हरियाणाः जान बचाने के लिए मंदिर में सात घंटे छिपे रहे भाजपा नेता, जानें क्यों हिंसक हो गए थे सांसद की कार पर हमला करने वाले प्रदर्शनकारी

भाजपा नेताओं के मंदिर पहुंचने की जानकारी मिलते ही आस पास के स्थानीय लोग वहां इकट्ठे हो गए। स्थानीय लोग भाजपा नेता से मंदिर आने के लिए माफ़ी की मांग करने लगे। इस दौरान किसानों ने अपने ट्रैक्टर और ट्रालियों के जरिए मंदिर के तरफ जाने वाली सड़क को घेर लिया।

हमले में क्षतिग्रस्त हुई भाजपा सांसद रामचंद्र जांगड़ा की कार (फोटो: पीटीआई)

पिछले 11 महीने से भी अधिक समय से दिल्ली की सीमा पर चले किसान आंदोलन का सबसे ज्यादा प्रभाव हरियाणा और पंजाब में देखने को मिल रहा है। किसान आंदोलन की वजह से हरियाणा में किसानों ने बीजेपी और जेजेपी नेताओं के सामाजिक बहिष्कार का ऐलान कर रखा है। इसी वजह से शुक्रवार को हरियाणा के रोहतक और हिसार में किसान और भाजपा नेता आमने सामने हो गए। रोहतक में जहां किसानों के विरोध प्रदर्शन की वजह से भाजपा नेता को मंदिर में सात घंटे तक छिपना पड़ा तो वहीं हिसार में प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सांसद रामचंद्र जांगड़ा की कार पर हमला कर दिया। जिसमें उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई।

दरअसल शुक्रवार को गोवर्धन पूजा के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी केदारनाथ धाम पहुंचे थे। भाजपा ने उनके केदारनाथ धाम की यात्रा का सीधा प्रसारण दिखाने का कार्यक्रम बनाया था। इसके लिए देश के कई शिव मंदिर को चुना गया था। हरियाणा के रोहतक के किलोई गांव के शिव मंदिर में भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसके लिए हरियाणा भाजपा के उपाध्यक्ष मनीष ग्रोवर समेत कई भाजपा नेता सुबह ही मंदिर पहुंच चुके थे। किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भारी सुरक्षाबल को भी तैनात किया गया था।

भाजपा नेताओं के मंदिर पहुंचने की जानकारी मिलते ही आस पास के स्थानीय लोग वहां इकट्ठे हो गए। स्थानीय लोग भाजपा नेता से मंदिर आने के लिए माफ़ी की मांग करने लगे। इस दौरान किसानों ने अपने ट्रैक्टर और ट्रालियों के जरिए मंदिर के तरफ जाने वाली सड़क को घेर लिया। किसान भाजपा नेताओं से मांग करने लगे कि उन्हें आश्वासन दिया जाए कि जबतक किसान आंदोलन चलेगा तो वे गांव में प्रवेश नहीं करेंगे।

किसानों के भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रोहतक के एसपी और डीसी दोनों मौके पर पहुंच गए। एसपी ने दोनों पक्षों के साथ बैठकर सुलह कराने की कोशिश की। लेकिन कोई हल नहीं निकला। किसान इस बात पर अड़े थे कि मनीष ग्रोवर सहित सभी भाजपा नेता माफ़ी मांग लें और चले जाएं। इसके बाद जिला प्रशासन कुछ किसान नेताओं को अंदर ले गई और भाजपा नेताओं के साथ मिलकर बातचीत की। इसके बाद भाजपा नेता माफ़ी मांगने को तैयार हो गए।

करीब 7 घंटे तक मंदिर में बंद रहने के बाद भाजपा नेता प्रदर्शनकारी किसानों के सामने आए और माफ़ी मांगी। इसके बाद भाजपा नेताओं को छोड़ दिया गया। भाजपा नेता मनीष ग्रोवर के माफ़ी मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। जिसमें साफ़ देखा जा सकता है कि मनीष ग्रोवर हाथ जोड़कर किसानों से माफ़ी मांग रहे हैं। इसके बाद एक ग्रामीण लोगों को सूचित करते हैं और कहते हैं कि हमने माफ़ी मंगा ली है। 

हालांकि मनीष ग्रोवर ने कहा कि उन्होंने माफ़ी नहीं बल्कि लोगों को हाथ जोड़ कर राम राम कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर फिर से मंदिर आने की जरूरत पड़ी तो वह जरूर मंदिर आएंगे। मनीष ग्रोवर ने इस बारे में एक बयान जारी करते हुए हुए कहा कि हुड्डा खाप के कुछ लोग मेरे पास आए और उन्होंने मुझसे मंदिर की बालकनी में जाकर लोगों को राम राम करने के लिए कहा। इसके बाद मामला सुलझ गया। मैंने किसी से माफ़ी नहीं मांगी और ना ही यह माफ़ी मांगने वाली बात थी। वहीं रोहतक जिला प्रशासन ने भी कहा कि यह विवाद ग़लतफ़हमी के कारण हुआ था। जिसे सुलझा लिया गया है।

वहीं दूसरी घटना हिसार के नारनौंद कस्बे में हुई जहां भाजपा से राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा एक धर्मशाला का शिलान्यास करने जा रहे थे। भाजपा सांसद के नारनौंद आने की जानकारी किसानों को लगी। जिसके बाद किसान वहां इकट्ठे हो गए और भाजपा नेता के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए हुए थे। लेकिन इसके बावजूद किसान कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। इस दौरान कथित रूप से प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सांसद की कार पर हमला कर दिया और उसकी विंडस्क्रीन तोड़ दी। भाजपा सांसद जांगड़ा उस वक्त कार में ही बैठे हुए थे और उन्होंने प्रदर्शनकारी किसानों पर गाड़ी तोड़ने का आरोप लगाया।   

हालांकि किसानों ने इससे साफ़ इनकार किया और कहा कि भाजपा के लोगों ने ही किसानों पर हमला किया। जिसमें एक प्रदर्शनकारी किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय किसान नेता रवि आजाद ने बताया कि किसान कुलदीप राणा को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें हिसार के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किसानों ने भाजपा सांसद जांगड़ा और उसके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और  प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को वापस लेने करने की मांग को लेकर शनिवार को एक महापंचायत बुलाई है।

हालांकि पुलिस ने दावा किया है कि घायल किसान कुलदीप राणा को नाले में गिरने की वजह से चोट आई है। नारनौंद डीएसपी जुगल किशोर राम ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पुलिस ने कोई लाठीचार्ज नहीं किया। एक गली के नाले में गिरने पर उन्हें चोटें आई। हमने सांसद की कार की विंडस्क्रीन तोड़ने के आरोप में दो किसानों को हिरासत में लिया। वहीं हांसी की एसपी नितिका गहलोत ने कहा कि घायल किसान के शरीर पर कोई बाहरी घाव नहीं है। सिर में अंदरूनी चोट लगने की वजह से वह बेहोश हो गया था।

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