Farmers Protest HIGHLIGHTS: कहीं पानी की बौछारें, कहीं नजरबंदी, जानें राज्यपालों को ज्ञापन सौंपने में किसान संगठनों ने किन अवरोधों का किया सामना

अखिल भारतीय किसान सभा के बादल सरोज ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की मेधा पाटकर और डॉ सुनीलम सहित 100 से अधिक किसानों को गांधी भवन में शाम तक नजरबंद रखा गया।

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पंजाब के लुधियाना में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करते किसान संगठन के कार्यकर्ता। (एक्सप्रेस फोटो- गुरमीत सिंह)

Farmers Protest HIGHLIGHTS: केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल किसान आंदोलन के सात महीने पूरे होने के मौके पर पंजाब से लेकर यूपी और राजस्थान से लेकर मध्य प्रदेश तक किसानों ने प्रदर्शन किए। जहां पंजाब-हरियाणा में किसानों ने चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर अवरोधकों को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, वहीं उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस को पानी की बौछारें छोड़नी पड़ीं। किसानों की योजना यहां पंजाब और हरियाणा के राजभवनों की ओर मार्च करने और ज्ञापन सौंपने की थी।

उधर विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे कार्यकर्ताओं ने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा खुद को घर में ही नजरबंद करने का आरोप लगाया। राष्ट्रीय किसान महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक शिव कुमार शर्मा ‘कक्काजी’ ने बताया कि पुलिस ने मुझे नजरबंदी के बारे में नहीं बताया, लेकिन मैंने महसूस किया कि उनका इरादा मुझे घर के अंदर रखने का था। मेंरे कई सहयोगियों ने बताया कि उनके घरों में भी ऐसी ही स्थिति थी और पुलिस बाहर मौजूद थी।

अखिल भारतीय किसान सभा के बादल सरोज ने एक बयान में कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की मेधा पाटकर और डॉ सुनीलम सहित 100 से अधिक कार्यकर्ताओं और किसानों को गांधी भवन में शाम चार बजे तक नजरबंद रखा गया। बयान में दावा किया गया कि कार्यकर्ताओं और किसानों के बहुत आग्रह के बाद पुलिस ने केवल पांच लोगों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने की अनुमति दी।

उधर इन आरोपों का खंडन करते हुए भोपाल रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) ए साई मनोहर ने बताया कि किसी भी कार्यकर्ता को नजरबंद नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘ महामारी के प्रोटोकॉल के कारण कोई आंदोलन संभव नहीं है। कार्यकर्ता नजरबंद हुए तो राजभवन के दरवाजे तक कैसे पहुंचे। किसी को भी घर में नजरबंद नहीं किया गया।’’

नरेंद्र मोदी सरकार के लाए कृषि कानूनों को लेकर किसान पिछले सात महीनों से आंदोलन में जुटे हैं। प्रदर्शनों के 7 महीने पूरे होने पर किसान आज यानी 26 जून को अलग-अलग राज्यों में राजभवनों का घेराव करके राज्यपालों को ज्ञापन देने का प्रयास कर रहे थे। इस बीच दिल्ली में संवेदनशील हालात देखते हुए उपराज्यपाल के घर की सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई थी। राकेश टिकैत ने धमकी दी थी कि अगर किसानों को उपराज्यपाल से न मिलने दिया गया तो वे ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच करेंगे। हालांकि, राज्यपाल के सचिव को ज्ञापन सौंपने के बाद उन्होंने अपनी यह योजना रद कर दी है।

राकेश टिकैत ने खुद ट्वीट करके बताया कि नॉर्थ ईस्ट डीसीपी के दफ्तर में किसानों की उपराज्यपाल से वर्चुअल मीटिंग कराई गई और उनके सचिव ने आकर ज्ञापन स्वीकार किया इसलिए आज कोई दिल्ली कूच नहीं करेगा।

Live Blog

11:00 (IST)27 Jun 2021
किसान आंदोलन के बीच में ही उठी थी टिकैत की गिरफ्तारी की खबरें, बाद में झुठलाई गईं

