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सिंघू, टिकरी और गाजीपुर सीमा से निकलेगी परेड, ट्रैक्टर रैली के लिए दिल्ली पुलिस ने दी लिखित मंजूरी

दिल्ली पुलिस ने रविवार को शर्तों के साथ किसान संगठनों को गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकालने की लिखित मंजूरी दे दी है। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक ने रविवार को मीडिया को यह जानकारी दी।

farmerकिसान आंदोलन में अपने बच्‍चों के साथ भाग लती महिला। फाइल फोटो।

किसान संगठनों को राजधानी में सिंघू, टिकरी और गाजीपुर सीमा पर ट्रैक्टर रैली करने की अनुमति दी गई है। इसके लिए तीन रूट बनाए गए हैं।
तीनों बार्डर से बैरिकेड हटाए जाएंगे। हालांकि, ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली लाने पर मनाही है। उन्होंने कहा कि इस रैली को लेकर पांच-छह दौर की बातचीत किसान संगठन और दिल्ली पुलिस के बीच हुई थी। किसान करीब दो महीने से दिल्ली के विभिन्न सीमाओं पर आंदोलनरत हैं। किसानों ने किसान गणतंत्र परेड का नाम दिया है।

किसान नेताओं ने कहा है कि ट्रैक्टर रैली शांतिपूर्ण होगी। आंदोलनकारी किसानों की ‘गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर परेड’ में विभिन्न राज्यों की कई झांकियां होंगी जो ग्रामीण जीवन, केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के साथ ही आंदोलनकारियों के साहस को दर्शाएंगी। किसान नेता योगेंद्र यादव ने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए 2,500 स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है कि परेड शांतिपूर्ण रहे और कोई अप्रिय घटना न हो। स्वयंसेवकों को बैज और पहचान पत्र दिए गए हैं। प्रत्येक ट्रैक्टर पर तिरंगा लगा होगा और लोक संगीत एवं देशभक्ति के गीत बजाए जाएंगे।

किसान नेताओं ने कहा कि एक ट्रैक्टर पर केवल पांच लोगों को बैठने की इजाजत होगी और किसी भी आपराधिक गतिविधि को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जा रही है। ट्रैक्टरों पर भारत में किसान आंदोलन का इतिहास, महिला किसानों की भूमिका और विभिन्न राज्यों में खेती के अपनाए जाने वाले तरीके की झांकियां शामिल होंगी। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के कुछ बच्चों ने किसानों की आत्महत्या पर एक झांकी की योजना बनाई है।

स्वराज इंडिया के एक सदस्य ने कहा, ‘आत्महत्या करने वाले किसानों के बच्चों के परेड में हिस्सा लेने की उम्मीद है। उनकी झांकी में उस क्षेत्र के किसानों के सामने आने वाली कठिनाइयों को दर्शाया जाएगा, जिसे पानी की कमी का सामना करना पड़ता है।’ हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड जैसे राज्यों की झांकी से पता चलेगा कि पहाड़ी क्षेत्रों में फलों और सब्जियों की खेती कैसे की जाती है।

परेड के दौरान प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विरोध स्थल पर एक कक्ष स्थापित किया गया है। इन प्रत्येक कक्षों में डॉक्टर, सुरक्षाकर्मी और सोशल मीडिया प्रबंधकों सहित 40 सदस्य होंगे। किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए मार्ग के किनारे लगभग 40 एंबुलेंस तैनात रहेंगी। मिस्त्रियों की एक टीम भी बनाई गई है जो जरूरत उत्पन्न होने पर मरम्मत का कार्य करेगी।

तय किए गए रूट

सिंघू बार्डर रूट (65 किलोमीटर) : किसान सिंघू बार्डर से दिल्ली में दस किलोमीटर भीतर दाखिल होंगे। इसके बाद संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, बवाना, कंझावाला, कुतुबगढ़ होते हुए चंडी बॉर्डर पहुंचेंगे, फिर हरियाणा में दाखिल होंगे और वापस सिंघू बॉर्डर आएंगे। टिकरी बार्डर (63 किलोमीटर) : किसान टिकरी से नांगलोई जाएंगे। फिर वहां से बापरोला गांव होते हुए नजफगढ़ पहुंचेंगे। इसके बाद किसानों की ट्रैक्टर परेड झरोडा बार्डर पहुंचेगी। यहां से किसान ट्रैक्टरों के साथ रोहतक बाईपास (बहादुरगढ़) पहुंचेंगे और उसके बाद असोदा होते हुए वापस टिकरी बार्डर आएंगे।

गाजीपुर बार्डर (46 किलोमीटर) : गाजीपुर से किसान अप्सरा बॉर्डर जाएंगे। किसान हापुड़ रोड होते हुए आइएमएस कॉलेज जाएंगे। आइएमएस से किसानों के ट्रैक्टर लाल कुआं होते हुए वापस गाजीपुर बार्डर आएंगे। चिल्ला बार्डर से क्राउन प्लाजा रेड लाइट, फिर डीएनडी फ्लाईओवर से होते हुए दादरी रोड और वापस।

