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किसान आंदोलन के सपोर्ट में पंजाबी लेखक ने लौटाया अवॉर्ड, कहा- अन्नदाताओं के साथ निदर्यता से पेश आ रही सरकार; ममता दीदी ने भी दिया साथ

पंजाबी लेखक डॉ. जसविंदर सिंह ने भी सरकार से नाराज़ होकर अपना साहित्य अकादमी का अवॉर्ड लौटा दिया है। अवॉर्ड लौटाते हुए लेखक सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार जिस तरीके से किसानों के साथ पेश आ रही है उससे दुख हो रहा है।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: December 4, 2020 8:37 PM
Writers returned their awards, Punjab farmers protest, Prakash Singh Badal returned his award,पंजाबी लेखक डॉ. जसविंदर सिंह ने सरकार से नाराज़ होकर अपना साहित्य अकादमी का अवॉर्ड लौटा दिया है। (ANI)

कृषि कानूनों के विरोध में लोगों ने एक बार फिर अपने अवार्ड सरकार को वापस करने शुरू कर दिये हैं। पंजाबी लेखक डॉ. जसविंदर सिंह ने भी सरकार से नाराज़ होकर अपना साहित्य अकादमी का अवॉर्ड लौटा दिया है। अवॉर्ड लौटाते हुए लेखक सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार जिस तरीके से किसानों के साथ पेश आ रही है उससे दुख हो रहा है।

डॉ. जसविंदर सिंह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ‘अगर एक लेखक लोगों की बात ही नहीं रख सकता तो फिर क्या फायदा? मैंने अवॉर्ड के लिए लिखना शुरू नहीं किया था। केन्द्रीय सरकार को किसानों के साथ निर्दयता से पेश आना और बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन करते देखना निराशाजनक है।’

किसान आंदोलन के समर्थन में साहित्य जगत की कई हस्तियों ने अपने अवॉर्ड लौटाकर सरकार का विरोध जताया है। भारतीय साहित्‍य अकादमी अवॉर्ड विजेताओं में शिरमौ शिरे डॉ. मोहनजीत, प्रमुख चिंतक डॉ. जसविंदर सिंह और पंजाबी नाटककार स्‍वराजबीर ने अपने अवॉर्ड किसानों के प्रति समर्थन दिखाते हुए वापस करने की पेशकश की है। इसके अलावा पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा ने भी अपने पद्म पुरस्कार लौटाने की पेशकश की है।

सिंघु बॉर्डर पर बैठे किसानों का पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी समर्थन किया है और उनसे फोन पर बात की है। ममता की पार्टी टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन सोमवार को सिंघु बॉर्डर पहुंचे और कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिले। इस दौरान ममता बनर्जी ने फोन पर किसानों से बात की और उनका समर्थन किया।

इसी बीच दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा है। सिसोदिया ने कहा ” ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के किसानों की आवाज दबा के केंद्र सरकार और कांग्रेस राजनीति कर रही है। कल कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा के नेताओं से मिलते हैं, जो कहने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री हैं और बीजेपी का बचाव करते हैं।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वो पंजाब के किसानों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता रहे हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री आज ​भाजपा के मुख्यमंत्री की तरह व्यवहार कर रहे हैं।

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