BJP सांसद वरुण गांधी ने PM नरेंद्र मोदी को लिखा- पहले फैसला लिया होता तो कई जिंदगियां बच सकती थीं, अब एक करोड़ का मुआवजा दें

वरुण अक्सर किसानों का मुद्दा उठाने वालों में से हैं, जबकि उनकी ओर से किसानों के हक में यह मांग ऐसे वक्त पर उठाई गई है, जब कुछ समय बाद ही यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं।

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नई दिल्ली में शुक्रवार को किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले अन्नदाताओं की याद में कैंडल मार्च निकालते Indian Youth Congress (IYC) के सदस्य। (PTI Photo)

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने इसके जरिए पीएम से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी की किसानों की मांग को स्वीकार करने का अनुरोध किया है।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के सांसद ने कहा कि यह फैसला अगर पहले ही ले लिया जाता, तो 700 से अधिक किसानों की जान नहीं जाती। गांधी ने आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजन को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की।

20 नवंबर को लिखे अपने पत्र में लोकसभा सांसद ने कहा, “तीन कृषि कानूनों के निरस्तीकरण और फसलों की एमएसपी की वैधानिक गारंटी की मांग को लेकर बीते एक साल से किसानों का एक विशाल आंदोलन देशभर में चल रहा है। आपने बड़ा दिल दिखाते हुए इन कानूनों को निरस्त करने की घोषणा की है, उसके लिए आपका साधुवाद। पर एक साल में अत्यंत कठिन परिस्थितियों में धरना देते हुए इस आंदोलन में 700 से अधिक किसान भाई शहीद हो गए। मेरा मानना है कि अगर यह फैसला और पहले हो जाता है, तब इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती। आपसे विनम्र निवेदन है कि आदोलन में शहीद किसान भाइयों के प्रति संवेदना जाहिर करते हुए उनके परिजन को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा भी दिया जाना चाहिए। साथ ही किसान भाइयों को प्रताड़ित करने के लिए जितनी भी फर्जी एफआईआर दर्ज की गई है, उन्हें भी तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।”

बकौल गांधी, “हमारे देश में 85 फीसदी से अधिक छोटे, लघु और सीमांत किसान हैं। हमें इनके सशक्तिकरण के लिए इनको फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाना सुनिश्चित करना होगा। आंदोलन इस मांग के निस्तारण के बिना खत्म नहीं होगा और किसानों में एक व्यापक रोष बना रहेगा, जो किसी न किसी तौर पर सामने आता रहेगा। ऐसे में उन्हें फसलों की एमएसपी मिलना बेहद जरूरी है। सरकार को राष्ट्रहित में इस मांग को मान लेना चाहिए।”

आपको बता दें कि वरुण अक्सर किसानों का मुद्दा उठाने वालों में से हैं, जबकि उनकी ओर से किसानों के हक में यह मांग ऐसे वक्त पर उठाई गई है, जब कुछ समय बाद ही यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं।

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