किसान को गाड़ी की टक्कर लग गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि जिस गाड़ी से टक्कर लगी है, वह भाजपा सांसद के काफिले की गाड़ी थी।

जानकारी मिलते ही वहां बड़ी संख्या में किसान जुट गए और जोरदार विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट ने नारायणगढ़ थाने में इसकी जानकारी दी। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल घायल किसान को अस्पताल पहुंचाया गया है। उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

दूसरी तरफ सांसद नायब सिंह सैनी ने किसानों के आरोपों को गलत बताया और कहा कि उनके काफिले की गाड़ी से कोई भी किसान घायल नहीं हुआ है। उनका कहना है कि घटना की वीडियो किसी के पास हो तो दिखाए।

इस बीच उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार से गुरुवार को यह बताने के लिए कहा कि तीन अक्टूबर की लखीमपुर खीरी हिंसा के सिलसिले में किन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और उन्हें गिरफ्तार किया गया है या नहीं। इस घटना में आठ लोगों की मौत हो गई थी।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए वकील को इस बारे में स्थिति रिपोर्ट में जानकारी देने का निर्देश दिया। वकील ने पीठ से कहा कि घटना की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन किया गया है और राज्य मामले में एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करेगा।

शीर्ष अदालत ने मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को तय की है। लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान तीन अक्टूबर को हुई हिंसा में आठ लोग मारे गए थे। इससे पहले, दोपहर में शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह उन दोनों वकीलों का पक्ष जानना चाहती है जिन्होंने लखीमपुर खीरी घटना में सीबीआई को शामिल करते हुए उच्च स्तरीय जांच का अनुरोध किया था।

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