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कृषि कानूनः सचिन के कटआउट पर कांग्रेसियों ने उड़ेली ‘कालिख’, लोग बोले- तेंदुलकर देश के लिए बोले इसलिए बन गए दुश्मन

किसान आंदोलन के समर्थन में वैश्विक हस्तियों के उतरने के खिलाफ केंद्र का समर्थन करने पर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर कांग्रेसियों के निशाने पर आ गए। शुक्रवार को केरल के कोच्चि में Congress की युवा इकाई Indian Youth Congress (IYC) के सदस्यों ने तेंदुलकर के कट-आउट पर कालिख (काला तेल) उड़ेली। युवा कांग्रेसियों के विरोध के […]

Sachin Tendulkar, IYC, Farm Lawsसचिन के कटआउट पर काला तेल उड़ेलते इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्य।

किसान आंदोलन के समर्थन में वैश्विक हस्तियों के उतरने के खिलाफ केंद्र का समर्थन करने पर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर कांग्रेसियों के निशाने पर आ गए। शुक्रवार को केरल के कोच्चि में Congress की युवा इकाई Indian Youth Congress (IYC) के सदस्यों ने तेंदुलकर के कट-आउट पर कालिख (काला तेल) उड़ेली। युवा कांग्रेसियों के विरोध के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मसले पर प्रतिक्रियाएं दीं। लेखिका शेफाली वैद्य ने कहा- यह कांग्रेस है। सचिन अब उनके दुश्मन बन गए हैं, क्योंकि वह भारत के लिए बोले हैं! ये दिमागी तौर पर बीमार लोग (कांग्रेसी) हैं।

इसी बीच, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता शिवानंद तिवारी ने आरोप लगाया कि केंद्र इस आंदोलन को लेकर हाल में अंतरराष्ट्रीय हस्तियों द्वारा की गई टिप्पणियों का ‘मुकाबला’ करने के लिए तेंदुलकर को मैदान में ‘उतारा’। यह महान खिलाड़ी को भारत रत्न से सम्मानित करने का अपमान है। आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि केंद्र चाहता है कि तेंदुलकर जैसे लोगों के बयान की वजह से दुनिया किसानों के आंदोलन को अनदेखा कर दे।

बकौल तिवारी, ‘‘किसान ट्विटर के बारे में नहीं जानते हैं। ट्विटर की यह राजनीति हाल में शुरू हुई है और सभी करते हैं। किसानों को ग्रेटा थनर्बग एवं रिहाना से क्या लेना देना? और आपने सचिन तेंदुलकर को उनके खिलाफ उतार दिया।’’ तिवारी की इस टिप्पणी की भाजपा और उसकी सहयोगी JDU ने कड़ी आलोचना की है। साथ ही उनसे माफी की मांग की है। हालांकि, राजद ने तिवारी की टिप्पणी से किनारा करते हुए कहा कि यह उनकी ‘निजी राय’ है।

बता दें कि तेंदुलकर, रवि शास्त्री, विराट कोहली ने बुधवार को बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार और अजय देवगन के साथ केंद्र के आह्वान ‘ भारत सरकार और उसकी नीतियों के खिलाफ दुष्प्रचार का विरोध’ अभियान का समर्थन किया था। केंद्र ने यह अभियान रिहाना, ग्रेटा थमबर्ग जैसी हस्तियों द्वारा किसान आंदोलन को समर्थन देने के बाद शुरू किया था।

तेंदुलकर ने ट्वीट किया था, ‘‘भारत की सम्प्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता। विदेशी ताकतें दर्शक हो सकती हैं लेकिन प्रतिभागी नहीं । भारत को भारतीय जानते हैं और वे ही भारत के लिये फैसला लेंगे। एक देश के रूप में एकजुट होने की जरूरत है।’’ (भाषा इनपुट्स के साथ)

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