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‘फ्री बेसिक्स’ बंद होने के बाद Facebook India की MD कीर्तिगा रेड्डी ने दिया इस्‍तीफा

कीर्तिगा फेसबुक से पहले मोटोरोला में प्रोडक्‍ट मैनेजमेंट डिपाटर्मेंट में डायरेक्टर थीं। वह सिलिकॉन ग्राफिक्स और फीनिक्स टेक्नोलॉजीज में काम कर चुकी हैं।

Author नई दिल्‍ली | February 13, 2016 10:13 AM
कीर्तिगा रेड्डी महाराष्ट्र के नांदेड़ में पली बढ़ीं हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग के बाद स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया।

फेसबुक इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्‍टर कीर्तिगा रेड्डी ने इस्तीफा दे दिया है। उन्‍होंने पद छोड़ने की खबर फेसबुक के उस ऐलान के बाद आई है, जिसमें कंपनी की ओर से ‘फ्री बेसिक्स’ को भारत में बंद करने की बात कही गई थी। बता दें कि नेट न्यूट्रैलिटी पर ट्राई के हालिया फैसले से फेसबुक को झटका लगा है। इसी के बाद कीर्तिगा ने कंपनी छोड़ी है, लेकिन वह फेसबुक के ही मेनलो पार्क हेडक्वार्टर्स में नए मौके चाहती हैं।

कीर्तिगा महाराष्ट्र के नांदेड़ में पली बढ़ीं हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग के बाद स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। 2011 में वह ‘फार्च्यून’ की 50 ताकतवर महिलाओं की लिस्ट में शामिल थीं। कीर्तिगा ने इस्तीफे के एलान के साथ अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘मुझे मालूम था कि एक दिन वापस यूएस जाना पड़ेगा। अगले 6 से 12 महीने कुछ नहीं बदलेगा। मैं अपनी बेटियों के साथ रहूंगी। मैंने मेनलो पार्क में फेसबुक में ही नए मौके तलाशने शुरू कर दिए हैं।’

कंपनी के सूत्रों के मुताबिक कीर्तिगा से इस्तीफे की उम्मीद नहीं थी। इसी वजह से कंपनी ने उनके बाद नए नाम का पहले से एलान नहीं किया है। फेसबुक से पहले वह मोटोरोला में प्रोडक्‍ट मैनेजमेंट डिपाटर्मेंट में डायरेक्टर थीं।
वह सिलिकॉन ग्राफिक्स और फीनिक्स टेक्नोलॉजीज में काम कर चुकी हैं।

‘फ्री बेसिक्स’ को लेकर ट्राई पर दबाव बनाने के लिए फेसबुक ने बड़ा अभियान चलाया था। फेसबुक ने अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन दिए थे। ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा था कि फ्री बेसिक्स पर सपोर्ट के लिए फेसबुक को हासिल हुए 14.34 लाख कमेंट्स के दबाव में ट्राई नहीं आएगा। शर्मा ने कहा था कि ट्राई को मिले सुझाव ओपिनियन पोल नहीं है। हमने लोगों से सुझाव मांगे थे, न कि ओपिनियन पोल कराया था।

आपको बता दें कि फेसबुक ने भारत में अपने विवादित ‘फ्री बेसिक्स’ प्रोजेक्ट को बंद कर दिया है। लेकिन दुनिया के करीब 30 देशों में इसे जारी रखा। दरअसल, ट्राई ने बीते सोमवार को नेट न्यूट्रैलि‍टी के हक में फैसला दिया था। ट्राई ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि नि‍यमों को तोड़ने पर 50 लाख रुपए तक का जुर्माना देना होगा। टेलिकॉम ऑपरेटर्स को नि‍यम लागू करने के लि‍ए छह महीने का वक्त दि‍या गया है। ट्राई के फैसले का सीधे तौर पर यह मतलब था कि फेसबुक अब फ्री बेसिक्स को जारी नहीं रख सकता।

क्या था फ्री बेसिक्स?
इस सर्विस को कोई भी यूजर अपने एंड्रॉइड स्मार्टफोन पर यूज कर सकता था। यहां उसे लिमिटेड सर्विस मिलती। फेसबुक ने फ्री बेसिक्स या इंटरनेट डॉट ओआरजी ऑफिशियली शुरू किया था, लेकिन कई एक्सपर्ट्स ने इसे नेट न्यूट्रैलिटी के खिलाफ बताया था। इस पर बहस शुरू हो गई थी। विरोध के बाद फेसबुक ने internet.org को Free Basics इंटरनेट के नाम से री-ब्रांड किया था।

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