ताज़ा खबर
 

कांग्रेस की हार पर अंखी दास ने लिखा था- 30 साल के जमीनी काम से भारत को स्टेट सोशलिज्म से मुक्ति मिली, फेसबुक विवाद में वॉल स्ट्रीट जर्नल का नया खुलासा

अमेरिकी अखबार 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक की सीनियर अधिकारी ने कांग्रेस की हार पर तंज़ कसते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी।

Facebook,FB,Nick Clegg,Mark Zuckerberg,Katie Harbath,Andy Stone,Ankhi Das,labor,personnel,corporateफेसबुक की सीनियर अधिकारी अंखी दास पर पक्षपात करने के आरोप लगे। (Facebook/Ankhi Das)

दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक अभी तक डेटा लीक को लेकर विवादों में थी। लेकिन अब इसका नाम राजनीतिक विवाद में भी आ गया है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में फेसबुक पर पक्षपात करने के आरोप लगे हैं। अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक की सीनियर अधिकारी ने कांग्रेस की हार पर तंज़ कसते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी।

रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक की सीनियर अधिकारी अंखी दास ने कांग्रेस की हार पर तंज़ कसते हुए लिखा था कि 30 साल से जमीनी काम के बाद भारत को स्टेट सोशलिज्म से मुक्ति मिली है। दास ने लिखा था ”आखिरकार, तीस साल के जमीनी काम से भारत को स्टेट सोशलिज्म से मुक्ति मिल गई।” वहीं, दूसरी तरफ उन्होने जीत के लिए नरेंद्र मोदी को स्ट्रॉन्गमैन बताया था। 2012 से 2014 के बीच दास ने ऐसे कई पोस्ट और मैसेज किए थे।

अंखी दास अक्तूबर 2011 से फ़ेसबुक के लिए काम कर रही हैं। वो भारत में कंपनी की पब्लिक पॉलिसी की प्रमुख हैं। दास के पोस्ट को लेकर फेसबुक का कहना है कि उन्होंने अनुचित पक्षपात नहीं दिखाया। फेसबुक के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा, ”पोस्ट का गलत संदर्भ समझा गया है।” कंपनी की तरफ से ये भी कहा गया है कि फेसबुक मुस्लिम विरोधी कट्टरता के खिलाफ है।

बता दें 14 अगस्त को वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक रिपोर्ट छपी थी जिसमें आरोप लगाया गया कि फ़ेसबुक ने भारत में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के सामने हथियार डाल दिए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फ़ेसबुक ने अपने मंच से बीजेपी नेताओं के नफ़रत फैलाने वाले भाषणों को रोकने के लिए ये कहते हुए कुछ नहीं किया कि सत्ताधारी दल के सदस्यों को रोकने से भारत में उसके व्यावसायिक हितों को नुक़सान हो सकता है।

रिपोर्ट में तेलंगाना से बीजेपी विधायक टी राजा सिंह की एक पोस्‍ट का हवाला दिया गया था जिसमें कथित रूप से अल्‍पसंख्‍यकों के ख़िलाफ़ हिंसा की वकालत की गई थी। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने राजा के पोस्ट का हवाला देते हुए लिखा था कि भारत में फेसबुक की पॉलिसी डायरेक्टर अंखी दास ने टी. राजा की भड़काऊ पोस्ट को हटाने का विरोध किया था। विरोध भी इसलिए, ताकि भाजपा से रिश्ते खराब न हो।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 फेफड़ों में संक्रमण के बाद पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत हुई गंभीर, वेटिंलेटर सपोर्ट जारी
2 राहुल गांधी बोले- भारतीय अर्थव्यवस्था 40 वर्षों में पहली बार भारी मंदी में, ‘असत्याग्रही’ इसका दोष ईश्वर को दे रहे हैं
3 बीते 24 घंटे में कोरोना के 69,921 नए मामले, 819 की मौत, कुल आंकड़ा 37 लाख के करीब पहुंचा
यह पढ़ा क्या?
X