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‘फ़र्ज़ी आइएफ़एस अफ़सर’ ने अब दी खुदकुशी की धमकी

सुनील दत्त पांडेय मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के उपनिदेशक सौरभ जैन अब फर्जी पीसीएस अधिकारी रूबी चौधरी मामले को लेकर विवादों में घिर गए हैं। रूबी ने जैन पर घूसखोरी का आरोप लगाया है। वहीं जैन इस मामले में अपने को पाक-साफ बता रहे हैं। उन्होंने रूबी पर उनका चरित्र हनन […]

Author April 4, 2015 9:49 AM
रूबी ने अकादमी के उप निदेशक सौरभ जैन पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसे अकादमी में पुस्तकालय कर्मचारी के रूप में नौकरी देने के लिए 20 लाख रुपए मांगे थे।

सुनील दत्त पांडेय

मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के उपनिदेशक सौरभ जैन अब फर्जी पीसीएस अधिकारी रूबी चौधरी मामले को लेकर विवादों में घिर गए हैं। रूबी ने जैन पर घूसखोरी का आरोप लगाया है। वहीं जैन इस मामले में अपने को पाक-साफ बता रहे हैं। उन्होंने रूबी पर उनका चरित्र हनन करने का आरोप लगाया। वहीं रूबी का कहना है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी।

रूबी चौधरी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें जैन ने फोन पर मुंह बंद करने के लिए लालच देते हुए पांच करोड़ रुपए का ऑफर दिया था। लेकिन वह अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ लगातार लड़ती रहेगी। कोई भी ताकत उसका मुंह बंद नहीं करा सकेगी।

रूबी ने अकादमी के उप निदेशक सौरभ जैन पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसे अकादमी में पुस्तकालय कर्मचारी के रूप में नौकरी देने के लिए 20 लाख रुपए मांगे थे। उसने जैन को पांच लाख रुपए नगद दे दिए थे। इसकी जानकारी एकेडमी के निदेशक राजीव कपूर को भी थी। एसडीएम का फर्जी आइ कार्ड उसे दिलवाने में जैन की मुख्य भूमिका रही। उत्तराखंड की सीबीसीआइडी और स्पेशल टास्क फोर्स ने रूबी चौधरी के बयान दर्ज किए हैं। रूबी ने बताया कि पिछले साल जुलाई में विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उसकी अकादमी के उप निदेशक जैन से मुलाकात हुई थी।

जैन ने उसे बताया था कि उसे अकादमी में पुस्तकालय कर्मचारी के रूप में नौकरी मिल सकती है। क्योंकि अकादमी का एक कर्मचारी रिटायर होने वाला है। रूबी ने कहा कि वह 18 मार्च को अकादमी में आई तब उसके साथ उसका पति और उसका भाई भी थे। नौकरी न मिलने पर उसकी उप निदेशक सौरभ जैन से नोकझोंक भी हुई थी। इसके बाद जैन ने उसे फसाने का प्रयास किया।

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने कहा कि रूबी मामले की जांच गहराई से की जा रही है। वहीं रूबी चौधरी के पिता सत्यवीर सिंह और मां उमेश देवी ने कहा कि उनकी बेटी के साथ आइएएस अकादमी मसूरी के अधिकारियों ने अन्याय किया है।

रूबी ने अधिकारियों पर सौरभ जैन को बचाने का आरोप लगाते हुए रूबी चौधरी ने कहा कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी। रूबी ने आरोप लगाया कि अधिकारी प्रभावशाली आइएएस सौरभ जैन को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास कर रहे हैं। रूबी ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। रूबी ने कहा कि जैन को बचाने का एक सामूहिक प्रयास किया जा रहा है। आखिरकार अभी तक उनसे पूछताछ क्यों नहीं की गई है। अगर उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है तो उनमें सबके सामने आने की हिम्मत क्यों नहीं है।

