ताज़ा खबर
 

नागरिकता विधेयक विवाद: भूपेन हजारिका का परिवार भी विरोध में उतरा, भारत रत्‍न लौटाने का फैसला

नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में भूपेन हजारिका के परिवार ने भारत रत्‍न लौटाने का फैसला लिया है। हजारिका के बेटे ने यह कदम उठाने के लिए अपने परिवार को कहा है। 

Author February 12, 2019 8:15 AM
प्रकाश झा और उदित नारायण के साथ भूपेन हजारिका। (Express archive photo)

नागरिकता विधेयक विवाद के चलते असम के मशहूर गायक दिवंगत भूपेन हजारिका के परिवार ने भारत रत्न को वापस लौटाने का फैसला लिया है। बता दें कि इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर मोदी सरकार ने उन्हें मरणोपरांत इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजने की घोषणा की थी। उनके अलावा इस साल यह पुरस्कार पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और समाजिक कार्यकर्ता दिवंगत नानाजी देशमुख को भी यह सम्मान देने का ऐलान किया गया था। खबरों की मानें तो भूपेन हजारिका के बेटे तेज हजारिका जो अमेरिका में रहते हैं उन्होंने इस बिल के विरोध में यह कदम उठाने को कहा है। हालांकि उनके भाई समर ने कहा कि ये एक बहुत बड़ा कदम है और ये किसी एक व्यक्ति के द्वारा लिया गया फैसला नहीं है। वहीं इससे पहले मणिपुर के मशहूर फिल्म डॉयरेक्टर अरिबम श्याम शर्मा ने भी इस नागरिकता बिल के विरोध में अपना पद्म श्री सम्मान लौटा दिया था जो उन्हें 2006 में दिया गया था। बता दें कि इस बिल के विरोध में पिछले कुछ महीनों से पूर्वोत्तर के राज्य खासतौर पर मेघालय, मणिपुर और असम में भारी विरोध देखने को मिल रहा है।

बता दें कि भूपेन हजारिका को भारत रत्न से पहले कई सम्मानों से नवाजा गया। उन्हें पद्म विभूषण से लेकर दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और नेशनल अवॉर्ड आदी सम्मान मिले। 2009 में उन्हें असम रत्न और उसी साल संगीत नाटक अकादेमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। व्यक्तिगत जीवन में वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी माने जाते थे। असम के तिनसुकिया जिले के सदिया कस्बे में जन्मे हजारिका प्रतिभावान गीतकार, संगीतकार और गायक थे। उनके संगीत में असमिया, बांग्ला और हिंदी की मिठास महसूस की जाती थी।

वह दस भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। मां से उन्हें संगीत सीखने की प्रेरणा मिली थी। पारंपरिक असमिया संगीत उन्हें घुट्टी के रूप में मिला था। बचपन से ही उन्होंने अपनी रचनात्मकता दिखानी शुरू कर दी थी। बचपन में उन्होंने अपना पहला गीत लिखा और दस वर्ष की उम्र में गाया। जब वह महज बारह वर्ष के थे तब उन्होंने असमिया फिल्म इंद्रमालती के लिए काम किया और अपनी आवाज जादू बिखेरा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App