एक दिन पहले ही भाकियू नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की खबरें सामने आई थीं, जिस पर सोशल मीडिया पर हलचल मची रही। हालांकि, बाद में भाकियू के नेशनल मीडिया इंचार्ज धर्मेंद्र मलिक ने राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की बात को अफवाह करार दिया है। Jansatta.com से बातचीत में उन्होंने कहा कि टिकैत गाजीपुर बॉर्डर पर ही मौजूद हैं। उन्होंने किसान एकता मोर्चा के ट्वीट का खंडन किया। खुद राकेश टिकैत ने भी बाद में इस मुद्दे पर ट्वीट किया और गाजीपुर बॉर्डर पर होने की बात कही।

09:54 (IST)27 Jun 2021
राकेश टिकैत बोले- अगले महीने दो और ट्रैक्टर रैलियों का होगा आयोजन

भाकियू नेता राकेश टिकैत ने अगले महीने 2 और ट्रैक्टर रैलियों का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि 9 और 24 जुलाई को भी ट्रैक्टर रैलियों का आयोजन किया जाएगा। टिकैत ने कहा, ‘आज की मीटिंग में हमने अपने आंदोलन के विस्तार का फैसला किया है। हमने 2 रैलियों के आयोजन का फैसला किया है। 9 जून की रैली में शामली और बागपत के लोग मौजूद रहेंगे। यह 10 जुलाई को सिंघु बॉर्डर पहुंचेगी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इसके अलावा 24 जुलाई को एक और रैली का आयोजन होगा। इसमें मेरठ और बिजनौर के किसान शामिल होंगे। 25 जुलाई को यह रैली गाजीपुर बॉर्डर पहुंचेगी।’

09:07 (IST)27 Jun 2021
किसान संगठन का आरोप- सरकार ने कई बार की आंदोलन तोड़ने की कोशिश

भाकियू (चढूनी) महिला सेल जिलाध्यक्ष सिक्किम सफाखेड़ी ने कहा है कि किसानों को अपनी मांगों को लेकर धरना देते सात महीने गए है। सरकार को किसानों की मांग को मानना चाहिए, लेकिन आंदोलन को तोड़ने के लिए काफी कोशिश सात महीनों से सरकार की तरफ से की गई। एक भी कोशिश सरकार की सफल नहीं हुई है।

08:05 (IST)27 Jun 2021
किसानों के प्रदर्शन के दौरान मुस्तैद रही पुलिस

दिल्ली पुलिस को एक दिन पहले ही खुफिया एजेंसियों से किसान आंदोलन को निशाना बनाए जाने का इनपुट मिला था। इसमें कहा गया था कि किसान आंदोलन के 7 महीने पूरे होने के साथ ही इस पर पाकिस्तान की ISI की नजर पड़ चुकी है और वह इन प्रदर्शनों पर खतरा पैदा कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे लेकर दिल्ली पुलिस और CISF की टीमों ने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की और आंदोलन में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को होने से रोका। 

07:37 (IST)27 Jun 2021
किसान आंदोलन पर हरियाणा के गृहमंत्री ने ली चुटकी

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है कि किसान पिछले करीब 8 महीने से बॉर्डर पर बैठे हैं। वे अब निराश हो चुके हैं। इसलिए आंदोलन को जिंदा रखने के लिए उनके नेता हर दिन नए कार्यक्रम बना रहे हैं। आज उन्होंने राजभवन में ज्ञापन सौंपने की बात कही है। ये सब होता रहता है।

06:19 (IST)27 Jun 2021
प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप कई राज्यों में आंदोलनकारियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

दिल्ली की सीमाओं पर करीब 40 किसान संगठन ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ (एसकेएम) के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं। एसकेएम ने दावा किया कि हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा तेलंगाना समेत कुछ राज्यों में प्रदर्शन के दौरान किसानों को हिरासत में लिया गया। भारतीय किसान यूनियन के महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा, ‘‘सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में बात नहीं करती। सरकार हमेशा कानूनों में संशोधन के बारे में बात करती है। हालांकि हम चाहते हैं कि इन कानूनों को निरस्त किया जाए। हम यह भी चाहते हैं कि एमएसपी पर एक कानून लाया जाए।’’ 

05:50 (IST)27 Jun 2021
तोमर ने किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की, कृषक आंदोलन के सात माह होने पर कई जगह प्रदर्शन

केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन के सात महीने पूरे होने के मौके पर किसानों ने शनिवार को अनेक राज्यों में राज्यपालों के आवास तक मार्च निकालने का प्रयास किया, वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उनसे आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए तीनों विधेयकों के प्रावधानों पर वार्ता बहाल करने की पेशकश की। दिल्ली की अनेक सीमाओं पर करीब 40 किसान संगठन ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ (एसकेएम) के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं। एसकेएम ने दावा किया कि हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा तेलंगाना समेत कुछ राज्यों में प्रदर्शन के दौरान किसानों को हिरासत में लिया गया।