आरोपी महिला ने नेहरू कालोनी पुलिस थाना के अधिकारियों पर मामले के संबंध में जीरो रिपोर्ट तक दर्ज न करने का आरोप लगाया। रूबी ने कहा कि उसे चल रही जांच से कोई खास उम्मीद नहीं है। उसका कहना था कि मामले के बाद उसका अपने परिवार और ससुरालवालों से संबंधों पर बुरा असर पड़ा है। वह गहरे अवसाद में है।

वहीं पुलिस सूत्रों ने कहा कि इस मामले में अगली कार्रवाई सीबी-सीआइडी की पुलिस अधीक्षक शहांजहां अंसारी के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल की जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। रूबी के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 420,467,468,471 और 170 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, अभी इस मामले में उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
अकादमी ने रूबी के दावों को निराधार बताया:

मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी ने शुक्रवार को फर्जी महिला आइएएस प्रशिक्षु के रूप में छह माह से अधिक समय तक संस्थान में ठहरी रूबी चौधरी के दावों और आरोपों को निराधार और द्वेषपूर्ण बताया। अकादमी के संयुक्त निदेशक डी नरियाला की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि कुछ समाचार माध्यमों में आई खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया में अकादमी रूबी चौधरी द्वारा संस्थान और उसके उप निदेशक सौरभ जैन के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से खारिज करती है।

अकादमी ने कहा कि कथित व्यक्ति द्वारा नौकरी दिलाने के झूठे वादे के आरोप निराधार और द्वेषपूर्ण हैं। आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया जाता है। बयान में कहा गया है कि अकादमी को मिली जानकारी के मुताबिक रूबी अकादमी के सुरक्षा गार्ड देव सिंह को आबंटित रिहायशी र्क्वाटर में अनधिकृत रूप से रह रही थीं और जब गत 27 मार्च को यह मामला अकादमी के सुरक्षा इंचार्ज की नोटिस में आया तो तत्काल इस विषय पर एक जांच गठित की गई।

मामला सामने आने के दो दिन बाद 29 मार्च को जब रूबी अकादमी आई, उसे सुरक्षा स्टाफ ने सुरक्षा इंचार्ज के सामने पेश होने को कहा। उसके बाद तत्काल जांच की गई और वरिष्ठ उप निदेशक और सुरक्षा इंचार्ज प्रेम सिंह ने रूबी के बयान दर्ज किए। बयान के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई। शुरुआती जांच पूरी होने के बाद, महिला को अकादमी छोड़ने के लिए कहा गया। उसके पहचान पत्र, वोटर आइडी जैसे दस्तावेजी रिकार्ड सुरक्षा स्टाफ ने जब्त कर लिए हैं। सुरक्षा गार्ड देव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

सुरक्षा में हुई चूक के संबंध में स्थानीय मसूरी थाने में 31 मार्च को एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई। महिला के गृह जिले मुजफफरनगर के जिलाधिकारी से महिला की पृष्ठभूमि के बारे में पता लगाने को कहा गया। मुजफफरनगर के जिलाधिकारी से एक अप्रैल को मिली रिपोर्ट भी दो अप्रैल को मसूरी पुलिस थाना के थानाध्यक्ष और देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेज दी गई है।

बयान के मुताबिक मामले की जांच के लिए बनाए गए विशेष जांच दल की मुखिया और अन्य सदस्यों ने शुक्रवार को अकादमी का दौरा किया और अधिकारियों व अन्य स्टाफ से बातचीत की। रूबी चौघरी से जब्त किए गए दस्तावेज और उससे पूछताछ की वीडियो रिकार्डिंग और सीसीटीवी फुटेज भी जांच दल को सौंप दी गई है।

अकादमी ने कहा है कि आधारहीन और द्वेषपूर्ण आरोपों का सामना कर रहे अकादमी के उपनिदेशक ने भी रूबी चौधरी के आरोपों का जोरदार खंडन करते हुए कहा है कि वह इन आधारहीन आरोपों से बहुत पीड़ा में हैं। वह महिला के खिलाफ सिविल और आपराधिक मानहानि मुकदमा करने समेत कड़ी विधिक कार्रवाई करेंगे।

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