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The Time का दावा- शिकायत पर भी नहीं हटाया असम बीजेपी विधायक का मुस्लिमों पर पोस्ट, बीच मीटिंग से चला गया था भाजपा के लिए काम कर चुका फ़ेसबुक अफ़सर

एक एनजीओ की शिकायत के बावजूद फेसबुक ने असम के एक भाजपा विधायक का नफरत से भरा पोस्ट एक साल तक नहीं हटाया। बीजेपी विधायक ने अपने पोस्ट में बांग्लादेशी मुसलमानों को बलात्कार के लिए दोषी ठहराया था।

Facebook, Bharatiya Janata Party (BJP), Narendra Modi, Mark Zuckerberg, Facebook Hate Speech Algorithms, Facebook, facebook hate speech, facebook hate speech report, Facebook's Hate-Speech Rules, jansatta newsशिकायत के बावजूद फेसबुक ने असम के एक भाजपा विधायक का नफरत से भरा पोस्ट एक साल तक नहीं हटाया। (File Photo)

दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक अभी तक डेटा लीक को लेकर विवादों में थी। लेकिन अब इसका नाम राजनीतिक विवाद में भी आ गया है। न्यूयॉर्क स्थित ‘द टाइम’ मैगज़ीन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक एनजीओ की शिकायत के बावजूद फेसबुक ने असम के एक भाजपा विधायक का नफरत से भरा पोस्ट एक साल तक नहीं हटाया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 में ‘अवाज़’ नाम के एनजीओ की शिकायतों के बावजूद असम के विधायक शिलादित्य देव का हेट पोस्ट नहीं हटाया है। देव ने अपने पोस्ट में बांग्लादेशी मुसलमानों को बलात्कार के लिए दोषी ठहराया था। यह पोस्ट पिछले एक साल से फेसबुक पर है और हटाया नहीं गया है। ‘अवाज़’ के एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि मामले पर जुलाई में एक घंटे की बैठक हुई थी, लेकिन फेसबुक के सबसे वरिष्ठ अधिकारी शिवनाथ ठुकराल आधी मीटिंग से यह कहकर चले गए कि उनके पास और भी जरूरी काम हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि शिलादित्य देव ने अपने फेसबुक से एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा एक लड़की को नशीली दवा देकर बलात्कार करने की एक रिपोर्ट शेयर की है। इस रिपोर्ट को शेयर कर उन्होंने लिखा ” 2019 में इसी तरह से बांग्लादेशी मुसलमान हमारे लोगों को निशाना बना रहे हैं।”

रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक में शामिल होने से पहले ठुकराल भाजपा के लिए काम करते थे। 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होने बीजेपी के लिए कैम्पेन किया था। ठुकराल ने पार्टी के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ मिलकर भाजपा समर्थक वेबसाइट और फेसबुक पेज चलाने में मदद की थी।

पिछले हफ्ते वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक रिपोर्ट के माध्यम से फेसबुक पर सवाल खड़े किए थे। रिपोर्ट में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने तेलंगाना के भाजपा विधायक टी. राजा की पोस्ट का हवाला देते हुए लिखा था कि भारत में फेसबुक की पॉलिसी डायरेक्टर अंखी दास ने टी. राजा की भड़काऊ पोस्ट को हटाने का विरोध किया था। विरोध भी इसलिए, ताकि भाजपा से रिश्ते खराब न हो।

इस पूरे विवाद के बाद फेसबुक की निष्पक्षता को लेकर सवाल तो खड़े हुए हैं। लेकिन, फेसबुक का कहना है कि पूरी दुनिया में उनकी पॉलिसी एक जैसी है और वो किसी भी राजनीतिक पार्टी की हैसियत नहीं देखती।

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