ईरान-अमेरिका में जारी युद्ध के कारण तेल व रसोई गैस आपूर्ति बाधित होने की चिंता दिल्ली के थोक बाजारों में बैठे व्यापारियों पर दिखने लगी है। उनका कहना है कि पहले ही 30 फीसदी मजदूर पलायन कर चुके हैं, जो सदर बाजार, चांदनी चौक, करोलबाग, जामा मस्जिद, खारी बावली, नई सड़क इत्यादि में माल उतारने और चढ़ाने का काम करते थे। अगर हालात नहीं सुधरे तो मजदूरों का पलायन तेजी से होगा।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री हेमंत गुप्ता ने कहा कि कुछ दिन पहले युद्धविराम के कारण लोगों ने राहत की सांस ली थी। खाद्य तेल के व्यवसाय में स्थिरता आने लगी थी, लेकिन फिर वही हालात हो गए।
फेस्टा के महासचिव राजेंद्र शर्मा ने कहा कि व्यापारियों का लगातार नुकसान हो रहा है। पहले ही 30 फीसद मजदूर पलायन कर चुके हैं। अब फिर एलपीजी की किल्लत होगी तो मजदूरों का पलायन शुरू हो जाएगा। माल उतारने और चढ़ाने का काम करने वाले मजदूरों ने बढ़ाया मेहनताना, कई कारखाने बंद।
वर्तमान में हाल यह है कि गैस की कमी के कारण सैंकड़ों होटल, ढाबे, रेस्तरां बंद होने की वजह से खाद्य तेल का व्यवसाय मंदा पड़ा हुआ है, अगर युद्ध लंबा चला तो खाद्य तेल व्यापारियों को काफी नुकसान होगा। फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा) के अध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने कहा कि युद्ध के कारण दहशत फैल रही है। हाल यह है कि बाजारों में माल की लागत के अनुसार पैसे नहीं मिल रहे हैं। व्यापारी अपना माल गोदामों में भरकर खाली बैठे हुए हैं। जिससे कई कारखाने बंद भी हो गए हैं। जो मजदूर पलायन कर गए वो अभी तक लौटकर नहीं आए हैं।
वहीं फेस्टा के महासचिव राजेंद्र शर्मा ने कहा कि व्यापारियों का लगातार नुकसान हो रहा है। पहले ही 30 फीसद मजदूर पलायन कर चुके हैं। अब फिर एलपीजी की किल्लत होगी तो मजदूरों का पलायन शुरू हो जाएगा। मजदूर 400 रूपए किलो सिलेंडर खरीदने से पहले ही परेशान हैं। उठान में लगे मजदूरों ने पहले ही अपना दाम बढ़ा दिया है क्योंकि मजदूरों का अभाव बाजारों में हो गया है।
सदर बाजार बारी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि बाजारों में काम करने वाले मजदूरों को लाकडाउन लगने का डर सताने लगा है। कई मजदूरों का कहना है कि मकान मालिक बिजली बिल मनमाना वसूल रहा है क्योंकि वो इंडक्शन पर खाना बना रहे हैं। बाजारों में होटल बंद हैं, जो हैं भी वहां पांच रुपए की रोटी दस रुपए में बिक रही है। बाजारों का हाल यह है कि कई-कई घंटों तक ग्राहक नहीं आ रहा, युद्ध के कारण लोगों ने खरीदारी कम कर दी है और पैसे घरों में बचाकर रख रहे हैं।
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कीमतें बढ़ने के चलते मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर नोएडा में फैक्टरी मजदूरों के सड़कों पर उतरने के एक दिन बाद सेक्टर 121 में क्लियो काउंटी के बाहर सैकड़ों घरेलू कामगारों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने भी अपनी तनख्वाह बढ़ाने की मांग की। पूरी खबर पढ़ें…
