केरल में वरिष्ठ भाजपा नेता के सुदर्शन मांजेश्वर सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में वे महज 745 वोटों से हार गए थे, जबकि 2016 में हार का अंतर सिर्फ 89 वोटों का था। उन्होंने Indian Express से खास बातचीत में आगामी चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर अपने विचार साझा किए।

सवाल: वर्तमान में आप केरल के चुनाव को कैसे देखते हैं?

जवाब: इस समय केरल के सभी वर्ग लेफ्ट सरकार से नाराज हैं। विपक्ष में बैठी यूडीएफ (UDF) से भी लोग निराश हैं। कांग्रेस इस स्थिति में नहीं है कि वह सरकार को चुनौती दे सके। दोनों एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ संकट में है। यूडीएफ के पास विकास को लेकर कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं है। उनका घोषणापत्र देख लीजिए, वे महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की बात करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि इससे राज्य पर कितना आर्थिक बोझ पड़ेगा। साफ है कि कांग्रेस में विजन की कमी है।

सवाल: इस चुनाव में बीजेपी के लिए क्या उम्मीद है?

जवाब: बीजेपी पहले ही साबित कर चुकी है कि केरल में विकास की बात आती है तो वह बेहतर विकल्प है। केरल के लोगों ने कांग्रेस और लेफ्ट के उस दावे को खारिज कर दिया है कि भाजपा के लिए यहां कोई जगह नहीं है। बीजेपी ने लोकसभा में सीट जीती है और तिरुवनंतपुरम म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। इस बार के चुनाव में भी यही रुझान देखने को मिलेगा। हम अच्छी-खासी सीटें जीतने वाले हैं। इस बार न एलडीएफ और न ही यूडीएफ अपने दम पर बहुमत हासिल कर पाएंगे। बीजेपी की अहम भूमिका रहेगी और हमारे बिना हमारे समर्थन सरकार बनना मुश्किल होगा।

सवाल: यूडीएफ को एंटी-इंकंबेंसी का फायदा मिल सकता है। क्या बीजेपी भी ऐसी उम्मीद रखती है?

जवाब: जहां-जहां बीजेपी यूडीएफ का विकल्प बनकर उभर रही है, वहां हमें जरूर फायदा मिलेगा। तिरुवनंतपुरम म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में भी ऐसा ही हुआ था, जहां लोगों ने कांग्रेस की बजाय बीजेपी को बेहतर विकल्प माना। हालांकि यह पूरे केरल में एक जैसा ट्रेंड नहीं होगा। यह हमारी ताकत पर निर्भर करेगा कि हम कितनी मजबूती से खुद को पेश कर पाते हैं। जहां बीजेपी मजबूत होगी, वहां जनता यूडीएफ के बजाय हमें ही चुनेगी।

सवाल: यूडीएफ आरोप लगाती है कि बीजेपी और लेफ्ट के बीच कोई ‘सीक्रेट गठबंधन’ है?

जवाब: यह पूरी तरह गलत है। असल में कांग्रेस और लेफ्ट के बीच सीक्रेट डील है। जिन सीटों पर बीजेपी मजबूत है, वहां ये दोनों एकजुट होकर हमें रोकने की कोशिश करते हैं। हमारा लेफ्ट से कोई संबंध नहीं है। कांग्रेस मुस्लिम वोटों को प्रभावित करने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है। कम से कम 30 सीटें ऐसी हैं, जहां बीजेपी मजबूत स्थिति में है और वहां हमारा सीधा मुकाबला सीपीएम से है।

सवाल: कांग्रेस सबरीमाला जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठा रही है?

जवाब: हम इन मुद्दों को अपने प्रचार में प्रमुखता से उठा रहे हैं। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने भाषणों में गोल्ड स्मगलिंग जैसे मुद्दों का जिक्र किया है। इसका मतलब है कि पार्टी इन मुद्दों पर सक्रिय है। यह सिर्फ सबरीमाला का मुद्दा नहीं है, बल्कि अन्य मंदिरों से जुड़े मामलों में भी सवाल उठे हैं।

सवाल: आप मुस्लिम समाज के रुख को कैसे देखते हैं?

जवाब: पिछले कुछ वर्षों में मुस्लिम समाज का रुख बीजेपी के प्रति बदला है। उन्हें यह समझ आ रहा है कि बीजेपी और मोदी सरकार उनके खिलाफ नहीं है। सरकार ने उनके हित में कई काम किए हैं। हज यात्रा में पारदर्शिता लाई गई है। अब धीरे-धीरे सामाजिक और राजनीतिक दूरी भी कम हो रही है। इफ्तार पार्टियों में भी हमें निमंत्रण मिल रहा है।

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