केंद्र की मोदी सरकार अब अपने सचिवों (Secretaries) का स्कोरकार्ड के जरिए मूल्यांकन करेगी। पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन में सुधार करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। सभी विभागों के सचिवों को उनके प्रदर्शन का एक रिपोर्ट कार्ड सौंपा जाएगा। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कैबिनेट सेक्रेटेरिएट ने सचिवों को ‘एडमिनिस्ट्रेटिव स्कोरकार्ड’ का पहला सेट भेज दिया है। इसमें उनके निजी प्रदर्शन के साथ-साथ उनके विभाग के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें मिले नंबर का परसेंटेज दिखाया गया है। करीब 12 पैरामीटर पर सचिवों और उनके विभाग के प्रदर्शन को आंका गया है। इसके कुल 100 नंबर हैं और इसमें ‘नेगेटिव मार्किंग’ और ‘डिस्क्रिशनरी मार्क्स’ भी है।
सचिवों को भेजा जा चुका है ‘एडमिनिस्ट्रेटिव स्कोरकार्ड’ का पहला सेट
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कैबिनेट सेक्रेटरी डॉ. टी वी सोमनाथन ने सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2025 महीनों के लिए ‘एडमिनिस्ट्रेटिव स्कोरकार्ड’ का पहला सेट इस साल जनवरी के पहले हफ्ते में सचिवों को भेजा था। पैरामीटर में फाइल डिस्पोजल के लिए सबसे ज्यादा 20 मार्क्स हैं। इसके बाद आउटपुट/एक्टिविटीज और स्कीम्स पर खर्च और कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 15-15 मार्क्स हैं। पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल, कैबिनेट नोट्स, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (PMG), पे एंड अकाउंट्स ऑफिस (PAO) और चीफ कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स (CCA) द्वारा बिलों का समय पर डिस्पोजल पर भी नंबर दिए गए हैं।
स्कोरकार्ड में 12 नेगेटिव मार्क्स भी हैं। विदेशी दौरों या इवेंट्स पर ‘ज़्यादा खर्च’ वालों को नेगेटिव मार्किंग दी जाएगी। वहीं सचिव और उससे ऊपर के लेवल पर फाइलों के पेंडिंग होने और माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज को पेमेंट में देरी के लिए भी नेगेटिव मार्किंग है। इसके अलावा स्कोरकार्ड में 5 ‘डिस्क्रिशनरी मार्क्स’ का भी प्रोविजन है, जो कैबिनेट सेक्रेटरी किसी सेक्रेटरी या डिपार्टमेंट द्वारा किए गए असाधारण काम के लिए देंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या संदेश दिया था?
स्कोरकार्ड का कॉन्सेप्ट तब शुरू किया गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मौकों पर सरकार में अलग-अलग लेवल पर देरी को खत्म करने की जरूरत पर ज़ोर दिया। इसका मकसद सचिवों और उनके विभागों के एडमिनिस्ट्रेटिव परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी का आकलन करना है।
‘एडमिनिस्ट्रेटिव स्कोरकार्ड’ का इस्तेमाल किसी विभाग के प्रदर्शन की तुलना खुद के विभाग से और दूसरे विभाग से करने के लिए किया जाएगा। स्कोरकार्ड जारी करने की ज़रूरत समझाते हुए कैबिनेट सचिव ने सचिवों को लिखे एक पत्र में कहा है कि किसी चीज को पूरी सटीकता से नहीं मापा जा सकता, इसका मतलब यह नहीं है कि उसे बिल्कुल भी नहीं मापा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सिविल सर्विसेज परीक्षा में हिस्ट्री के स्टूडेंट के मार्क्स की तुलना फिजिक्स के स्टूडेंट के मार्क्स से करने का नियम है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जनता और सरकार नतीजों की उम्मीद करती है, बहाने की नहीं। कैबिनेट सेक्रेटरी ने सचिवों से फीडबैक और सुझाव भी मांगे हैं।
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