04:55 (IST)27 Jun 2021
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार, यहां नहीं हो पाएगा कोई खेला : सिद्धार्थ नाथ सिंह

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और यहां किसी भी प्रकार का खेला नहीं हो पाएगा। समाजवादी पार्टी नेता के ‘खेला होई’ नारे के सवाल पर सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सर्किट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘‘वे सम्प्रदायिकता का खेल खेलते हैं और फिर से वही खेल खेलना चाहते हैं। परंतु उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और यहां किसी का खेल नहीं चलेगा। 2022 में हम फिर से चुनाव जीतेंगे।’’     

03:23 (IST)27 Jun 2021
पुलिस ने किसानों पर पानी की बौछारें छोड़ीं

केन्द्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के प्रदर्शनकारी किसानों ने शनिवार को विरोध मार्च निकाले। किसानों ने चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़ीं।

02:51 (IST)27 Jun 2021
कृषि कानून वापस होने के बाद ही समाप्त होगा आंदोलन

भारतीय किसान यूनियन के महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि कृषि कानून वापस होने के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा। सिंह ने कहा, ‘‘सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बात नहीं करती। सरकार हमेशा कानूनों में संशोधन की बात करती है। हम चाहते हैं कि वे कानूनों को वापस लें। हम चाहते हैं कि वे एमएसपी पर एक कानून लायें।’’ राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार कक्का ने कहा कि वह किसी शर्त के साथ कोई बातचीत नहीं करेंगे। कक्का ने कहा, ‘‘पिछले सात महीने में हमने छह सौ किसान खो दिए हैं और वह (सरकार) हमसे आंदोलन खत्म करने को कह रहे हैं। 

01:27 (IST)27 Jun 2021
आंदोलन के सात महीने बाद भी किसान नेता अपनी मांग पर अड़े

कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसान नेता शनिवार को भी अपनी मांग पर अड़े रहे और उन्होंने कहा कि वे विरोध प्रदर्शन तभी समाप्त करेंगे जब सरकार तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेगी। हालांकि, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र ंिसह तोमर ने किसानों से आंदोलन वापस लेने और बातचीत करने की अपील की। 

00:32 (IST)27 Jun 2021
मध्यप्रदेश किसान प्रदर्शन : कार्यकर्ताओं ने नजरबंद करने का आरोप लगाया, पुलिस का इनकार

केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल किसान आंदोलन के सात महीने पूरे होने के अवसर पर विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे कार्यकर्ताओं ने शनिवार को दावा किया कि मध्यप्रदेश पुलिस ने उन्हें घर में नजरबंद कर दिया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इस आरोप का खंडन किया है।

21:09 (IST)26 Jun 2021
किसानों ने दिल्ली के उप राज्यपाल के साथ ऑनलाइन वार्ता की, ज्ञापन सौंपा

किसान नेताओं ने शनिवार को दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल के साथ ऑनलाइन माध्यम से बातचीत की। इससे पहले किसान नेताओं ने दावा किया कि उन्हें बैजल से मुलाकात करने और किसानों के प्रतिनिधि द्वारा राष्ट्रपति को संबोधित तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग वाला ज्ञापन सौंपने की अनुमति नहीं दी गई।

19:18 (IST)26 Jun 2021
पंजाब, हरियाणा के किसानों ने विरोध मार्च निकाले, पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ीं

केन्द्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के प्रदर्शनकारी किसानों ने शनिवार को विरोध मार्च निकाले। किसानों ने चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़ीं।

18:30 (IST)26 Jun 2021
राकेश टिकैत बोले, दोनों वैक्सीन लगवाई, अब कागज दे सरकार

एक न्यूज टीवी चैलन  पर राकेश टिकैत ने कहा कि मैंने वैक्सीन लगवा ली है। अब मेरे कागज मिलें। मैं लोगों से अपील भी करता हूं वो भी वैक्सीन लगवा लें। उन्होंने कहा, मैंने दोनों डोज वैक्सीन लगवा ली है, अब मेरे कागज दो।

18:10 (IST)26 Jun 2021
मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसान और पुलिस में झड़प