पाकिस्तानी ट्विटर खातों से रची जा रही गड़बड़ी की साजिश : दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक ने बताया कि पाकिस्तान में बने ट्विटर खातों की मदद से ट्रैक्टर रैली के दौरान गड़बड़ी करने की साजिश रची गई है। उन्होंने कहा कि 13 जनवरी से 18 जनवरी के बीच पाकिस्तान में 308 ट्विटर हैंडल बनाए गए और शुरू में ऐसा लगा इन ट्विटर हैंडल को कई देशों से चलाया जा रहा है। पर तकनीकी सर्विलांस से की गई जांच-पड़ताल से पता चला कि सभी ट्विटर हैंडल पाकिस्तान में बनाए गए हैं और वहीं से संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसान संगठनों को इस बात की जानकारी दे दी गई है। दीपेंद्र पाठक ने कहा कि दिल्ली पुलिस को ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि आतंकवादी संगठन रैली के दौरान अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि खुफिया विभाग से भी सूचनाएं मिली हैं कि किसानों के ट्रैक्टर रैली के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ी जा सकती है। इन सभी बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की जा रही है और ट्विटर हैंडल खंगाले जा रहे हैं। दीपेंद्र पाठक का कहना है कि इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर की संख्या फिलहाल निर्धारित नहीं की गई है। पर एक अनुमान है कि हजारों की संख्या में ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। इस दौरान हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस से संपर्क में रहेंगे। वहां की पुलिस ने भी पूरी तरह से सहयोग करने की भरोसा दिलाया है।

सिंघू बार्डर पहुंचे कांग्रेस सांसद बिट्टू का विरोध, धक्का-मुक्की

कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू पर रविवार को सिंघू बॉर्डर पर एक ‘जन संसद’ कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर हमला किया गया, उन्हें धक्का दिया गया। उन्होंने इस घटना को कुछ शरारती तत्वों द्वारा किया गया जानलेवा हमला बताया है। लुधियाना से सांसद बिट्टू के वाहन को भी गुरु तेग बहादुर जी स्मारक पर क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जहां वे कांग्रेस के अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला और पार्टी के विधयक कुलबीर सिंह जीरा के साथ कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। बिट्टू ने संवाददाताओं से कहा, ‘मुझ पर डंडों और हथियारों से लैस लोगों के एक समूह ने घात लगाकर हमला किया। हालांकि, यह हमला सुनियोजित तरीके से किया गया, लेकिन हम वहां से फौरन ही निकल गए क्योंकि हम नहीं चाहते हैं कि कुछ उपद्रवियों के कारण किसानों के प्रदर्शन में बाधा आए।’

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कथित घटना के बारे में अब तक कोई शिकायत नहीं प्राप्त हुई है। बिट्टू ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘कुछ शरारती तत्वों ने, जिनके इरादे के बारे में मालूम नहीं हैं, हम तीनों पर जानलेवा हमला कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।’ बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। बिट्टू ने दावा किया है कि कुछ लोगों ने स्मारक के पास उन्हें धक्का दिया और उनकी पगड़ी खींची। उन्होंने इस घटना को जानलेवा हमला जैसा करार दिया है। इस बीच, जीरा की भी पगड़ी हट गई।

बिट्टू को कुछ लोगों ने बचाने की कोशिश की और उन्हें उनके वाहन तक ले गए। हालांकि, वाहन के अंदर उनके घुस जाने के बाद भी लोगों के एक समूह ने उनकी एसयूवी(वाहन) पर डंडों से हमला किया और इसके कांच तोड़ दिए। बिट्टू पर हमले का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाया है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में यह भी कहा कि तीनों नेता सही सलामत हैं और घटना के लिए कुछ शरारती तत्वों को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, बिट्टू ने कहा कि उनकी पार्टी किसानों के साथ है और हमेशा रहेगी। वे इस आंदोलन में सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम आंदोलन में एकता की बात कर रहे हैं तो इस तरह की घटनाओं से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

महाराष्ट्र के हजारों किसान मुंबई पहुंचे

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान में होने वाली रैली में शामिल होने के लिए रविवार शाम तक महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में किसान मुंबई पहुंच चुके हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसान रैली के मद्देनजर पुलिस ने दक्षिण मुंबई स्थित आजाद मैदान और उसके आसपास के इलाकों की सुरक्षा की विशेष तैयारी की है और राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) के जवानों की तैनाती की गई है, इसके साथ ही ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।

आॅल इंडिया किसान सभा (एआइकेएस) की महाराष्ट्र शाखा ने एक बयान जारी कर दावा किया कि नाशिक से करीब 15 हजार किसान शनिवार को टेम्पो और अन्य वाहनों से मुंबई के लिए रवाना हुए हैं। बयान के मुताबिक सोमवार को होने वाली रैली को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार और महा विकास आघाडी (एमवीए) के कुछ प्रमुख नेता संबोधित करेंगे।

राज्य सरकार में सहयोगी कांग्रेस की राज्य इकाई पहले ही इस रैली का समर्थन कर चुकी है। एआइकेएस ने कहा कि विभिन्न इलाकों से किसान नाशिक में जमा हुए और शनिवार को मुंबई के लिए रवाना हुए, यात्रा के दौरान रास्ते में और किसान जुड़े। बयान के मुताबिक मुंबई के लिए कूच करने वाले किसानों ने रात्रि विश्राम के लिए इगतपुरी के पास घाटनदेवी में पड़ाव डाला था। बयान के मुताबिक रविवार सुबह किसान कसारा घाट के रास्ते मुंबई के लिए रवाना हुए।

बयान में कहा गया, ‘यह रैली दिल्ली में कृषि कानूनों को वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी और पूरे देश में फसलों की खरीद की मांग को लेकर दो महीने से प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में की जा रही है।’ बताते चलें कि किसान समर्थक संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने 23 जनवरी से 26 जनवरी तक राज्यों में राजभवन के समक्ष सहित पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। इसी के तहत महाराष्ट्र के करीब 100 संगठनों ने 12 जनवरी को मुंबई में हुई बैठक में संयुक्त शेतकारी कामगार मोर्चा का गठन किया।

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