ताज़ा खबर
 

सामाजिक कार्यकर्ता का सीएम फडणवीस और गडकरी पर फूटा गुस्सा, छोड़ी बीजेपी

किशोर तिवारी ने यह भी कहा कि वो शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे के संपर्क में थे, मगर उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी में शामिल होने की उनकी कोई योजना नहीं है।

bjpतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

सामाजिक कार्यकर्ता किशोर तिवारी ने शनिवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें विधानसभा परिषद में भेजने का वादा नहीं निभाया गया इसलिए वह दोबारा सामाजिक जीवन में सक्रिय होने जा रहे हैं। तिवारी राज्य सरकार के टास्क फोर्स वसंतराव नाइक शेट्टी स्वावलंबन मिशन की अध्यक्षता भी कर चुके हैं। हालांकि किशोर तिवारी ने यह भी कहा कि वो शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे के संपर्क में थे, मगर उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी में शामिल होने की उनकी कोई योजना नहीं है।

तिवारी ने यवतमाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा से अपने संबंध तोड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि वह भाजपा के सदस्य नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मैं फडणवीस और गडकरी के निमंत्रण पर भाजपा के साथ गया क्योंकि उन्हें लगा कि मैं उन्हें सरकार के मुद्दों पर मूल्यवान मार्गदर्शन प्रदान कर सकता हूं। मैं इससे सहमत हो गया और किसानों की पूरी मदद की। मगर भाजपा को अब मेरी जरुरत नहीं क्योंकि उनके साथ बड़े नेता जुड़ रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या फणनवीस सरकार किसानों की कुछ मदद करने में सफल रही है? तिवारी ने कहा, ‘वो फसल के पैटर्न और स्थिरता जैसे कई मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं लेकिन केवल बातचीत होती है, कोई नीतिगत सुधार नहीं।’

इसी बीच महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले स्वाभिमानी शेतकारी संगठन (एसएसएस) के नेता राजू शेट्टी ने शनिवार को कई छोटे संगठनों से मिलकर बने नए गठबंधन ”प्रजा लोकशाही परिषद” की घोषणा की। हालांकि शेट्टी ने इसे “गैर-राजनीतिक” गठबंधन बताया।

भाजपा के पूर्व सहयोगी शेट्टी ने कहा, “सांप्रदायिकता नए शिखर पर पहुंच गई है और सरकार समाज में दरार पैदा कर रही है। छोटे ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदायों को धमकाया जा रहा है।” किसान नेता ने कहा कि राजनीतिक नेता सत्ता की भूख के चलते सत्तारूढ भाजपा और शिवसेना में शामिल हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘ऐसी स्थिति में, इन सभी समान विचारधारा वाले समुदायों को एक साथ एकजुट करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि चुनावों में हमारे एक साथ होने से असर दिखेगा।’ शेट्टी ने कहा कि एसएसएस गठबंधन चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम भाजपा और शिवसेना को छोड़कर किसी भी दल के साथ सीट बंटवारे पर वार्ता के लिए तैयार हैं। (भाषा इनपुट)

Next Stories
1 योगी सरकार ने मुलायम परिवार से वापस ली लोहिया ट्रस्ट की इमारत
ये पढ़ा क्या?
X