ताज़ा खबर
 

कन्हैया कुमार, मेधा पाटकर और योगेंद्र यादव…जैसे राजा बाबू का क्या काम है इस आंदोलन में- एंकर ने पूछा, SAD नेता ने कहा- इनके आने से कमजोर हो रहा प्रदर्शन

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि 'किसानों को फसल की सही कीमत मिलनी चाहिए...MSP का जिक्र कृषि कानूनों में नहीं है। हम किसानों के समर्थन में धरना प्रदर्शन करेंगे।'

farmer, farmer protestकिसान आंदोलन के बीच योगेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर निशाना भी साधा था। फोटो क्रेडिट- Indian Express, Amit Mehra

कृषि कानून को हटाए जाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। किसानों के आंदोलन के मुद्दे पर ‘न्यूज 18’ चैनल पर एक डिबेट शो के दौरान एंकर अमीश देवगन ने सवाल उठाया कि ‘किसानों के प्रदर्शन के दौरान कुछ खालिस्तानी समर्थक पहुंच गए थे और यह सत्य बात है इसमें कोई दो राय नहीं है,,,,लेकिन उसके अलावा आप राजनीतिक दलों को देखिए..वहां पर कन्हैया कुमार पहुंचे हुए हैं…मेघा पाटकर हैं..वहां पर और योगेंद्र यादव पहुंचे हुए हैं…जो कि हर चोला पहन लेते हैं और मैं तो उन्हें फिल्म का राजा बाबू मानता हूं, क्योंकि वो कभी पुलिस इंस्पेक्टर बन जाते हैं…कभी डॉक्टर बन जाते हैं कभी बुद्दिजीवी बन जाते हैं…मतलब इन लोगों का क्या काम है इस आंदोलन के अंदर?

इसपर शो में मौजूद शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता मजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ‘इन लोगों के आने से आंदोलन कमजोर हो रहा है। मैं भी एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हूं लेकिन मैं टीवी पर आ कर अपनी बात रखता हूं। हम आंदोलन का हिस्सा इसलिए नहीं बनना चाहते हैं क्योंकि अगर राजनीतिक पार्टियां इस आंदोलन का हिस्सा बनती हैं तब उसके अपने विचारधारा होते हैं, और अगर किसान अपना आंदोलन खुद लड़ना चाहते हैं तो फिर उन्हें अकेले ही यह लड़ाई लड़ने देना चाहिए।

आपको बता दें कि देश में किसानों का आंदोलन 9वें दिन भी जारी है। इस बीच टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन सिंघु बॉर्डर पहुंचे और कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिले। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फोन पर किसानों से बात की और उनका समर्थन किया। खबर यह भी है कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि ‘किसानों को फसल की सही कीमत मिलनी चाहिए…MSP का जिक्र कृषि कानूनों में नहीं है। हम पूरी तरह से किसान के साथ खड़े हैं, आगे भी रहेंगे। किसानों को न्याय दिलाने के लिए कल (शनिवार) हम पटना के गांधी मैदान में सुबह 10 बजे से महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने बैठकर धरना करेंगे।’

किसानों के आंदोलन में योगेंद्र यादव काफी पहले से ही नजर आए थे। हाल ही में वामपंथी नेता कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत सरकार खेती-किसानी को निजी कंपनियों के हाथ में सौंपना चाहती है और उससे पूरा लाभ कमाना चाहती है, जो किसान और आम जनता के विरोध में है। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि सरकार इसे वापस नहीं लेती।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 किसान आंदोलन में ‘कूदे’ थे जस्टिन ट्रूडो, भारत ने कनाडाई उच्चायुक्त को किया तलब, कहा- आंतरिक मसले में दखल नामंजूर
2 कोरोना पर सर्वदलीय बैठकः बोले PM- कुछ हफ्तों में बन जाएगा टीका, वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलते ही शुरू करेंगे वैक्सिनेशन
3 मोदी जी अपना अहसान वाला कानून रख लें, किसान वैसे ही खुशहाल हैं- बोले अखिलेश सिंह, पैनलिस्ट का जवाब- जमीन हड़पने में रॉबर्ट वाड्रा का नाम क्यों नहीं लेते?
ये पढ़ा क्या ?
X