मोहाली चंडीगढ़ बॉर्डर पर भी बड़ी संख्या में किसानों ने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस ने सुबह से ही शहर के 13 एंट्री पॉइंट बंद कर दिए थे। लेकिन किसान ट्रैक्टरों की मदद से अंदर घुसने में सफल रहे।

17:24 (IST)26 Jun 2021
दिल्ली कूच नहीं करेंगे किसान

राकेश टिकैत ने कहा है कि दिल्ली के उपराज्यपाल से किसानों की वर्चुअल मुलाकात हो गई है और उन्होंने ज्ञापन भी स्वीकार कर लिया है इसलिए आज दिल्ली कूच नहीं करेंगे।

16:57 (IST)26 Jun 2021
बातचीत के लिए राकेश टिकैत की शर्त

कृषि मंत्री से बातचीत के मामले में  राकेश टिकैत ने कहा कि तभी मीटिंग होगी जब कृषि मंत्री को फ्री छोड़ दिया जाए। उन्हें कोई भी बात करने के लिए अलग जाकर किसी और से सलाह करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि मीटिंग का लाइव टेलिकास्ट होना चाहिए। 

16:22 (IST)26 Jun 2021
पंचकूला में किसानों और पुलिस में झड़प

हरियाणा के पंचकूल में किसानों बैरिकेड तोड़ दिया और मार्च को आगे बढ़ाया। सैकड़ों किसान यहां इकट्ठा हुए थे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वे रोको नहीं रुके। यहां पुलिस के साथ किसानों की झड़प हो गई। किसान यहां उग्र दिखायी दिए। 

15:59 (IST)26 Jun 2021
दिल्ली पुलिस कमिश्नर का बयान

दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने कहा कि कुछ किसान उपराज्यपाल से मिलना चाहते हैं। कुछ लोग दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों से आए हैं और कुछ अलग से आए हैं। उन्हेें मिलने की इजाजत दे दी गई है। वह शांतिपूर्ण ढंग से उपराज्यपाल से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे।

15:28 (IST)26 Jun 2021
राकेश टिकैत बोले- ट्रैक्टर रास्ता न भूल जाएं, इसलिए हर महीने दिल्ली आएंगे

फिर से दिल्ली कूच के मसले पर टिकैत ने हिंदी समाचार चैनल आज तक को हाल में बताया था, “ट्रैक्टर दिल्ली का रास्ता न भूल जाएं, इसलिए दिल्ली आएंगे। 26 तारीख हर महीने आते हैं…ट्रैक्टर आएंगे। हालांकि, उस हिसाब से नहीं आएंगे, जो जनवरी में आए थे। पर ट्रैक्टर यात्राएं चलेंगी। 

15:09 (IST)26 Jun 2021
कांग्रेस बोली- अन्नदाताओं के साथ अत्याचार कर रही भाजपा सरकार

कांग्रेस ने केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के सात महीने पूरा होने पर शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि कांग्रेस आंदोलनकारी किसानों के साथ खड़ी है। सुरजेवाला ने एक बयान में कहा, ‘‘समूचे विश्व में आज तक किसी निर्दयी और निर्मम सत्ता का ऐसा अत्याचार देखने को नहीं मिला जो मोदी सरकार धरती के भगवान कहे जाने वाले अन्नदाता किसानों के साथ लगातार 7 माह से कर रही है । यह सरकार कभी उन पर लाठी बरसाती है, कभी उनकी राहों में कील और कांटे बिछाती है। किसानों को मोदी सरकार कभी आतंकी, कभी खालिस्तानी बताती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पूरी प्रतिबद्धता और दृढ़ता से देश के किसान भाइयों के साथ खड़ी है। आज होने वाले किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन का पार्टी पुरजोर समर्थन करती है।’’

15:08 (IST)26 Jun 2021
किसानों को उपराज्यपाल से नहीं मिलने दिया गया तो करेंगे दिल्ली कूचः टिकैत

अगर हमारे लोगों को उपराज्यपाल से मिलने नहीं दिया गया तो हम दिल्ली कूच करेंगे। हम कैसे जाएंगे इस पर हम अभी बैठक कर रहे हैं। हम उपराज्यपाल के पास जाएंगे: गाज़ीपुर बॉर्डर से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत

14:55 (IST)26 Jun 2021
किले में बदला उपराज्यपाल का घर, पुलिस ने लोगों को जाने से रोका

