किसान महापंचायतः 21Km तक जुटी भीड़ में थे 20 लाख लोग- टिकैत का दावा; SKM नेता ने कहा- BJP का कोई भी प्रोग्राम होने न देंगे

बकौल टिकैत, “जब तक 3 कृषि कानूनों की वापसी नहीं होगी तब तक हम ना ही धरना स्थल छोड़ेंगे और ना ही आंदोलन छोड़ेंगे।”

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मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, "संयुक्त किसान मोर्चा ने जो फैसले लिए हैं उसके तहत हमें पूरे देश में बड़ी-बड़ी सभाएं करनी पड़ेंगी।" (फोटोः पीटीआई)

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ यूपी के मुजफ्फरनगर में रविवार (पांच सितंबर, 2021) को हुई किसान महापंचायत में 21 किमी तक करीब 20 लाख लोगों की भीड़ जुटी थी। यह दावा भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किया है।

उन्होंने सोमवार (छह सितंबर, 2021) को दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पत्रकारों से कहा, “कल का कार्यक्रम सफल रहा। भीड़ 21 किलोमीटर में फैली हुई थी। कल 20 लाख से अधिक लोग किसान महापंचायत में शामिल हुए। सड़क जाम होने के कारण स्थानीय लोग नहीं आ सके। भीड़ लोकतंत्र का हथियार है।”

बकौल टिकैत, “जब तक 3 कृषि कानूनों की वापसी नहीं होगी तब तक हम ना ही धरना स्थल छोड़ेंगे और ना ही आंदोलन छोड़ेंगे।” केंद्रीय मंत्री संजीव बाल्यान के बयान ‘अगर किसान राजनीति में आना चाहते हैं तो वो उनका स्वागत करेंगे’ को लेकर उन्होंने कहा कि वह (टिकैत) राजनीति में नहीं आना चाहते हैं। वह (बालियान) हमारे मुद्दों का हल निकालें और हमारी बात सरकार से करवा दें।

इसी बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता अभिमन्यु सिंह ने बताया कि वे (किसान) बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के किसी भी प्रोग्राम को नहीं होने देंगे। हिंदी चैनल आज तक पर एक डिबेट के दौरान उन्होंने यह बात कही।

वह आगे बोले- जब से आंदोलन चल रहा है, तब से हमने पंजाब और हरियाणा में यह कॉल दे रखी थी कि हम बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के कार्यक्रम नहीं होने देंगे। चौधरी टिकैत साहब ने भी यही कहा है कि हम बीजेपी और उनके घटक दलों का कोई भी प्रोग्राम नहीं होने देंगे, क्योंकि नौ महीने से किसान आंदोलन पर बैठे हैं। चाहे धूप हो, बारिश हो या फिर सर्दी…हम अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।

भाजपा ने महापंचायत को बताया ‘चुनाव रैली’: भाजपा ने ‘किसान महापंचायत’ को ‘‘चुनाव रैली’’ करार दिया। साथ ही इसके आयोजकों पर यूपी सहित कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा के किसान मोर्चा प्रमुख एवं सांसद राजकुमार चाहर ने एक बयान में दावा किया कि ‘महापंचायत’ के पीछे का एजेंडा राजनीति से जुड़ा है, न कि किसानों की चिंताओं से।

उन्होंने कहा कि यह किसान महापंचायत नहीं, बल्कि राजनीतिक एवं चुनावी बैठक थी तथा विपक्ष और संबंधित किसान संगठन राजनीति करने के लिए किसानों का इस्तेमाल कर रहे हैं। चाहर ने दावा किया कि किसी अन्य सरकार ने किसानों के लिए इतना काम नहीं किया है, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले सात साल में किया है।

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