करनाल में डटे किसान, शुरू हुईं इंटरनेट सेवाएं, चढ़ूनी बोले- कल होगा फैसला

मंगलवार से ही किसानों ने करनाल स्थित लघु सचिवालय को घेर रखा है। किसान आईएएस आयुष सिन्हा को बर्खास्त करने एवं मृतक किसान के परिवार को मुआवजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं।

आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई और मृतक किसान के परिवार के लिए मुआवजे की मांग को लेकर किसान लगातार चौथे दिन भी करनाल स्थित लघु सचिवालय के बाहर डटे हुए हैं। (फोटो – पीटीआई)

बीते 4 दिनों से हरियाणा के करनाल स्थित लघु सचिवालय के बाहर किसानों का धरना जारी है। प्रदर्शनकारी किसान पिछले दिनों करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर हुए लाठीचार्ज से पहले सिर फोड़ने का आदेश देने वाले एसडीएम आयुष सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। किसानों के धरने को देखते हुए करनाल में चार दिनों तक इंटरनेट सेवा बंद रखने के बाद अब प्रशासन ने इंटरनेट सेवा को फिर से बहाल कर दिया है। वहीं किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि कल संयुक्त किसान मोर्चा करनाल में चल रहे आंदोलन को लेकर अपना फैसला लेगी और साथ ही उन्होंने कहा है कि हम समाधान नहीं होने तक यहीं बैठे रहेंगे।

शुक्रवार को करनाल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अभी तक हमें सरकार की तरफ से कोई संदेश नहीं आया है लेकिन जब भी बुलाया जाएगा तो हम बातचीत के लिए जरूर जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि कल संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक बुलाई गई है जिसमें करनाल में चल रहे धरने की समीक्षा की जाएगी और आगे का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि समाधान होने तक हम ऐसे ही बैठे रहेंगे।

करनाल में चल रहे मोर्चे में अहम भूमिका निभा रहे किसान नेता सुरेश कौथ ने कहा कि हमने सरकार को फैसले लेने के लिए 9 और 10 तारीख दिए थे। हमने साफ़ संकेत दिया था कि हम इस मामले को ज्यादा बड़ा नहीं करना चाहते हैं. हमारा मकसद तीनों कानूनों को वापस कराना है। ये जो छोटी छोटी घटनाएं हरियाणा सरकार करवा रही है। ये बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। अगर ये नहीं मानते हैं तो कल संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी जिसमें आगे का फैसला लिया जाएगा।

वहीं किसानों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए पिछले दिनों हरियाणा सरकार ने 5 जिलों करनाल, जींद, पानीपत, कैथल और कुरुक्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दिया था। इंटरनेट समस्या बाधित होने की वजह से लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। लगातार चार दिन तक इंटरनेट सेवा बाधित रहने के बाद अब प्रशासन ने दोबारा से इंटरनेट सेवाओं को बहाल कर दिया है।  

 

ज्ञात हो कि बीते 28 अगस्त को करनाल में पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया था। इसमें एक किसान की मौत हो गई थी और कई किसान घायल हो गए थे। लाठीचार्ज की घटना से पहले करनाल के तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह किसानों के सिर फोड़ने का आदेश दे रहे थे। लाठीचार्ज की घटना के बाद करनाल में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था। जिसके बाद किसानों ने करनाल स्थित लघु सचिवालय का घेराव कर लिया था।

मंगलवार से ही किसानों ने करनाल स्थित लघु सचिवालय को घेर रखा है। किसान आईएएस आयुष सिन्हा को बर्खास्त करने एवं मृतक किसान के परिवार को मुआवजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं। बुधवार को प्रशासन और किसान नेताओं के बीच आखिरी बातचीत हुई थी।

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