Petrol Diesel Excise Duty Cut: मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये घटा दी है। इस फैसले के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है। डीजल पर एक्साइज ड्यूटी शून्य हो गई। पिछले कुछ दिनों से देश के अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल की पैनिक बाइंग हो रही है, उस बीच सरकार ने यह फैसला लिया है।
सरकार के इस फैसले से पंप पर पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। इस कदम से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को राहत देने की कोशिश हुई है। सरकार चाहती है कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ी लागत को कंट्रोल किया जा सके।
यह फैसला उस समय आया है जब Nayara Energy ने गुरुवार को पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद वैश्विक तेल कीमतों में हाल ही में हुई भारी वृद्धि का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने के लिए की गई।
भारत में ईंधन मार्केटिंग कंपनियां दबाव में हैं क्योंकि 28 फरवरी से अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में लगभग 50% की बढ़ोतरी के बावजूद खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई थीं। ऐसे में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को कुछ राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी घटा दी गई है।
राहत की बात यह है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी पीएलसी ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर भारी नुकसान उठाने के बावजूद अब तक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। सरकारी स्वामित्व वाली ईंधन रिटेलर कंपनियां, जिनका बाज़ार में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा है, अभी भी कीमतों को स्थिर बनाए हुए हैं।
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