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सिर्फ बिल वापसी का नारा लगाया है, अभी गद्दी वापसी का नारा नहीं लगा, महापंचायत में राकेश टिकैत बोले- बात मान जाए केंद्र

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ज्यादा दिमाग ख़राब ना करे। अभी तो देश के जवान और किसान ने कहा है कि बिल वापस कर लो। अभी गद्दी वापसी का नारा नहीं लगाया हमने।

Rakesh Tikait, farm laws , karnalकिसान नेता राकेश टिकैत (फोटो- पीटीआई)

पिछले दो महीनों से अधिक समय से देशभर से आए दिल्ली से सटे सीमाओं पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीनों कृषि कानून को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों के महापंचायत में कहा है कि अभी तो सिर्फ बिल वापसी का नारा लगाया है। गद्दी वापसी का नारा तो अभी तक लगा ही नहीं है। इसलिए केंद्र हमारी बात मान जाए।

करनाल में आयोजित किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ज्यादा दिमाग ख़राब ना करे। अभी तो देश के जवान और किसान ने कहा है कि बिल वापस कर लो। अभी गद्दी वापसी का नारा नहीं लगाया हमने। साथ ही टिकैत ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक धार्मिक झंडा लगवाकर पूरा देश ही बर्बाद कर दिया। मतलब ऐसी नफरत फैला दी थी कि ये सरदार तो बहुत ही ख़राब कौम है। साथ ही टिकैत ने कहा कि सरकार ने तो यहाँ तक कहना शुरू कर दिया ये किसान भी ख़राब हैं। सरकार ने सीधे सीधे पगड़ी पर हमला किया।

करनाल के इंद्री में आयोजित किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को किसानों के हक़ में बात करनी ही पड़ेगी। इसके बिना हम सरकार को चैन से बैठने नहीं देंगे। साथ ही राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को एमएसपी की गारंटी भी देनी होगी। ये तीनों कानून व्यापारियों के हक़ में हैं। कानून बनने से पहले ही व्यापारियों के गोदाम बन गए। हम गरीब की रोटी को तिजोरी में नहीं जाने देंगे। जैसे पेट्रोल की कीमत बढती है वैसे ही रोटी की कीमत भी बढ़ेगी।

साथ ही राकेश टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के मंच पर सभी किसान एकजुट हैं। हमारा मंच और पंच वही है जहां हम पहले थे। इसके अलावा टिकैत ने कहा कि अब हम इस आंदोलन को पूरे देश में लेकर जाएंगे। इसके बाद जो रैली होगी उसमें 40 लाख ट्रैक्टर बुलाए जायेंगे। साथ ही उन्होंने कहा ये कृषि कानून किसानों से उनका हक़ छीनने के लिए लाया जा रहा है लेकिन किसान ऐसा नहीं होने देंगे। किसान अपने हक का फैसला अपने खेत में ही करेंगे।

26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के बाद से हरियाणा के कई इलाकों में किसान महापंचायत हो रही है। इन महापंचायतों में भारी संख्या में लोग किसान नेताओं के भाषण को सुनने आ रहे हैं। करनाल में आयोजित किसान महापंचायत को किसान नेता राकेश टिकैत के अलावा, बलवीर सिंह राजेवाल, गुरनाम सिंह चढूनी समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।

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