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रिपोर्ट: यूपी, महाराष्‍ट्र, पंजाब, कर्नाटक में अब तक सिर्फ 40 फीसदी किसानों का ही कर्ज माफ, चुकाने हैं 1.8 लाख करोड़ रुपये

आंकड़े बताते हैं कि अभी तक सिर्फ चार राज्यों के 40 फीसदी किसानों के ही कर्ज माफ हो पाए हैं। गौर करें तो जिन 7 राज्यों में ऋण माफी का ऐलान किया गया है, उनकी कुल राशि लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये है। जो कि इन राज्यों के सालाना आय का 15 फीसदी हिस्सा है।

4 राज्यों में 40 फीसदी किसानों का ही ऋण माफ हो पाया है. (फोटो सोर्स: रॉयटर्स)

बीते कुछ सालों में किसानों की कर्ज माफी से जुड़ी घोषणाओं का ट्रेंड काफी बढ़ा है। 2017 के बाद से तकरीबन 7 राज्यों में किसानों की ऋण माफी का ऐलान किया गया। लेकिन, आंकड़े बताते हैं कि अभी तक सिर्फ चार राज्यों के 40 फीसदी किसानों के ही कर्ज माफ हो पाए हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र ने छोटे और मझोली किसानों की कर्ज माफी का ऐलान किया था। मगर, 21 महीने बाद भी यहां के 50 फीसदी किसानों का ही कर्ज माफी किया जा सका है। गौर करें तो जिन 7 राज्यों में ऋण माफी का ऐलान किया गया है, उनकी कुल राशि लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये है। जो कि इन राज्यों के सालाना आय का 15 फीसदी हिस्सा है।

बिजनस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और कर्नाटक के 40 फीसदी किसानों का कर्ज माफ किया गया है। जबकि, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ (कांग्रेस शासित) राज्यों का हिसाब-किताब अभी पूरी तरह बाकी है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो 2017 में हर सीमांत किसान का एक लाख रुपये तक का लोन माफ करने का ऐलान किया गया था। इस हिसाब इस लाभ को लेने वालों की संख्या करीब 86 लाख बनती है और इसका कुल खर्च 3,6400 करोड़ रुपये है। मगर अभी तक सिर्फ 44 लाख किसानों का ही लोन वादे के मुताबिक माफ किया गया है।

महाराष्ट्र में 18 महीनों के भीतर 41 लाख किसानों का लोन माफ किया गया। जबकि, यहां लोन माफी की पात्रता वाले किसानों संख्या 89 लाख हैं। यहां पर किसानों की ऋण माफी पर 34,000 करोड़ रुपये खर्च करने हैं, जिनमें अभी तक 17,000 करोड़ रुपये माफ किए जा चुके हैं। यही हालत पंजाब और कर्नाटक के भी हैं। हालांकि, कर्नाटक ने अपनी पहली खेप वाले किसानों का लोन पूरी तरह माफ किया है। जबकि, दूसरी खेप में स्थित बेहद ही लचर है। पहली खेप में कर्नाटक ने 20 लाख किसानों के 8200 करोड़ रुपये माफ कर दिए हैं। जबकि, दूसरी खेप में 44,000 करोड़ रुपये का बोझ लटका हुआ है।

वहीं, पंजाब के सरकारी तस्तावेज बताते हैं कि यहां 12.5 लाख किसानों का लोन माफ करना है। जिसमें से अभी तक 59 फीसदी का माफ किया जा चुका है। वहीं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद यहां भी लोन माफी की कवायद चल रही है। ऐसे में देखा जाए तो किसानों की कर्ज माफी का एक बड़ा हिस्सा अभी भी संबंधित राज्य सरकारों की गले की फांस बना हुआ है।

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