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देश में मध्यावधि चुनाव कराइए, पता चल जाएगा भाजपा कहां खड़ी है- डिबेट में किसान नेता पुष्पेन्द्र चौधरी का चैलेंज

पुष्पेंद्र चौधरी ने भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी को चैलेंज देते हुए कहा कि आप वन नेशन वन इलेक्शन का ढोल पिटते हैं। आप सभी प्रदेशों में चुनाव कराइए , आप मध्यावधि चुनाव कराइए और आपको पता चल जाएगा कि आप कहाँ खड़े हुए हैं।

Farmers Protest, BJP, rakesh tikaitकेंद्र के द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनस्थल पर बैठे आंदोलनकारी। (फोटोः PTI)

देशभर में किसान आंदोलन चल रहा है। पिछले 90 दिन से भी अधिक समय से देशभर से आए किसान दिल्ली से सटे सीमाओं पर डटे हुए हैं। किसान आंदोलन के दौरान पंजाब के निकाय चुनावों में जहाँ बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा वहीँ गुजरात निकाय चुनाव के परिणाम भाजपा के लिए राहत बन कर आए हैं। इसी मुद्दे पर चर्चा के दौरान किसान नेता पुष्पेन्द्र चौधरी ने कहा कि अगर देश में मध्यावधि चुनाव हो जाए तो पता चल जाएगा कि भाजपा कहाँ खड़ी है।

टीवी न्यूज चैनल न्यूज 18 इंडिया पर चर्चा के दौरान किसान नेता पुष्पेंद्र चौधरी ने कहा कि 2 लाख से ज्यादा किसान दिल्ली से सटे सीमाओं पर बैठे हुए हैं। 200 से ज्यादा शहादत हो चुकी है और सरकार पूरी तरह से असंवेदनशील बनी हुई है। लेकिन भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी दंभ में कह रहे हैं कि हम यहाँ वहां चुनाव जीत रहे हैं। इसके बाद पुष्पेंद्र चौधरी ने भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी को चैलेंज देते हुए कहा कि आप वन नेशन वन इलेक्शन का ढोल पिटते हैं। आप सभी प्रदेशों में चुनाव कराइए , आप मध्यावधि चुनाव कराइए और आपको पता चल जाएगा कि आप कहाँ खड़े हुए हैं।

इसके बाद पुष्पेंद्र चौधरी ने कहा कि देश में 70 करोड़ किसान और 30 करोड़ मजदूर हैं। आपने युवाओं को रोजगार नहीं दिया। आप 90 और 100 रूपये में पेट्रोल बेच रहे हैं। पहले तो आप पेट्रोल के दाम बढ़ने पर कुर्ता फाड़ करके प्रदर्शन करते थे। आपने तो जीएसटी के माध्यम से व्यापारियों पर भी शिकंजा कास दिया है। 

इसके बाद जब एंकर अमिश देवगन ने कहा कि सूरत में तो सबसे ज्यादा व्यापारी रहते हैं लेकिन वहां भाजपा चुनाव जीत गयी। तो पुष्पेन्द्र चौधरी ने कहा कि निकाय चुनाव को छोड़ दीजिये। मैं तो खुली चुनौती देता हूँ कि आप सभी विधानसभा और लोकसभा का चुनाव करवाइए। वैसे भी देश मध्यावधि चुनाव की तरफ आगे बढ़ रहा है।

आपको बता दूँ कि देशभर में चल रहे किसान आंदोलन के बीच पंजाब और गुजरात में निकाय के चुनाव हुए थे। पंजाब निकाय चुनावों में भाजपा ने अबतक का सबसे बेकार प्रदर्शन किया। भाजपा के प्रदर्शन का आलम यह था कि आधे से ज्यादा सीटों पर बीजेपी अपना उम्मीदवार तक खड़ा नहीं कर सकी। इतना ही नहीं भाजपा के नेता चुनाव प्रचार करने भी लोगों के सामने नहीं जा पा रहे थे। हालाँकि गुजरात निकाय चुनाव के परिणाम से भाजपा को थोड़ी राहत जरुर मिली है।

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