किसान नेता युद्धवीर सिंह दिल्ली में उपराज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए उनके घर के पास 8-10 लोगों को लेकर पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें राजभवन नहीं जाने दिया, बल्कि उन्हें अपने साथ ले गई। बता दें कि उपराज्यपाल के घर जाने वाले सभी रास्तों पर भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा कंटीले तारों से  बैरिकेडिंग की गई है।

14:18 (IST)26 Jun 2021
पंजाबः KMSC का कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन

पंजाब में किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी ने कृषि कानूनों के खिलाफ अमृतसर में जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के महासचिव ने बताया, “हम आज पंजाब के जिला हेडक्वार्टरों में रोष मार्च करेंगे और राज्यपाल, राष्ट्रपति के नाम का मांग पत्र DC दफ़्तर को देंगे।”

13:36 (IST)26 Jun 2021
राकेश टिकैत बोले- किसी और की हुई गिरफ्तारी, मैं गाजीपुर बॉर्डर पर ही

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सोशल मीडिया पर चल रही अपनी गिरफ्तारी की खबरों को फर्जी करार देते हुए बताया कि पुलिस किसी युद्धवीर सिंह नाम के व्यक्ति को लेकर गई है। इसलिए शायद कुछ लोग नाम को लेकर असमंजस में पड़ गए। उन्होंने कहा कि वे गाजीपुर बॉर्डर पर बिल्कुल ठीक हैं। 

13:10 (IST)26 Jun 2021
ट्रैक्टर रैली की शुरुआत में बोले नरेश टिकैत- मांग पूरी होने तक घर वापसी नहीं

राकेश टिकैत के भाई और भाकियू के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि किसान अपनी मांग माने जाने तक “घर वापसी” नहीं करेंगे। वे अब 2022 के चुनाव में भी सोच-समझ कर फैसला लेंगे। ये बातें उन्होंने शुक्रवार को मेरठ से दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर के लिये किसान ट्रैक्टर रैली की शुरुआत करते हुए कहीं।

12:40 (IST)26 Jun 2021
राकेश टिकैत के भतीजे बोले- हम शांतिपूर्ण ढंग से राज्यपालों को ज्ञापन सौंपेंगे

भारतीय किसान यूनियन की युवा इकाई के अध्यक्ष और नरेश टिकैत के बेटे गौरव टिकैत ने कहा कि हम देश भर में शांतिपूर्ण ढंग से राज्यपालों से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे। बता दें कि गौरव इस वक्त दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के साथ हिस्सा ले रहे हैं। 

12:08 (IST)26 Jun 2021
दिल्लीः उपराज्यपाल के घर के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
11:46 (IST)26 Jun 2021
योगेंद्र यादव बोले- राष्ट्रपति की मोहर से चलने वाली सरकार ने हमें दिए बर्बादी वाले कानून

सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने शनिवार को एक ट्वीट कर कहा कि भारत के किसान बहुत दुख-रोष के साथ अपने देश के मुखिया-राष्ट्रपति जी को चिट्ठी (रोष पत्र) लिख रहे है। उन्होंने लिखा, “आप की मोहर से चलने वाली भारत सरकार ने हमें 3 ऐसे कानून दिया हैं जो हमारी नस्लों-फसलों को बर्बाद कर देंगे,खेती से छीनकर कंपनियों की मुठ्ठी में सौंप देंगे।”

11:17 (IST)26 Jun 2021
किसानों की ट्रैक्टर रैली की चेतावनी के बीच दिल्ली में चाक-चौबंद सुरक्षा

कृषि कानून के विरोध में किसानों के आंदोलन को सात महीने पूरे हो गए हैं। इस मौके पर किसान संगठनों ने दिल्ली-यूपी और आसपास के राज्य में प्रदर्शन की चेतावनी दी है। दिल्ली में तो किसानों ने ट्रैक्टर रैली तक की बात कही है। इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने अपनी तैयारियां मजबूत कर दी हैं। 

10:50 (IST)26 Jun 2021
कानून वापस नहीं लेगी सरकार, पर प्रावधानों पर चर्चा के लिए तैयार, कृषि मंत्री ने फिर दोहराया

