दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित होटल फ्लोरिश में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। होटल का मालिक लवकेश बजाज मौके से फरार हो गया था। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं।

दिल्ली पुलिस को पता चला है कि लवकेश बजाज ने इस बिल्डिंग के लाइसेंस को अपने अकाउंटेंट के नाम पर लिया था। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि यह बिल्डिंग करीब छह साल पुरानी है। पहले यहां गारमेंट कारोबार होता था, लेकिन बाद में लवकेश बजाज ने इस प्रॉपर्टी को खरीद लिया। प्रॉपर्टी खरीदने के बाद उसने इसे बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) एस्टैब्लिशमेंट में तब्दील कर दिया।

लवकेश बजाज का पूरा खेल

असल में जिस इलाके में होटल फ्लोरिश स्थित है, वहां विदेशी मरीजों और मेडिकल टूरिस्ट्स का आना-जाना काफी रहता है। पास में मैक्स हॉस्पिटल होने की वजह से भी यहां अच्छी ऑक्युपेंसी देखने को मिलती है। दिल्ली सरकार की एक पुरानी योजना के तहत बेड एंड ब्रेकफास्ट सुविधा तभी संचालित की जा सकती है जब प्रॉपर्टी किसी निजी होम ओनर के नाम पर हो। इसी शर्त को पूरा करने के लिए बजाज ने चालाकी से यह प्रॉपर्टी अपनी अकाउंटेंट जय मिश्रा के नाम पर खरीद ली।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय भी बजाज ने दस्तावेजों में मिश्रा को ही प्रॉपर्टी का मालिक बताया। यह भी दर्शाया गया कि वह वहीं पर रहता है। समय के साथ लवकेश बजाज ने बढ़ती मांग को देखते हुए तीन मंजिला इमारत को छह मंजिला बना दिया। इसके साथ ही छह कमरों वाली इस बिल्डिंग में कमरों की संख्या बढ़ाकर 26 कर दी गई।

दिल्ली सरकार की योजना का फायदा

लवकेश बजाज ने दिल्ली सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) योजना का फायदा उठाया। इस योजना के तहत घर का मालिक अपने मकान को कानूनी रूप से पर्यटकों के ठहरने की जगह के रूप में पंजीकृत करा सकता है। यह योजना 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान शुरू की गई थी। इसके बाद कई इलाकों में लोगों ने अपने घरों को बेड एंड ब्रेकफास्ट सुविधाओं में बदल दिया। इसके लिए लाइसेंस दिल्ली पर्यटन विभाग द्वारा जारी किए जाते हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल के अनुसार, दक्षिण दिल्ली में 133 पंजीकृत B&B सुविधाएं हैं। इनमें होटल फ्लोरिश का नाम भी सूची में शामिल है। रिकॉर्ड में जय मिश्रा को इस प्रॉपर्टी का मालिक बताया गया है। दस्तावेजों के अनुसार, इस प्रॉपर्टी का पंजीकरण मई 2027 तक वैध है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि बजाज ने B&B योजना का गलत फायदा उठाया। आरोप है कि उसने कमरों की संख्या नियमों से अधिक बढ़ा दी और दूसरे व्यक्ति के नाम पर लाइसेंस लेकर प्रशासन की आंखों में धूल झोंकी।

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