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पूर्व PM समेत 4 CM, 6 पूर्व CM और दर्जनभर पूर्व केंद्रीय मंत्रियों की हुंकार- मोदी को भगा देश बचाएंगे

कोलकाता के ‘‘ब्रिगेड परेड ग्राउंड में ऐतिहासिक ‘‘एकजुट भारत रैली’’ में एक पूर्व प्रधानमंत्री, 4 मुख्यमंत्री, 6 पूर्व मुख्यमंत्री सहित दर्जनभर पूर्व केंद्रीय मंत्रियों ने भाग लिया। सबने एक सुर से पीएम नरेंद्र मोदी को भगा देश को बचाने की हुंकार भरी।

कोलकाता रैली में जुटे विपक्षी दलों के नेता। (Photo: ANI)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ शनिवार को हुई विपक्ष की महारैली में लगभग 2 दर्जन पार्टियों के नेताओं ने हिस्सा लिया। कोलकाता के ‘‘ब्रिगेड परेड ग्राउंड में ऐतिहासिक ‘‘एकजुट भारत रैली’’ में एक पूर्व प्रधानमंत्री, 4 मुख्यमंत्री, 6 पूर्व मुख्यमंत्री सहित दर्जनभर पूर्व केंद्रीय मंत्रियों ने पीएम नरेंद्र मोदी को भगा देश को बचाने की हुंकार भरी। रैली को लेकर आयोजक पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि यह आगामी लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए ‘‘ताबूत में आखिरी कील’’ होगी।

रैली में पूर्व प्रधानमंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री एचडी देवगौड़ा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गेगोंग अपांग, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार, पूर्व केंद्रीय मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे, अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा, फारुख अब्दुल्ला व शरद पवार (केंद्रीय मंत्री भी रहे), शरद यादव, जयप्रकाश यादव, ममता बनर्जी (केंद्रीय मंत्री भी रही हैं), अजित चौधरी और प्रफुल्ल पटेल शामिल हुए।

भले ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती रैली में शामिल नहीं हुई लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र उनकी ओर से मौजूद रहे। बिहार में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव, गुजरात में पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल व दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने भी इस रैली को संबोधित किया।

देश के तमाम विपक्षी नेताओं ने मंच से मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने की हुंकार भरी। हार्दिक पटेल ने कहा, “नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने ‘गोरों’ के खिलाफ लड़ने की अपील की थी और हम ‘चोरों’ के खिलाफ लड़ रहे हैं। यहां का जनसैलाब इस बात का संकेत है कि भाजपा सत्ता से बाहर जा रही है।” दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस की विपक्षी रैली में कई विपक्षी दलों का एकसाथ आना आगामी लोकसभा चुनाव में बदलाव का संदेश देता है। ‘महागठबंधन’ आरएसएस और भाजपा की हार सुनिश्चित करेगा। भाजपा के साढ़े चार साल के शासन में गरीबों, अल्पसंख्यकों और दलितों के शोषण से देश अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है।” वहीं, फारुख अब्दुल्ला ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा, “ईवीएम मशीन चोर मशीन है।”

पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने रैली में केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “आजादी के बाद यह पहली सरकार है जो विकास के आंकड़ों के साथ ‘बाजीगरी’ कर रही है। मौजूदा शासन में अगर आप सरकार की तारीफ करते हैं तो वह ‘देश भक्ति’ है और अगर आलोचना करते हैं तो वह ‘देश द्रोह’ है। आजादी के बाद यह पहली सरकार है जो जनता को मूर्ख बनाने के लिए विकास के झूठे और मनगढ़ंत आंकड़े पेश कर रही है।’’ पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने नरेन्द्र मोदी सरकार के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास’ का भी मजाक बनाया। उन्होंने इसे ‘सबका साथ, सबका विनाश’ बताया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने महारैली की प्रशंसा की और कहा कि विपक्षी गठबंधन का मकसद भाजपा को हराना एवं धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाना है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन ने भाजपा को देश से उखाड़ फेंकने का आह्वान करते हुए विपक्षी दलों से अपील की कि अगले लोकसभा चुनावों में वे ‘‘सांप्रदायिक’’ पार्टी को ‘‘करारा’’ जवाब दें। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछती है। हम पूछते हैं कि मोदी ने तो देश को निराश कर दिया, अब आपके पास प्रधानमंत्री पद के लिए कौन सा चेहरा है।

बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चन्द्र मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बसपा-सपा गठबंधन केन्द्र की ‘दलित-विरोधी’ और ‘अल्पसंख्यक-विरोधी’ राजग सरकार के अंत की शुरूआत है। उन्होंने कहा कि इस ‘सफल’ रैली से पुष्टि हो गई है कि बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान को सुरक्षित रखने के लिए भाजपा को हराना जरूरी है।

द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने शनिवार को कहा कि आगामी आम चुनाव भाजपा के ‘‘कट्टर हिंदुत्व’’ के खिलाफ भारत के लोगों के लिए आजादी की दूसरी लड़ाई के समान होंगे।  भारत को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में से एक बताते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज हम केन्द्र में कुछ ‘अलोकतांत्रिक’ लोगों को ‘लोकतांत्रिक’ सरकार की अगुवाई करते देख रहे हैं। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने सबरीमला मंदिर में रजस्वला महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर केरल में कायम तनाव का हवाला देते हुए शनिवार को भाजपा पर आरोप लगाया कि वह पूरे देश में मंदिरों में ‘‘कलह’’ पैदा कर रही है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से केंद्र में ‘‘खतरनाक’’ भाजपा सरकार को किसी भी कीमत पर हराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश गंभीर संकट के दोराहे पर है। देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए मोदी सरकार को तुरंत बदलने की जरूरत है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि देश से हर हाल में मोदी सरकार को उखाड़ फेंकना है। वहीं, ममता बनर्जी नारा दिया, ‘बदल दो, बदल दो, दिल्ली की सरकार बदल दो’। (भाषा इनपुट के साथ)

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