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पंजाब: गुरु ग्रंथ साहिब के ‘अपमान’ पर भड़की हिंसा में 2 की मौत, आईजी सहित 75 जख्मी

सिखों के धार्मिक ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के कथित अपमान के मुद्दे पर सिख प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच फरीदकोट, मोगा और संगरूर जिलों सहित पंजाब में कई जगहों पर हुई झड़पों..

Author फरीदकोट (पंजाब) | October 14, 2015 7:21 PM
सिखों के धार्मिक ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के कथित अपमान के मुद्दे पर सिख प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में 2 की मौत हो गई। (पीटीआई फोटो)

सिखों के धार्मिक ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के कथित अपमान के मुद्दे पर सिख प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच फरीदकोट, मोगा और संगरूर जिलों सहित पंजाब में कई जगहों पर हुई झड़पों में बुधवार को दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सहित 75 अन्य जख्मी हो गए।

यहां से करीब 20 किलोमीटर दूर बहबल कलां गांव में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भीषण झड़प हुई। कट्टरपंथियों सहित विभिन्न सिख संगठनों ने गांव को जाम कर दिया था।

फरीदकोट के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुखविंदर सिंह ने कहा, ‘‘बहबल कलां गांव के पास कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए जाम को हटाने के लिए एक पुलिस टीम भेजी गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई, जिससे पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाई, आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें मारी।’’

एसएसपी ने कहा कि झड़प में दो नौजवानों की मौत हो गई। उनकी उम्र करीब 20 साल बताई जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हालात तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में हैं।’’

इससे पहले, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जिले के कोटकापुरा में झड़प हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि बठिंडा प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जे के जैन सहित 75 लोग इन झड़पों में जख्मी हो गए। इनमें चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। जख्मी हुए लोगों में 15 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

संगरूर और मोगा की कुछ जगहों से भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें आई हैं। प्रदर्शनकारी एक धार्मिक पुस्तक के कुछ पन्नों को कथित तौर पर फाड़ने की खबरों से आक्रोशित थे।

अधिकारियों ने बताया कि फरीदकोट, मोगा, मनसा, बठिंडा और संगरूर जिलों में भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

सिख संगठन धार्मिक ग्रंथ के 150 पन्ने कथित तौर पर फाड़ने की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बादल ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने कहा कि मोगा, फरीदकोट, संगरूर के अलावा बठिंडा और मानसा के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने हुए प्रदर्शन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

उपायुक्त के के यादव ने बताया कि जालंधर में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, जिसके तहत एक जगह पर चार से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते। जिले के ग्रामीण इलाकों में 11 दिसंबर तक निषेधाज्ञा लगाई गई है।

सिख संगठनों ने भवानीगढ़ में संगरूर-पटियाला रोड, मस्तुआना में संगरूर-बरनाला रोड, संगरूर में संगरूर-धुरी रोड, सुनाम के पास आईटी चौक और शेरोन चौक, शेरपुर के पास कतरोन गांव, मुलोवाल गांव में धुरी-बरनाला रोड पर यातायात जाम किया।

इसके अलावा, पुलिस ने बताया कि मलेरकोटला के पास रूड़की गांव, गुरुद्वारा हा दा नारा के पास मलेरकोटला, मलेरकोटला-लुधियाना रोड, डिरबा में संगरूर-दिल्ली राजमार्ग के अलावा बरनाला में हंडीआया चौक में भी प्रदर्शन किए गए।

पुलिस ने करीब 500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। कोटकापुरा इलाके में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

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