लखीमपुर खीरी कांडः 18 अक्टूबर को ‘रेल रोको’ आंदोलन करेंगे किसान संगठन, मोदी-शाह का पुतला जलाने की भी योजना, अखिलेश बोले- टायर के नीचे कानून

12 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में मारे गए किसानों और पत्रकार के लिए अंतिम अरदास किया जाएगा। इस दौरान देशभर के किसान लखीमपुर खीरी पहुंचेंगे।

शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर प्रेस कांफ्रेंस किया। इसमें राकेश टिकैत सहित कई किसान नेता मौजूद रहे। (फोटो: पीटीआई)

उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के दौरान हुई किसानों की मौत के विरोध में किसान संगठनों ने 18 अक्टूबर को देशभर में रेल रोकने का ऐलान किया है। इसके अलावा किसान दशहरा के दिन प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला भी फूंकेंगे। वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि देश का कानून टायर के नीचे है।

शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर प्रेस कांफ्रेंस किया। प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद रहे संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि 12 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में मारे गए किसानों और पत्रकार के लिए अंतिम अरदास किया जाएगा। इस दौरान देशभर के किसान लखीमपुर खीरी पहुंचेंगे। देशभर के किसान हिंसा में मारे गए किसानों की अस्थियों को लेकर सभी राज्यों में जाएंगे और वहां उनका विसर्जन करेंगे।

इस दौरान योगेन्द्र यादव ने यह भी कहा कि लखीमपुर की घटना जलियांवाला वाला बाग़ से कम नहीं है। इसलिए लोगों से अनुरोध है कि वे इस घटना के विरोध में अपने शहरों में कैंडल मार्च निकालें। वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन होगा और 18 अक्टूबर को 6 घंटे के लिए देशभर की ट्रेन रोकी जाएगी। इसके बाद 26 अक्टूबर को लखनऊ में किसान महापंचायत होगी और पूरे देश में कलश यात्राएं निकाली जाएगी।

शनिवार को सपा नेता अखिलेश यादव ने भी प्रेस कांफ्रेंस कर लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर योगी सरकार और भाजपा पर हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा कि देश का कानून जीप की टायरों से रौंदा जा रहा है। किसानों के बाद अब संविधान कुचलने की तैयारी है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि पुलिस ने आशीष मिश्रा को समन नहीं गुलदस्ता भेजा है। मैंने जिन भी पीड़ित परिवार वालों से मुलाक़ात की है। उन्होंने कहा है कि जब तक गृह राज्य मंत्री पद पर रहेंगे न्याय कैसे मिलेगा। साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि गृह राज्यमंत्री अपना इस्तीफा दें, सबको पता है कि गाड़ी किसकी है। जांच में देरी इसलिए हो रही है ताकि न्याय न मिल सके।

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