कोरोना की मारक क्षमता को कम कर सकते हैं व्यायाम, खेल- एक्सपर्ट्स

अध्ययन के मुताबिक कसरत न करने वाले और शारीरिक रूप से सक्रिय न रहने वाले मरीजों के मुकाबले खिलाड़ियों में कोविड-19 से होने वाली मौत का खतरा करीब ढाई गुना कम होता है।

Author Updated: April 25, 2021 4:09 PM
कोरोना, कोविड-19, हॉकीभारत में कोरोना का कहर जारी है (फोटो- PTI)

कोविड-19 महामारी की भयावहता में दिनोंदिन हो रहे इजाफे के बीच शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों का कहना है कि खेल या अन्य शारीरिक गतिविधियों में सक्रियता से कोविड-19 के गंभीर प्रभावों और उनके कारण अस्पताल में भर्ती होने की नौबत से बचा जा सकता है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ़ स्पोर्ट्स मेडिसिन तथा दक्षिण कैलिफोर्निया स्थित कायसर परमानेंट फोंटाना मेडिकल सेंटर के एक ताजा अध्ययन तथा कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी तथा कुछ अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं तथा चिकित्सकों ने पाया है कि कोविड-19 के जो मरीज बीमार होने से पहले लगातार कसरत या खेलों में हिस्सा लेते रहे हैं उनके अस्पताल में भर्ती होने, आईसीयू में रखे जाने और इस बीमारी के कारण उनकी मौत होने की आशंका सबसे कम रही है।

अध्ययन के मुताबिक कसरत न करने वाले और शारीरिक रूप से सक्रिय न रहने वाले मरीजों के मुकाबले खिलाड़ियों में कोविड-19 से होने वाली मौत का खतरा करीब ढाई गुना कम होता है। इसके अलावा उनके आईसीयू में दाखिल होने की संभावना भी अपेक्षाकृत 1.73 गुना कम होती है।स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट और भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के पूर्व फिजियो डॉक्टर सरनजीत सिंह के मुताबिक कसरत के दौरान पैदा होने वाले एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम के कारण सांस संबंधी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) का खतरा या तो खत्म हो जाता है या फिर बहुत कम रह जाता है। एआरडीएस उन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में से एक है जो कोविड-19 संक्रमित लोगों में होती है और इसकी वजह से होने वाली मौतों की दर भी बहुत ज्यादा है।

भारतीय खेल प्राधिकरण के रिसोर्स पर्सन रह चुके डॉक्टर सिंह ने पिछले साल मई में जर्नल रेडॉक्स बायोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि कसरत तथा खेल गतिविधियों में सक्रियता से उत्पन्न होने वाले एंटीऑक्सीडेंट ‘ईसीएसओडी’ की मदद सेएआरडीएस तथा दिल और फेफड़ों की अन्य बीमारियों से बचा जा सकता है। अगर नियमित रूप से कसरत की जाए तो शरीर में अधिक मात्रा में ईसीएसओडी का उत्पादन होगा जो किसी भी तरह के संक्रमण से निपटने के लिए शरीर को बेहतर क्षमता देगा।

उन्होंने कहा कि वैसे तो हर किसी को रोजाना कसरत करनी चाहिए लेकिन कोविड-19 महामारी के दौर में यह खास तौर पर और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। कसरत से हमारा रोग प्रतिरोधक तंत्र मजबूत होता है जिससे कोविड-19 समेत विभिन्न संक्रमण से लड़ने के लिए हमारा शरीर ज्यादा सक्षम बनता है।सिंह ने बताया कि हाल के समय में फुटबॉल सुपरस्टार क्रिस्टीयानो रोनाल्डो, ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार, विश्व के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच और दुनिया के नंबर एक गोल्फर खिलाड़ी डस्टिन जॉनसन समेत अनेक खिलाड़ी कोविड-19 से संक्रमित हुए। इसके अलावा भारतीय खेल प्राधिकरण के भोपाल केन्द्र में कम से कम 24 खिलाड़ी तथा 12 स्टाफ कर्मी कोविड-19 की जद में आए भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह समेत छह खिलाड़ी कोविड-19 से संक्रमित हुए, लेकिन यह सभी इस वायरस को मात देने में कामयाब रहे।

उन्होंने बताया कि इन सभी खिलाड़ियों में कोरोना के कोई जाहिर लक्षण नहीं थे और इनमें से किसी की भी तबीयत चिंताजनक स्थिति में नहीं पहुंची। बहुत जल्द वे सभी कोविड-19 के चंगुल से बाहर आ गए। पिछले साल अगस्त में कोविड-19 संक्रमित हुई भारत की शीर्ष महिला पहलवान विनेश फोगाट ने तो कोरोना से उबरने के बाद यूक्रेन में आयोजित टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक भी हासिल किया।

Next Stories
1 अपनी पार्टी की कोई ऐसी बयानबाजी, जिस पर होता हो अफसोस- रवीश का था सवाल, बोले थे शाह- ये गेम का पार्ट है, रूटीन बात है
2 कोरोनाः जब कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, तब PM पंचायती राज पुरस्कार बांट रहे थे, महानता अमर-अतुलनीय है- ऑक्सीजन की कमी पर रवीश कुमार का कड़ा कटाक्ष
3 7th Pay Commission: कोरोना काल में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को लाखों रुपए देने पर सरकार तैयार, जानें- किन किन पदों पर है लोगों की मांग?
यह पढ़ा क्या?
X