लखीमपुरः राकेश टिकैत ने योगी सरकार को दी चेतावनी तो बोले पूर्व IAS, नहीं माने तो बक्कल तार देना

सरकार पर तंज कसते हुए लिखा, “पश्चिमी उत्तरप्रदेश में भाजपा के सभी नेता जिन्होंने सोशल मीडिया पर किसानों के खिलाफ जहर उगला है, उन्हें अपशब्द कहे हैं, उनकी सुरक्षा तत्काल प्रभाव से बढ़ाए उत्तर प्रदेश सरकार। खट्टर जी की भाषा में ‘शठे शाठ्यम समाचरेत’ ना हो जाए, इसलिए सतर्क और सुरक्षित रहें नफरत के सौदागर।”

rakesh tikait on media, farmer protest,
किसान नेता राकेश टिकैत (फाइल फोटो- @rakeshtikaitbku)

लखीमपुर खीरी में हुई आठ लोगों की मौत और बवाल के बाद अब माहौल सामान्य हो रहा है। हालांकि किसान नेता राकेश सिंह टिकैत ने यूपी की योगी सरकार को चेतावनी दी है कि केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री ‘टेनी’ व उनके बेटे की तय समय में गिरफ्तारी, रिटायर्ड जज की कमेटी से निष्पक्ष जांच सहित सभी मांगें सरकार किसान शहीदों के भोग से पहले पूरा करें। अन्यथा संयुक्त मोर्चा बेहद कड़ा फैसला लेगा। उन्होंने ट्विटर पर कहा कि माहौल सामान्य जरूर हुआ है, लेकिन किसानों का आंदोलन नहीं खत्म हुआ है।

उनकी इस चेतावनी पर पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह@suryapsingh_IAS ने भी प्रतिक्रिया दी और ट्वीट किया कि “ये हुई न बात। नहीं माने तो बक्कल तार देना है।” उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए लिखा, “पश्चिमी उत्तरप्रदेश में भाजपा के सभी नेता जिन्होंने सोशल मीडिया पर किसानों के खिलाफ जहर उगला है, उन्हें अपशब्द कहे हैं, उनकी सुरक्षा तत्काल प्रभाव से बढ़ाए उत्तर प्रदेश सरकार। खट्टर जी की भाषा में ‘शठे शाठ्यम समाचरेत’ ना हो जाए, इसलिए सतर्क और सुरक्षित रहें नफरत के सौदागर।”

पिछले करीब एक साल से दिल्ली की सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों का नेतृत्व कर रहे किसान नेता राकेश सिंह टिकैत ने लखीमपुर खीरी में हुए बवाल को शांत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब उनकी इस चेतावनी पर सरकार को गंभीरता से अमल करना होगा। सरकार की ओर से उनको यह आश्वासन दिया गया था कि मुआवजा समेत उनकी सभी मांगें सरकार ने मान ली हैं और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।

सरकार ने बुधवार को विपक्षी नेताओं को घटनास्थल पर जाकर पीड़ितों के परिजनों से मिलने की भी अनुमति दे दी। इसके बाद प्रियंका गांधी और राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने वहां का दौरा किया और घटना की जानकारी ली।

लखीमपुर की घटना के बाद मौके पर जा रहीं कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने सीतापुर में हिरासत में ले लिया था और तीन दिन तक नहीं जाने दिया था। बुधवार को उन्हें जाने की अनुमति मिली। इस पर @srinivasiyc नाम के यूजर ने लिखा, “वक्त आ गया है, पूर्व कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी के लखीमपुर खीरी जाकर शहीद परिवारों से पूछने का:- क्या गांधी परिवार से कोई दुख बांटने आया था?”

कांग्रेस पार्टी के नेता और जेएनयू के पूर्व छात्र नेता@kanhaiyakumar· ने ट्वीट किया कि “बोलना ही नहीं, चुप रहना भी राजनीति है। प्रधानमंत्री की चुप्पी की राजनीति पर कौन बोलेगा? अगर प्रधानमंत्री लखनऊ में जश्न मनाने की बजाय ग़म के आंसू पूछने लखीमपुर जाते, मंत्री और उनके बेटे पर कार्रवाई करते तो उनके बेशर्म प्रवक्ताओं को उनके बचाव में कुतर्क गढ़ने की ज़रूरत नहीं पड़ती।”

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट