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किसानों की खुदकुशी पर सांसदों ने जताई चिंता

लोकसभा में गुरुवार को विभिन्न दलों के सदस्यों ने देशभर में किसानों की खुदकुशी के मामलों पर चिंता जताई। साथ ही सरकार से इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत बताते हुए पूरे देश में किसानों पर बकाया कर्ज को माफ करने की मांग की।

Author नई दिल्ली | March 17, 2017 2:17 AM
(file Photo)

लोकसभा में गुरुवार को विभिन्न दलों के सदस्यों ने देशभर में किसानों की खुदकुशी के मामलों पर चिंता जताई। साथ ही सरकार से इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत बताते हुए पूरे देश में किसानों पर बकाया कर्ज को माफ करने की मांग की। 2017-18 के लिए कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर बुधवार को शुरू हुई चर्चा को आगे बढ़ाते हुए टीआरएस के कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की पहल की जा रही है और इस दिशा में पिछले वर्ष अच्छे मानसून से कृषि क्षेत्र की स्थिति बेहतर हुई है। पहली बार कृषि विकास दर में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। आने वाले समय में कृषि विकास दर के और बेहतर होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि बीमा अच्छी पहल है और इसमें गांव को इकाई बना कर इसे मजबूती प्रदान की गई है। लेकिन सरकार को एक फसल की खेती करने वाले किसान और बहुफसली खेती करने वाले किसानों में अंतर करना चाहिए। ऐसा करने से किसानों की आत्महत्या के मामलों को कम किया जा सकता है क्योंकि सबसे अधिक प्रभावित एक फसली खेती करने वाला किसान होता है। वाइएसआर कांग्रेस पार्टी के एम राजमोहन रेड्डी ने कहा कि उनके राज्य आंध्र प्रदेश में सूखे के कारण किसान बुरी तरह प्रभावित हैं और उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही।

उन्होंने कहा कि भाजपा के एजंडे में उत्तर प्रदेश में किसानों की कर्ज माफी की घोषणा है। दक्षिण के सूखा प्रभावित राज्यों में भी कम से कम पीड़ित किसानों को पूरी तरह कर्ज माफी दी जानी चाहिए। राकांपा के धनंजय महादिक ने कहा कि इस बार के बजट में कृषि ऋण के लिए 10 लाख करोड़ रुपए और सूक्ष्म सिंचाई के लिए एक लाख करोड़ रुपए रखे गये हैं, लेकिन इनसे किसान और कर्ज में डूबेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि संबंधी हमारी नीतियों की वजह से किसानों की आत्महत्या के मामले सामने आते हैं। किसानों को खाद आदि की सब्सिडी का लाभ नहीं मिलता है। किसान चाहता है कि जब उसकी फसल संकट में हो तो सरकार उसके पीछे हिमालय की तरह खड़ी रहे। अगर किसान को बचाना है तो पूरे देश में किसानों का कर्ज माफ किया जाए।
कांग्रेस के निनांग एरिंग ने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है वहीं देश के विभिन्न राज्यों से किसानों की खुदकुशी के मामले आते हैं। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों पर विशेष ध्यान देने की मांग की। भाजपा के सुरेश अंगड़ी ने कहा कि खेती में संकट को देखते हुए किसान इस क्षेत्र से दूर होता जा रहा है जो चिंता की बात है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद किसानों को उनके उत्पादों के बेहतर मूल्य मिल रहे हैं। किसानों को कम मूल्य पर यूरिया उपलब्ध कराना हमारी सरकार की उपलब्धता है।

अकाली दल के प्रेमसिंह चंदूमाजरा ने कहा कि देश में 70 फीसद लोग खेती पर निर्भर हैं और उसी तरह खेती के लिए आबंटन भी अधिक होना चाहिए। चंदूमाजरा ने किसानों को सीधे सब्सिडी देने की मांग करते हुए कहा कि उनके नाम पर जारी होने वाली सब्सिडी उद्योगपति ले जाते हैं। उन्होंने उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और उर्वरक मंत्रालय को कृषि मंत्रालय से ही जोड़ने की मांग भी उठाई। भाजपा के उदय प्रताप सिंह ने सिंचाई के क्षेत्र में और अधिक कामकाज की जरूरत बताई। साथ ही कृषि में हर साल नीति बनाने के बजाय एक दीर्घकालिक नीति बनाने की वकालत की। उन्होंने मध्य प्रदेश में किसानों की आय दोगुनी करने का रोडमैप सबसे पहले बनने का दावा करते हुए कहा कि अगर राज्य सरकारें केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करें तो किसान की खुशहाली के रास्ते बनते हैं। जद (एकी) के कौशलेंद्र कुमार ने उत्तरी बिहार में आने वाली बाढ़ का स्थाई निदान निकालने के लिए नेपाल सरकार के साथ बातचीत करने की मांग की।

भाजपा के अजय मिश्रा ने भी नेपाल की नदियों के पानी से आने वाली बाढ़ के कारण होने वाले नुकसान पर ध्यान देने की मांग की। तृणमूल कांग्रेस की रत्ना डे नाग ने कहा कि एक तरफ तो सरकार कृषि को प्राथमिकता देने का दावा कर रही है वहीं दूसरी तरफ किसानों की आत्महत्या के मामले सामने आ रहे हैं। माकपा की पीके श्रीमती टीचर ने भी किसानों की आत्महत्या के मामलों पर चिंता जताई। आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि किसानों की आय पांच साल में दोगुना करने का रोडमैप भी सरकार को बताना चाहिए। चर्चा में राजद के शैलेश कुमार, भाजपा के जुगल किशोर शर्मा और भाजपा की ज्योति धुर्वे आदि ने भी भाग लिया।

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