किसानों से विरोध प्रदर्शन खत्म करने व सरकार से बातचीत को लेकर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक बार फिर प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि मैं सभी किसान संघों से अपना आंदोलन समाप्त करने का आग्रह करता हूं। सरकार ने उनके साथ 11 दौर की बातचीत की थी। सरकार ने एमएसपी बढ़ाने और एमएसपी पर अधिक खरीद की दिशा में काम किया है। देश का एक बड़ा वर्ग इन कानूनों के समर्थन में खड़ा है। फिर भी अगर किसानों को कानून के किसी प्रावधान से कोई आपत्ति है तो सरकार उनकी बात सुनने, उनसे चर्चा करने और उस पर काम करने को तैयार है। हालांकि, वे पहले ही कह चुके हैं कि सरकार कानून वापस लेने पर कोई बात नहीं करेगी।

10:17 (IST)26 Jun 2021
संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, कहा- रद्द करें कृषि कानून

संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानूनों को रद्द कराने और एमएसपी की कानूनी गारंटी दिए जाने को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है। इसमें खेती के तीनों कानूनों को असंवैधानिक करार देते हुए कहा गया है कि केंद्र सरकार को कृषि मंडी के बारे में कानून बनाने का अधिकार ही नहीं है। इस कानून को अलोकतांत्रिक बताते हुए किसान संगठन ने मांग की है कि राष्ट्रपति केंद्र सरकार को यह निर्देश दें कि वह किसानों की न्यायसंगत मांगों को तुरंत स्वीकार करे, तीनों किसान विरोधी कानूनों को रद्द करे।

09:48 (IST)26 Jun 2021
नरेश टिकैत बोले- किसानों ने लिया करो या मरो का संकल्प, कानून वापस कराकर रहेंगे

कृषि कानून के खिलाफ सात महीनों से प्रदर्शन कर रहे भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने शुक्रवार को कहा, “कृषि कानूनों की वापसी के लिए किसानों ने करो या मरो का संकल्प लिया है और किसान कृषि कानूनों को वापस कराकर रहेंगे। आंदोलन जारी रहेगा और गाजीपुर बॉर्डर पर 26 (जून) को होने वाली किसान महापंचायत में आगे की रणनीति बनाई जाएगी।”

09:18 (IST)26 Jun 2021
SKM बोला- 26 जून कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस के तौर पर मनाएंगे

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बयान में कहा गया है कि सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसान 26 जून की तैयारी कर रहे हैं और वे इसे ‘कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस’ के रूप में मनाएंगे। बता दें कि पिछले साल लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ उनके आंदोलन के 26 जून को सात महीने पूरे होने पर उत्तर प्रदेश के किसानों सहित बड़ी संख्या में कृषकों के दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल होने की उम्मीद है।

08:51 (IST)26 Jun 2021
दिल्लीः किसान आंदोलन की आशंका के मद्देनजर बंद रहेंगे मेट्रो स्टेशन

दिल्ली मेट्रो ने किसान आंदोलन की आशंका के मद्देनजर येलो लाइन पर शनिवार को चार घंटे के लिए तीन मुख्य स्टेशन बंद रखने का निर्णय लिया है। शनिवार को किसानों के आंदोलन को सात महीने पूरे हो जाएंगे। दिल्ली और हरियाणा के बीच सिंघू बॉर्डर के अलावा टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भी किसान आंदोलन कर रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में भी शनिवार को विरोध प्रदर्शन हो सकता है इसलिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम और पुलिस ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा कदम उठाए हैं।

08:25 (IST)26 Jun 2021
कांग्रेस ने मंडी शुल्क बढ़ाने के हरियाणा सरकार के कदम को ‘किसान विरोधी’ बताया

कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को धान की सभी किस्मों पर लगाए जाने वाले मंडी शुल्क को बढ़ाने के हरियाणा सरकार के कदम की आलोचना की। पार्टी नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मांग की कि मंडी शुल्क बढ़ाने के फैसले को तुरंत वापस लिया जाए। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने 22 जून को कृषि उत्पादों – पीआर किस्म सहित धान की सभी किस्मों – बासमती 1509 (धान की किस्म), डीबी और सरबती ​​धान, पर मंडी शुल्क की वसूली की मात्रा को मूल्यानुसार 0.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दिया था। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मंडी शुल्क बढ़ाने का सरकार का फैसला और धान पर एचआरडीएफ (ग्रामीण विकास कोष उपकर) बढ़ाने का उसका प्रस्ताव किसान विरोधी है।’’

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